भारतीय क्रिकेट में इन दिनों चयन समिति के सबसे बड़े सवाल को लेकर चर्चाएं गर्म हैं। शुक्रवार को मुंबई स्थित बीसीसीआई मुख्यालय में हुई भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की 95वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में भी इस पर से पूरी तस्वीर साफ नहीं हो पाई। हर किसी की नजर इस बात पर थी कि क्या अजीत अगरकर का कार्यकाल आगे बढ़ाया जाएगा या फिर चयन समिति के अध्यक्ष पद पर किसी नए चेहरे को मौका मिलेगा। लेकिन बैठक खत्म होने के बाद भी बोर्ड ने इस पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
अजीत अगरकर के भविष्य पर सस्पेंस बरकरार
अजीत अगरकर का मौजूदा कार्यकाल अब समाप्त होने की कगार पर है। ऐसे में AGM से ठीक पहले कयास लगाए जा रहे थे कि उनके भविष्य को लेकर कोई बड़ा फैसला सामने आ सकता है। हालांकि, बैठक में शामिल सदस्य इकाइयों ने इस मामले पर आगे का पूरा निर्णय बोर्ड के शीर्ष पदाधिकारियों पर छोड़ दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि पदाधिकारी अगरकर पर क्या रुख अपनाते हैं।
बैठक के तुरंत बाद बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने साफ किया कि चयन समितियों से जुड़े सभी मामलों पर फैसला लेने के लिए अब पदाधिकारियों को पूरी तरह अधिकृत कर दिया गया है। इसके अलावा बोर्ड के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने भी इस बात की पुष्टि की है कि चयन समिति को लेकर आगे की प्रक्रिया अब बोर्ड के पदाधिकारी ही तय करेंगे। फिलहाल मामला टला जरूर है, लेकिन खत्म नहीं हुआ है।
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जूनियर चयन समिति के पांचों पदों पर भी रहेगी नजर
बीसीसीआई के सामने सिर्फ सीनियर चयन समिति के अध्यक्ष का ही सवाल नहीं है, बल्कि बोर्ड के पास जूनियर चयन समिति के सभी पांचों पदों को भरने की भी बड़ी जिम्मेदारी है। चूंकि AGM में चयन समितियों से जुड़े सभी मामलों के अधिकार पदाधिकारियों को सौंप दिए गए हैं, इसलिए इन पांचों पदों पर नई नियुक्तियों की प्रक्रिया भी अब वही आगे बढ़ाएंगे।
आपको बता दें कि अजीत अगरकर जुलाई 2023 में पुरुष सीनियर चयन समिति के चेयरमैन बने थे। इसके बाद साल 2025 की एजीएम में भी उन्हें पांच सदस्यीय समिति में बरकरार रखा गया था। उनके कार्यकाल के दौरान भारतीय टीम ने कई बड़े टूर्नामेंट खेले हैं, ऐसे में क्रिकेट फैंस और जानकारों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि बोर्ड उन्हें आगे भी मौका देता है या किसी नए व्यक्ति को यह कमान सौंपी जाती है।
अरुण धूमल आईपीएल गवर्निंग काउंसिल में बरकरार
इस हाई-प्रोफाइल बैठक में आईपीएल गवर्निंग काउंसिल को लेकर भी मुहर लग गई। जनरल बॉडी के दो प्रतिनिधियों—अरुण सिंह धूमल और एम. खैरुल जमाल मजूमदार को आईपीएल गवर्निंग काउंसिल के लिए चुना गया है। अरुण सिंह धूमल का इसमें बने रहना पहले से ही तय माना जा रहा था। इस दौरान मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने भी बीसीसीआई से अपने यहां और अधिक प्रमुख मुकाबले आवंटित करने का खास अनुरोध किया।
मुंबई स्थित बीसीसीआई मुख्यालय में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में कई दिग्गज शामिल हुए। इसमें देश भर के राज्य क्रिकेट संघों के प्रतिनिधि पहुंचे, जिनमें पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली और पूर्व तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद की मौजूदगी भी खास आकर्षण का केंद्र रही। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बीसीसीआई के पदाधिकारी जल्द ही अगरकर के भविष्य को लेकर क्या बड़ा कदम उठाते हैं।
"भारतीय क्रिकेट को आगे ले जाने और घरेलू ढांचे को मजबूत करने के लिए हमने आज की बैठक में कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। सभी सदस्यों का सहयोग सराहनीय रहा है।" — राजीव शुक्ला, उपाध्यक्ष, बीसीसीआई
बीसीसीआई AGM के 10 बड़े फैसले: अंपायरों की फीस से लेकर शताब्दी समारोह तक
मुंबई में हुई इस 95वीं वार्षिक आम बैठक में भारतीय क्रिकेट के भविष्य को ध्यान में रखते हुए कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इनमें वित्तीय मामलों से लेकर खिलाड़ियों और अंपायरों के हितों से जुड़ी बातें शामिल थीं:
- आईपीएल गवर्निंग काउंसिल: अरुण सिंह धूमल और एम. खैरुल जमाल मजूमदार को गवर्निंग काउंसिल में शामिल किया गया।
- वित्तीय मंजूरी: वित्त वर्ष 2025-26 के ऑडिटेड खातों और 2026-27 के नए वार्षिक बजट को पास कर दिया गया।
- आईपीएल का 20वां सीजन: साल 2027 में आने वाले आईपीएल के 20वें सीजन को बेहद भव्य तरीके से मनाने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।
- बीसीसीआई के 100 साल: साल 2028 में बोर्ड अपने 100 साल पूरे करेगा, जिसका शताब्दी समारोह दिसंबर 2027 से पूरे साल भर धूमधाम से मनाया जाएगा।
- अंपायरों और रेफरी की फीस: मैच अधिकारियों और अंपायरों के भुगतान के नियमों में बदलाव करते हुए उनकी फीस बढ़ाने की मंजूरी दी गई।
- नई आंतरिक समिति: कार्यस्थल पर सुरक्षा और नियमों के तहत 'प्रिवेंशन ऑफ सेक्सुअल है harassment पॉलिसी' के तहत नई इंटरनल कमेटी बनाई गई।
- उम्र सत्यापन नीति: बोर्ड की एज वेरिफिकेशन पॉलिसी को अपडेट कर दिया गया है ताकि पारदर्शिता पूरी तरह बनी रहे।
- दिव्यांग क्रिकेटरों के लिए सुविधाएं: राज्य संघों के साथ मिलकर दिव्यांग खिलाड़ियों को बेहतर संसाधन और सुविधाएं देने पर गंभीर चर्चा हुई।





