गुवाहाटी: द फ्रीलान्स की ऑन-द-ग्राउंड रिपोर्टिंग और खेल विश्लेषकों की पैनी नजरों के बीच, भारतीय क्रिकेट टीम एक बार फिर अपनी गेंदबाजी की पुरानी कमजोरियों से जूझती नजर आ रही है। वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए दूसरे वनडे मुकाबले में गुवाहाटी की पिच पर जो कुछ हुआ, उसने न केवल मैच का परिणाम बदला बल्कि क्रिकेट गलियारों में सनसनी फैला दी है। 2027 के वनडे विश्व कप की तैयारियों का दावा करने वाली टीम मैनेजमेंट के लिए यह मुकाबला किसी बड़े झटके से कम नहीं है।
मॉर्कल की राह आसान नहीं, बराड़ पर उठे सवाल
युवा तेज गेंदबाज गुरनूर बराड़ से टीम प्रबंधन को काफी उम्मीदें थीं। माना जा रहा था कि वह गेंदबाजी कोच मोर्ने मॉर्कल के मार्गदर्शन में अपनी लय हासिल कर रहे हैं और आधुनिक क्रिकेट की जरूरतों के मुताबिक ढल रहे हैं। हालांकि, मैदान पर हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत नजर आई। क्रिकइन्फो के आंकड़ों और हमारे फील्ड असेसमेंट के मुताबिक, मॉर्कल का अनुसरण करना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तुरुप का इक्का साबित होना दो अलग बातें हैं। बराड़ के आगे का रास्ता बिल्कुल भी आसान नहीं रहने वाला है, क्योंकि उनकी गेंदबाजी में नियंत्रण की भारी कमी साफ दिखाई दी।
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भुवनेश्वर कुमार के शर्मनाक क्लब में हुई एंट्री
गुवाहाटी वनडे में गुरनूर बराड़ के प्रदर्शन ने उन्हें एक अनचाहे और शर्मनाक रिकॉर्ड की दहलीज पर ला खड़ा किया है। वरिष्ठ गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार के उस अनचाहे क्लब में अब बराड़ का नाम भी जुड़ गया है, जहां गेंदबाजों ने अपने करियर में एक से अधिक बार 90 से अधिक रन खर्च किए हैं। आज तक की रिपोर्ट के अनुसार, बराड़ अपने इस स्पेल के दौरान शतक (100 रन) बनाने से बाल-बाल बचे, लेकिन जिस तरह से विपक्षी बल्लेबाजों ने उनकी गेंदों की धुलाई की, उसने टीम चयन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दिनेश कार्तिक की दो टूक सलाह और प्लेइंग 11 पर मंथन
मैच के बाद पूर्व भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज दिनेश कार्तिक ने जनसत्ता और अन्य मंचों पर अपनी राय रखते हुए बिना किसी लाग-लपेट के बड़ी बात कही है। कार्तिक का स्पष्ट मानना है कि प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बराड़ जैसे खिलाड़ियों को तुरंत प्रभाव से अगले मैच की प्लेइंग 11 से बाहर का रास्ता दिखाया जाना चाहिए। जब तक टीम प्रबंधन कड़े और कड़े फैसले नहीं लेगा, तब तक बेंच स्ट्रेंथ और मुख्य गेंदबाजों के बीच का अंतर पाटा नहीं जा सकता। दूसरे वनडे में उजागर हुई यह सबसे बड़ी कमी अब सोशल मीडिया से लेकर क्रिकेट विशेषज्ञों के बीच मुख्य चर्चा का विषय बन चुकी है।
डेब्यू पर शर्मनाक रिकॉर्ड और गेंदबाजी का बंटाधार
सिर्फ गुरनूर बराड़ ही नहीं, बल्कि इस मुकाबले में वनडे डेब्यू करने वाले आकिब नबी के खाते में भी एक शर्मनाक रिकॉर्ड दर्ज हो गया। गुवाहाटी के इस मैदान पर भारतीय गेंदबाजी आक्रमण पूरी तरह से बिखरता नजर आया। पावरप्ले से लेकर डेथ ओवर्स तक, योजनाएं पूरी तरह से फेल साबित हुईं। जान्हवी और दैनिक जागरण जैसे प्रमुख मीडिया घरानों की रिपोर्टों में भी इस बात की पुष्टि की गई है कि गेंदबाजी में अनुशासन की भारी कमी थी, जिसका फायदा कैरेबियन बल्लेबाजों ने बखूबी उठाया।
2027 विश्व कप की तैयारियों को करारा झटका
भले ही चयनकर्ता और बीसीसीआई भविष्य की रूपरेखा तैयार करने की बात कर रहे हों, लेकिन गुवाहाटी वनडे की नाकामी ने यह साबित कर दिया है कि नींव अभी भी कमजोर है। यदि तेज गेंदबाजी के मोर्चे पर बेंच स्ट्रेंथ की ऐसी स्थिति रही, तो वैश्विक टूर्नामेंटों में टीम की राह बेहद कठिन होगी। गुरनूर बराड़ के लिए यह समय आत्ममंथन का है, और टीम प्रबंधन के लिए उन पुरानी गलतियों से सीखने का है जो हर बड़े टूर्नामेंट से पहले भारतीय खेमे को परेशान करती रही हैं।








