एशियन गेम्स 2026 के लिए श्रीलंका ने चुनी युवा और अनुभवी खिलाड़ियों की मिली-जुली टीम
आगामी एशियन गेम्स 2026 को लेकर क्रिकेट जगत में सुगबुगाहट तेज हो गई है। इसी कड़ी में श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने अपनी 15 सदस्यीय टी20 इंटरनेशनल स्क्वाड की औपचारिक घोषणा कर दी है। इस टीम में चयनकर्ताओं ने अनुभव और युवा जोश का एक अनोखा मेल बिठाने की कोशिश की है। टीम की कमान एक बार फिर से अनुभवी ऑलराउंडर सहान अराचचिगे के हाथों में सौंपी गई है, जिन्होंने पिछले एशियन गेम्स में भी टीम का नेतृत्व किया था। हालांकि पिछले संस्करण में श्रीलंकाई टीम को अफगानिस्तान के हाथों हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद इस बार टीम बेहतर प्रदर्शन करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी।
श्रीलंका क्रिकेट के इस दल में कुछ ऐसे फैसले भी लिए गए हैं जिन्होंने खेल प्रेमियों को चौंका दिया है। बोर्ड ने अपने कुछ प्रमुख सीनियर टी20 खिलाड़ियों को इस टूर्नामेंट से दूर रखा है, लेकिन इसके बावजूद बेंच स्ट्रेंथ को मजबूत करने के लिए कई नए चेहरों को शामिल किया गया है। टीम प्रबंधन का मुख्य फोकस एशियाई परिस्थितियों में स्पिन गेंदबाजी को धार देना और मध्य क्रम को मजबूती प्रदान करना है।
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निरोशन डिकवेला और आशेन बंडारा की सालों बाद टी20 टीम में वापसी
इस स्क्वाड का सबसे बड़ा आकर्षण अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज निरोशन डिकवेला और आशेन बंडारा की वापसी है। आशेन बंडारा ने जहां अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच साल 2023 में खेला था, वहीं निरोशन डिकवेला ने साल 2021 के बाद से कोई टी20 इंटरनेशनल मैच नहीं खेला था। चयनकर्ताओं का यह दांव काफी चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि हाल ही में संपन्न हुई लंका प्रीमियर लीग (LPL 2026) में इन दोनों खिलाड़ियों का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था।
लंका प्रीमियर लीग के दौरान आशेन बंडारा ने कोलंबो कैप्स की तरफ से खेलते हुए तीन मैचों में केवल 28 रन बनाए थे। वहीं, निरोशन डिकवेला ने दांबुला सिक्सर्स के लिए खेलते हुए महज 110 रन बनाए थे। खराब फॉर्म के बावजूद इन दोनों खिलाड़ियों को उनके लंबे अंतरराष्ट्रीय अनुभव के आधार पर एशियन गेम्स की स्क्वाड में शामिल किया गया है। टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि ये दोनों खिलाड़ी बड़े मंच पर अपने अनुभव का पूरा फायदा उठाकर टीम के लिए उपयोगी साबित होंगे।
इन युवा खिलाड़ियों को पहली बार मिला अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमकने का मौका
श्रीलंका ने अपने भविष्य को ध्यान में रखते हुए चार युवा खिलाड़ियों को पहली बार टी20 इंटरनेशनल स्क्वाड में शामिल किया है। इन उभरते हुए सितारों में सिनेथ जयवर्धने, सोहन डी लिवेरा, वानुजा सहान और गरुका संकेत का नाम प्रमुखता से शामिल है। घरेलू सर्किट और एलपीएल में अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर इन खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का दरवाजा खटखटाया था।
युवा खिलाड़ियों के शामिल होने से टीम में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है। चयनकर्ताओं का मानना है कि एशियन गेम्स जैसे प्रतिष्ठित बहु-खेलात्मक मंच पर खेलने से इन युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय दबाव को झेलने और सीखने का अभूतपूर्व अवसर मिलेगा। श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड लगातार अपनी बेंच स्ट्रेंथ को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है और यह चयन उसी रणनीति का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है।
स्पिन विभाग सबसे बड़ी ताकत, अनुभवी गेंदबाजों पर दारोमदार
एशियन एशियाई पिच्छों की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए श्रीलंका ने अपने स्पिन विभाग को बेहद मजबूत और विविधतापूर्ण बनाया है। टीम में बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर और कप्तान सहान अराचचिगे खुद मौजूद हैं, जिन्होंने एलपीएल में शानदार गेंदबाजी करते हुए 10 मैचों में 9 विकेट चटकाए थे। उनके अलावा लेग स्पिनर विजयकांत वियासकंत, दुषान हेमंत और थरिंदू रत्नायके के चयन से श्रीलंका का स्पिन अटैक दुनिया के किसी भी बल्लेबाजी क्रम को तहस-नहस करने का माद्दा रखता है।
तेज गेंदबाजी आक्रमण की बात करें तो नुवान तुषारा और बिनुरा फर्नांडो जैसे अनुभवी पेसर टीम को शुरुआती ओवरों में सफलता दिलाने की जिम्मेदारी संभालेंगे। डेथ ओवरों में नुवान तुषारा की सटीक यॉर्कर गेंदबाजी श्रीलंका के लिए ट्रंप कार्ड साबित हो सकती है। गरुका संकेत भी तेज गेंदबाजी में एक नया और तेज विकल्प प्रदान करते हैं।
"एशियन गेम्स हमारे लिए देश का नाम रोशन करने का एक और बड़ा मौका है। हमने टीम में युवाओं और अनुभवी खिलाड़ियों का बेहतरीन संतुलन बनाया है। हमें पूरा विश्वास है कि हमारे खिलाड़ी इस बार मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देंगे और देश के लिए पदक जीतकर लौटेंगे।"— श्रीलंका क्रिकेट टीम प्रबंधन
सीधे क्वार्टर फाइनल में उतरेगी श्रीलंकाई टीम, 29 सितंबर को होगा पहला मुकाबला
एशियन गेम्स 2026 के फॉर्मेट के अनुसार, श्रीलंका की पुरुष क्रिकेट टीम को शुरुआती ग्रुप स्टेज के मैचों से सीधी छूट मिली है। श्रीलंकाई टीम को सीधे क्वार्टर फाइनल का टिकट मिला है, जो उनकी रैंकिंग और पिछले रिकॉर्ड्स को देखते हुए तय हुआ था। टीम अपना पहला और महामुकाबला आगामी 29 सितंबर को निशीन के मैदान पर खेलेगी।
कप्तान सहान अराचचिगे के सामने इस बार सबसे बड़ी चुनौती टीम को पिछले संस्करण की निराशा से उबारने की होगी। पिछले एशियन गेम्स में श्रीलंका की टीम क्वार्टर फाइनल या नॉकआउट चरण में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई थी और टूर्नामेंट से बाहर हो गई थी। इस बार कप्तान अराचचिगे और कोचों की जोड़ी कोई भी कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहती है। टीम के सभी खिलाड़ी अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं और फैंस को उम्मीद है कि इस बार श्रीलंकाई टीम पोडियम फिनिश करने में जरूर सफल होगी।






