नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने वेस्टइंडीज के खिलाफ जारी मौजूदा सीरीज के बीच टीम इंडिया में महत्वपूर्ण बदलावों का ऐलान किया है। हमारी ग्राउंड डेस्क और खेल रिपोर्टिंग टीम को मिले आधिकारिक इनपुट्स के मुताबिक, टीम के तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा चोट के चलते वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज के शेष मुकाबलों से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह चयनकर्ताओं ने घरेलू क्रिकेट और इंडिया ए के लिए लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे युवा तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज को भारतीय वनडे दल में शामिल किया है।
चोट बनी प्रसिद्ध कृष्णा के बाहर होने की वजह
दूसरे वनडे मुकाबले के दौरान प्रसिद्ध कृष्णा को चोट लग गई थी, जिसके बाद मेडिकल टीम ने उनकी बारीकी से जांच की। स्कैन और रिपोर्ट्स के आधार पर यह फैसला लिया गया कि उन्हें पूरी तरह से फिट होने के लिए पर्याप्त आराम की जरूरत है। इसी मेडिकल एडवाइजरी के मद्देनजर बीसीसीआई ने उन्हें वेस्टइंडीज सीरीज के बाकी मैचों से रिलीज करने का निर्णय लिया। कृष्णा की गैरमौजूदगी गेंदबाजी आक्रमण के लिए एक झटका जरूर है, लेकिन इससे बेंच स्ट्रेंथ की गहराई परखने का एक नया मौका भी मिल गया है।
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घरेलू क्रिकेट और इंडिया 'ए' का शानदार प्रदर्शन
अंशुल कंबोज का भारतीय सीनियर टीम में चुना जाना उनके हालिया घरेलू और 'ए' दौरों के प्रदर्शन का सीधा परिणाम है। हाल ही में भारत 'ए' और ऑस्ट्रेलिया 'ए' के बीच खेले गए मुकाबलों में अंशुल ने अपनी गेंदबाजी से खासा प्रभावित किया था। उन्होंने उस मैच में अपनी धारदार गेंदबाजी का मुजाहिरा करते हुए 3 महत्वपूर्ण विकेट झटके थे। इसके अलावा, घरेलू सर्किट में भी उनका वर्कलोड मैनेजमेंट और विकेट लेने की क्षमता चयनकर्ताओं की नजरों में रही है।
टी20 टीम में भी बदलाव: वॉशिंगटन सुंदर की जगह नमन धीर
केवल वनडे फॉर्मेट ही नहीं, बल्कि आगामी टी20 सीरीज के लिए भी भारतीय टीम में बदलाव किए गए हैं। ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर को टी20 सीरीज के दल से बाहर होना पड़ा है, और उनकी जगह युवा बल्लेबाज व ऑलराउंडर नमन धीर को टीम में जगह दी गई है। चयन समिति का यह कदम युवा प्रतिभाओं को लगातार अवसर देने और भविष्य की बेंच स्ट्रेंथ तैयार करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
अंशुल कंबोज के आने से टीम को क्या फायदा मिलेगा?
- अतिरिक्त पेस और उछाल: अंशुल के पास लाइन और लेंथ पर नियंत्रण के साथ-साथ पिचों से अतिरिक्त उछाल हासिल करने की कला है।
- मानसिक दृढ़ता: घरेलू क्रिकेट और इंडिया 'ए' के हाई-प्रेशर मैचों में खेलने का अनुभव उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव से निपटने में मदद करेगा।
- टीम संयोजन में संतुलन: उनके आने से कप्तान और कोच को प्लेइंग इलेवन चुनते समय गेंदबाजी में एक और मजबूत विकल्प मिल गया है।
वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे और अंतिम वनडे मुकाबले से पहले अंशुल कंबोज का भारतीय दल से जुड़ना उनके करियर का एक टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कप्तान उन्हें अंतिम एकादश में तुरंत मौका देते हैं या फिर उन्हें अपनी बारी का थोड़ा और इंतजार करना होगा। हमारी टीम इस अपडेट पर लगातार नजर बनाए रखेगी।








