अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में जरा सी लापरवाही किस तरह एक बड़ा कूटनीतिक और राजनीतिक विवाद खड़ा कर सकती है, इसकी बानगी हाल ही में एशियन गेम्स के दौरान देखने को मिली है। खेल के मैदान पर राजनीति और देशों के बीच की पुरानी दुश्मनी अक्सर किसी न किसी रूप में सामने आ जाती है, लेकिन इस बार जो हुआ उसने सबको चौंका दिया। यह घटना तब घटी जब दो ऐसे देशों का मामला सामने आया जो तकनीकी रूप से आज भी युद्ध की स्थिति में हैं और जिनके संबंध बेहद तनावपूर्ण हैं।
हांगझोउ एशियन गेम्स के मैदान पर क्या हुआ था उस दिन?
मामला एशियन गेम्स में हॉकी प्रतियोगिता का है, जहां 18 सितंबर को दक्षिण कोरिया और बांग्लादेश के बीच मुकाबला खेला जाना था। खेल नियमों के मुताबिक, मैच शुरू होने से पहले दोनों टीमों के सम्मान में उनके राष्ट्रगान बजाए जाने का प्रावधान होता है। इसी प्रोटोकॉल के तहत जब दक्षिण कोरियाई खिलाड़ियों के सम्मान में उनका नेशनल एंथम बजाने की बारी आई, तो स्टेडियम के साउंड सिस्टम से जो धुन गूंजी, उसने सभी को सकते में डाल दिया।
दक्षिण कोरियाई खिलाड़ियों का राष्ट्रगान बजाने के बजाय आयोजकों ने गलती से उनके धुर विरोधी और पड़ोसी देश उत्तर कोरिया का राष्ट्रगान बजा दिया। मैदान पर खड़े दक्षिण कोरियाई खिलाड़ी इस неожидан गलती को सुनकर पूरी तरह चौंक गए। उनके चेहरों पर साफ हैरानी और नाराजगी देखी जा सकती थी। खिलाड़ियों के लिए यह पल बेहद असहज करने वाला था क्योंकि दोनों देशों के बीच दशकों पुराना इतिहास और कड़वाहट जगजाहिर है।
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दक्षिण कोरियाई ओलंपिक समिति का फूटा गुस्सा, मांगी गई माफी
इस गंभीर भूल के सामने आने के तुरंत बाद कोरियन स्पोर्ट एंड ओलंपिक कमेटी ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने तुरंत एक्शन लेते हुए एशियन गेम्स की आयोजन समिति के पास अपनी आधिकारिक शिकायत दर्ज करवा दी। दक्षिण कोरियाई अधिकारियों ने इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई कि कैसे इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस तरह की संवेदनहीन गलती हो सकती है।
शिकायत में साफ तौर पर कहा गया कि आयोजन समिति इस मामले में आधिकारिक तौर पर माफी मांगे और भविष्य में इस तरह की किसी भी शर्मनाक घटना को दोबारा न होने देने का पूरा भरोसा दे। दक्षिण कोरियाई समिति का मानना है कि खेल के मैदान पर इस प्रकार की गलतियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, खासकर तब जब दो देशों के बीच ऐतिहासिक तनाव और कूटनीतिक समस्याएं जुड़ी हों।
स्टेडियम में तुरंत मच गई अफरातफरी और अनाउंसर ने मांगी माफी
जब मैदान पर उत्तर कोरिया का राष्ट्रगान बज रहा था, तो वहां मौजूद अधिकारी भी समझ नहीं पा रहे थे कि इसे कैसे रोका जाए। गलती का अहसास होने पर मैच शुरू होने में काफी देरी हो गई। स्थिति को संभालने और खिलाड़ियों के गुस्से को शांत करने के लिए रेफरी ने राष्ट्रगान पूरी तरह खत्म होने से पहले ही दोनों टीमों के खिलाड़ियों को आपस में हाथ मिलाने और मैच तुरंत शुरू करने का निर्देश दिया ताकि बात और आगे न बढ़े।
