केप टाउन / डरबन: 'द फ्रीलान्स' के ऑन-द-ग्राउंड खेल डेस्क से मिली रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया (SA vs AUS) के बीच खेली जा रही वर्तमान वनडे श्रृंखला ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक नया रोमांच पैदा कर दिया है। डरबन से शुरू हुए इस हाई-वोल्टेज दौरे पर मेजबान साउथ अफ्रीका ने अपनी रणनीतिक श्रेष्ठता साबित करते हुए दूसरे वनडे में ऑस्ट्रेलिया को करारी शिकस्त दी और तीन मैचों की सीरीज पर 2-0 से अजय बढ़त बना ली है।
'किलर मिलर' का विराट अंदाज और ऐतिहासिक पारी
इस मुकाबले का सबसे बड़ा आकर्षण अनुभवी बल्लेबाज डेविड मिलर रहे। मिलर ने क्रीज पर उतरकर जिस संयम और आक्रामकता का प्रदर्शन किया, उसकी तुलना क्रिकेट गलियारों में आधुनिक युग के महान बल्लेबाजों से की जा रही है। मिलर ने महज 93 गेंदों पर 12 चौकों की मदद से एक ऐसी पारी खेली जिसने कंगारू गेंदबाजों के तरकश के सभी तीरों को कुंद कर दिया। उनकी इस मास्टरक्लास पारी की बदौलत दक्षिण अफ्रीका ने मैच और सीरीज दोनों पर अपना शिकंजा कस लिया।
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चोटों से जूझती कंगारू सेना: नाथन एलिस और जोएल डेविस बाहर
एक तरफ जहां साउथ अफ्रीकी खेमा जीत का जश्न मना रहा है, वहीं ऑस्ट्रेलियाई खेमे में चिंता की गहरी लकीरें खिंच चुकी हैं। सीरीज के बीच में ही तेज गेंदबाज नाथन एलिस चोट के कारण अंतिम वनडे से बाहर हो चुके हैं और वे स्वदेश लौट रहे हैं। एलिस के साथ-साथ युवा जोएल डेविस का भी दौरे से बाहर होना पैट कमिंस और कोचिंग स्टाफ के लिए बड़ा सिरदर्द बन गया है। बैक-टू-बैक हार और खिलाड़ियों की फिटनेस समस्याओं ने ऑस्ट्रेलियाई रणनीति को पूरी तरह से पटरी से उतार दिया है।
मैदान पर सामरिक गलतियां और रणनीतिक चूक
विश्लेषकों का मानना है कि डरबन के मैदान पर उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम परिस्थितियों का आकलन करने में नाकाम रही। सीरीज के शुरुआती चरण से ही दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों ने दबाव बनाए रखा। जब-जब ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को साझेदारी की जरूरत थी, तब-तब अफ्रीकी आक्रमण ने सटीक लाइन-लेन्थ से उन्हें बांधे रखा। मिलर के खिलाफ बनाई गई रणनीतियां मैदान पर पूरी तरह फेल साबित हुईं, जिसका खामियाजा मेहमान टीम को सीरीज गंवाकर भुगतना पड़ा।
सीरीज का भविष्य और आगामी मुकाबले
भले ही दक्षिण अफ्रीका ने 2-0 से सीरीज अपने नाम कर ली है, लेकिन तीसरे और आखिरी वनडे मैच को लेकर दोनों टीमों के तेवर कड़े बने हुए हैं। दक्षिण अफ्रीका क्लीन स्वीप करने के इरादे से उतरेगा, तो वहीं ऑस्ट्रेलिया अपनी खोई हुई प्रतिष्ठा को बचाने के लिए मैदान पर उतरेगा। चोटिल खिलाड़ियों की फेरिस्त के बीच ऑस्ट्रेलियाई चयनकर्ताओं के लिए प्लेइंग इलेवन तैयार करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। 'द फ्रीलान्स' की नजर इस दौरे के हर एक अपडेट पर बनी रहेगी।








