हरारे में ट्रेविस हेड का बल्ला गरजा, आलोचकों को दिया करारा जवाब
ऑस्ट्रेलियाई टीम के विस्फोटक सलामी बल्लेबाज ट्रेविस हेड आखिरकार अपनी पुरानी लय में लौट आए हैं। शुक्रवार को जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे सीरीज के दूसरे मुकाबले में हेड ने मैदान पर उतरते ही तहलका मचा दिया। हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए इस मुकाबले में उन्होंने अपनी शानदार बल्लेबाजी से सभी को प्रभावित किया। पिछले कुछ मैचों से खराब फॉर्म के कारण आलोचनाओं का सामना कर रहे हेड ने इस शतकीय पारी से आलोचकों के मुंह पर ताला लगा दिया है।
मैच के दौरान हेड ने महज 75 गेंदों में अपना शतक पूरा कर लिया। यह जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे क्रिकेट इतिहास में किसी भी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज द्वारा बनाया गया सबसे तेज शतक है। उनकी इस पारी ने साबित कर दिया कि बड़े मैचों से पहले उनका फॉर्म में लौटना विपक्षी टीमों के लिए खतरे की घंटी है। आउट होने से पहले हेड ने 84 गेंदों पर 112 रनों की धमाकेदार पारी खेली, जिसमें 12 शानदार चौके और 3 गगनचुंबी छक्के शामिल थे।
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अंदाज-ए-बयां और अनोखा सेलिब्रेशन
शतक पूरा करने के बाद ट्रेविस हेड का जश्न देखने लायक था। उन्होंने पहले अपने हाथ रगड़े, फिर सीने पर हाथ मारकर मुस्कुराए और अंत में मैदान पर धनुष-बाण चलाने जैसा खास अंदाज दिखाया। उनकी इस पारी का अंत वेस्ली मधेवेरे ने किया, जब हेड ने एक बड़ा शॉट खेलना चाहा लेकिन कवर पर तैनात सब्स्टीट्यूट फील्डर रयान बर्ल को कैच थमा बैठे। आउट होने के बाद भी उनके इस अंदाज और पारी की चर्चा हर तरफ हो रही है।
"ट्रेविस हेड का इस तरह फॉर्म में लौटना आगामी वर्ल्ड कप से पहले ऑस्ट्रेलिया के लिए बहुत बड़ी राहत की खबर है। उन्होंने मुश्किल समय में जिम्मेदारी उठाई है।" — क्रिकेट विश्लेषक
खराब फॉर्म से उबरकर खेली मैच जिताऊ पारी
इस सीरीज से पहले ट्रेविस हेड के बल्ले से रन नहीं निकल रहे थे। बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज में वह 22, 17 और 22 रनों की पारियां ही खेल पाए थे। पिछले साल भारत के खिलाफ वनडे सीरीज में भी उनका बल्ला शांत रहा था और उन्होंने तीन पारियों में केवल 65 रन बनाए थे। जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले वनडे मैच में भी हेड सिर्फ 4 रन बनाकर आउट हो गए थे। पूर्व ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज जेसन गिलेस्पी ने भी उनके खेलने के तरीके पर सवाल उठाए थे, जिसका उन्होंने अब मैदान पर जवाब दे दिया है।
ऑस्ट्रेलिया ने खड़ा किया विशाल स्कोर
जिम्बाब्वे ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था, लेकिन हेड और कप्तान मिचेल मार्श ने इस फैसले को गलत साबित कर दिया। दोनों ने पहले विकेट के लिए 130 रनों की शानदार साझेदारी की। कप्तान मार्श ने 53 रन बनाए, जबकि युवा कूपर कोनोली ने भी 78 रनों की बेहतरीन पारी खेली। पारी के आखिरी ओवरों में ओली पीक ने सिर्फ 18 गेंदों में नाबाद 41 रन ठोककर टीम के स्कोर को और मजबूत किया। ऑस्ट्रेलिया ने निर्धारित 50 ओवरों में 6 विकेट के नुकसान पर 356 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया।


