नई दिल्ली — भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार खिलाड़ी हार्दिक पांड्या इस समय खेल प्रेमियों के बीच चर्चा का बड़ा केंद्र बने हुए हैं। मैदान पर उनके हालिया प्रदर्शन ने आलोचकों को करारा जवाब दिया है। मैच के अंतिम ओवरों में लगातार तीन गेंदों पर तीन छक्के लगाकर उन्होंने टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। इस शानदार खेल के बाद से सोशल मीडिया पर उनके नाम की खूब चर्चा हो रही है। देश भर के क्रिकेट प्रशंसक उनकी फिटनेस और बल्लेबाजी शैली की तारीफ कर रहे हैं। लंबे समय बाद हार्दिक अपने पुराने और आक्रामक अंदाज में नजर आ रहे हैं।
पिछले कुछ महीनों में हार्दिक पांड्या के खेल और कप्तानी को लेकर कई तरह की बातें चल रही थीं। लेकिन उन्होंने हर विवाद का जवाब अपने बल्ले और गेंद से दिया है। मैदान पर जब टीम को सबसे ज्यादा रनों की जरूरत थी, तब उन्होंने मोर्चा संभाला। उन्होंने तेज गेंदबाजों के खिलाफ खुलकर बड़े शॉट खेले। हार्दिक की इस पारी ने यह साबित कर दिया है कि वे अब भी देश के सबसे भरोसेमंद फिनिशर हैं। उनकी यह लय आने वाले बड़े टूर्नामेंटों के लिहाज से भी टीम के लिए बहुत राहत भरी खबर मानी जा रही है।
आखिरी ओवरों में बड़े शॉट खेलकर पलटा मैच का रुख
हार्दिक पांड्या की सबसे बड़ी खूबी मैच के अंतिम पलों में तेजी से रन बनाना है। हालिया मुकाबले में उन्होंने ठीक वैसा ही खेल दिखाया जिसकी टीम को उम्मीद थी। विरोधी टीम के गेंदबाज यॉर्कर डालने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन हार्दिक ने क्रीज का सही इस्तेमाल किया। उन्होंने गेंद की लाइन को भांपकर बाउंड्री के पार भेज दिया। तीन गेंदों पर लगातार लगे तीन छक्कों ने स्टेडियम में मौजूद दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। खेल जानकारों का कहना है कि हार्दिक जब इस लय में होते हैं तो उन्हें रोकना किसी भी गेंदबाज के लिए आसान नहीं होता।
मैदान पर उनके इस आक्रामक रूप ने टीम के बाकी बल्लेबाजों का भी हौसला बढ़ाया। उनके इस प्रदर्शन से विरोधी टीम पर भारी दबाव बन गया। कप्तान और मुख्य बल्लेबाज के रूप में हार्दिक ने दिखाया कि वे दबाव के पलों में शांत रहकर अपना काम करना जानते हैं। उन्होंने मैच के बाद कहा कि वे केवल गेंद की मेरिट पर ध्यान दे रहे थे। उनका मुख्य लक्ष्य टीम के स्कोर को एक सुरक्षित स्तर तक ले जाना था।
विश्व रैंकिंग के शीर्ष पांच ऑलराउंडरों में बनाई मजबूत जगह
मैदान पर दमदार खेल के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी हार्दिक का कद बढ़ा है। ताजा ऑलराउंडर रैंकिंग में वे दुनिया के शीर्ष पांच खिलाड़ियों में अपनी जगह बनाए हुए हैं। सीमित ओवरों के क्रिकेट में हार्दिक की गेंदबाजी और बल्लेबाजी का संतुलन टीम को नई मजबूती देता है। वे चार ओवर की तेज गेंदबाजी करने के साथ-साथ किसी भी क्रम पर बल्लेबाजी करने में सक्षम हैं। यही वजह है कि चयनकर्ता और टीम प्रबंधन उन पर हमेशा भरोसा जताते हैं।
रैंकिंग में शीर्ष पायदान पर बने रहना यह दर्शाता है कि उनकी फिटनेस अब पहले से कहीं बेहतर है। पिछले साल लगी चोट के बाद हार्दिक ने अपनी सेहत और ट्रेनिंग पर कड़ा पसीना बहाया है। बेंगलुरु की राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में उन्होंने कई हफ्ते बिताए। वहां उन्होंने अपनी गेंदबाजी के रन-अप और एक्शन पर काम किया। अब वे पूरी गति के साथ गेंदबाजी कर रहे हैं और बल्ले से भी लगातार रन बटोर रहे हैं।
मैदान के बाहर की हलचल और निजी जिंदगी पर चर्चा
हार्दिक पांड्या केवल अपने खेल ही नहीं बल्कि अपनी निजी जिंदगी को लेकर भी अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। उनकी पूर्व पत्नी नताशा स्तानकोविक और उनके बेटे को लेकर भी इंटरनेट पर खबरें आती रहती हैं। निजी जीवन के उतार-चढ़ाव के बावजूद हार्दिक ने अपने खेल पर इसका असर नहीं पड़ने दिया। उन्होंने खुद को केवल अभ्यास और खेल पर केंद्रित रखा है। प्रशंसकों का मानना है कि हार्दिक का यह मानसिक लचीलापन ही उन्हें एक बड़ा खिलाड़ी बनाता है।
मुंबई और गुजरात के बीच होने वाले मुकाबलों में भी हार्दिक हमेशा मुख्य आकर्षण रहते हैं। दर्शक उनके हर कदम पर नजर रखते हैं। पहले जहां कुछ स्टेडियमों में उन्हें हूटिंग का सामना करना पड़ा था, वहीं अब वही दर्शक उनके हर छक्के पर तालियां बजा रहे हैं। क्रिकेट के जानकारों का कहना है कि खेल की दुनिया में फॉर्म ही सबसे बड़ा सच है। जब कोई खिलाड़ी रन बनाता है तो सारी पुरानी शिकायतें अपने आप खत्म हो जाती हैं।
आने वाले बड़े दौरों और टी20 मैचों के लिए हार्दिक की तैयारी
भारतीय क्रिकेट टीम को आने वाले दिनों में कई अहम टी20 और वनडे सीरीज खेलनी हैं। ऐसे में हार्दिक पांड्या की यह फॉर्म टीम के लिए सबसे बड़ा सहारा बन सकती है। टीम प्रबंधन को मध्यक्रम में एक ऐसे खिलाड़ी की तलाश रहती है जो मैच जिता सके। हार्दिक गेंद से शुरुआती ओवरों में विकेट चटकाने और अंत में रन रोकने का काम भी बखूबी करते हैं। उनकी फिटनेस पर मेडिकल टीम भी लगातार नजर बनाए हुए है।
द फ्रीलान्स की पड़ताल में यह साफ हुआ है कि हार्दिक अपने वर्कलोड को बहुत समझदारी से संभाल रहे हैं। वे केवल उन्हीं मैचों में पूरे जोर से उतरते हैं जहां टीम को उनकी सख्त जरूरत होती है। अभ्यास सत्रों के दौरान वे फील्डिंग और रनिंग पर खास ध्यान दे रहे हैं। मैदान पर उनकी ऊर्जा देखने लायक होती है। अगर हार्दिक इसी लय में खेलते रहे तो वे भारतीय टीम को कई और यादगार जीत दिला सकते हैं।