इसके तुरंत बाद स्टेडियम के अनाउंसर ने माइक्रोफोन पर आकर इस गलती के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। अनाउंसर ने अपने बयान में कहा:
"हमें इस बात का बहुत गहरा अफसोस है और हम इसके लिए दिल से माफी चाहते हैं। रिपब्लिक ऑफ कोरिया (दक्षिण कोरिया) का राष्ट्रगान बजाने के बजाय हमारे सिस्टम से कुछ और धुन यानी उत्तर कोरिया का राष्ट्रगान बज गया। हमें इस बड़ी गलती के लिए बेहद खेद है।"— स्टेडियम अनाउंसर, हांगझोउ एशियन गेम्स
कोरियाई प्रायद्वीप का तनाव और दक्षिण कोरिया में कड़े कानून
यह घटना केवल एक मामूली तकनीकी गलती नहीं है, बल्कि इसके गहरे राजनीतिक मायने हैं। दशकों पहले कोरियाई युद्ध समाप्त जरूर हुआ था, लेकिन दोनों देशों के बीच आज तक कोई औपचारिक शांति समझौता नहीं हो पाया है। कानूनी और कूटनीतिक रूप से देखा जाए तो दक्षिण कोरिया और उत्तर कोरिया आज भी युद्ध की स्थिति में ही माने जाते हैं।
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दक्षिण कोरिया के अंदर उत्तर कोरिया के राष्ट्रगान को बजाना, उसका प्रचार करना या उसका समर्थन करना पूरी तरह प्रतिबंधित है। ऐसे में, एक अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता के दौरान दक्षिण कोरियाई धरती या दक्षिण कोरियाई टीम के सामने उत्तर कोरिया का गान बज जाना एक बहुत बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इस लापरवाही के कारण दोनों देशों के बीच कूटनीतिक स्तर पर भी बयानबाजी तेज हो सकती है।
मैदान पर दक्षिण कोरियाई हॉकी टीम का शानदार प्रदर्शन
इस पूरे विवाद और मानसिक तनाव के बावजूद दक्षिण कोरियाई पुरुष हॉकी टीम ने मैदान पर अपना पेशेवर रवैया नहीं छोड़ा। मुकाबले की शुरुआत भले ही तनावपूर्ण माहौल में हुई, लेकिन खेल के मैदान पर दक्षिण कोरियाई खिलाड़ियों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए इस मुकाबले को बेहद आसानी से 5-0 के बड़े अंतर से अपने नाम कर लिया।
आपको बता दें कि दक्षिण कोरिया और बांग्लादेश दोनों ही टीमें एशियन गेम्स के ग्रुप ए का हिस्सा हैं। इस ग्रुप में भारत, इंडोनेशिया, जापान और श्रीलंका जैसी मजबूत एशियाई टीमें भी शामिल हैं। इस ग्रुप के मुकाबले काफी रोमांचक होने की उम्मीद है, लेकिन इस राष्ट्रगान विवाद ने खेल से ज्यादा प्रशासनिक व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
महिला टीम ने भी जीत के साथ की शुरुआत
पुरुष टीम के अलावा दक्षिण कोरिया की महिला हॉकी टीम ने भी एशियन गेम्स में अपने सफर का आगाज धमाकेदार अंदाज में किया। महिला टीम ने चाइनीज ताइपे के खिलाफ खेले गए अपने पहले मुकाबले में बेहतरीन खेल दिखाते हुए 3-1 से शानदार जीत हासिल की। एक तरफ जहां खेल के मैदान पर दक्षिण कोरियाई खिलाड़ी लगातार पदक जीतने के लिए पसीना बहा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इस तरह की प्रशासनिक चूकों ने आयोजन समिति की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। देखना यह होगा कि आयोजन समिति इस मामले में आगे क्या औपचारिक कदम उठाती है।




