मैदान पर वापसी को तैयार हैं भारतीय क्रिकेट के 'रन मशीन'
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज और दुनिया भर के गेंदबाजों के दिलों में खौफ पैदा करने वाले 'रन मशीन' विराट कोहली एक बार फिर नीली जर्सी में मैदान पर जलवा बिखेरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. क्रिकेट प्रेमियों के लंबे इंतजार के बाद अब वह घड़ी नजदीक आ गई है, जब कोहली अपने चिर-परिचित अंदाज में चौके-छक्के बरसाते नजर आएंगे. टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह चुके विराट अब पूरी तरह से वनडे फॉर्मेट पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, और उनका लक्ष्य साल 2027 में होने वाले आगामी वनडे वर्ल्ड कप से पहले अपनी सर्वश्रेष्ठ लय हासिल करना है.
भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेली जाने वाली आगामी तीन मैचों की रोमांचक वनडे सीरीज की शुरुआत 27 सितंबर से होने जा रही है. इस सीरीज में भारतीय फैंस की निगाहें पूरी तरह से विराट कोहली के प्रदर्शन पर टिकी होंगी. इस सीरीज के दौरान कोहली के पास केवल मैच जीतने का ही नहीं, बल्कि क्रिकेट इतिहास के पन्नों में अपना नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज कराने का भी सुनहरा अवसर होगा. उनके शानदार फॉर्म और अनुभव को देखते हुए क्रिकेट के जानकारों का मानना है कि यह सीरीज ऐतिहासिक साबित हो सकती है.
संबंधित खबरें
वनडे क्रिकेट में 15 हजार रनों के जादुई आंकड़े के बेहद करीब
विराट कोहली के नाम वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में कई ऐसे रिकॉर्ड दर्ज हैं, जिन्हें तोड़ना आने वाले समय में किसी भी बल्लेबाज के लिए आसान नहीं होगा. अब उनके सामने एक और बड़ा मील का पत्थर है. कोहली वनडे क्रिकेट में 15,000 रन पूरे करने के बेहद करीब पहुंच चुके हैं. उन्होंने अब तक अपने शानदार करियर में खेली गई 302 पारियों में 58.59 की बेहतरीन औसत से कुल 14,941 रन बनाए हैं.
इस ऐतिहासिक आंकड़े तक पहुंचने के लिए विराट कोहली को अब महज 59 रनों की दरकार है. जैसे ही वह अपने बल्ले से 59 रन बना लेंगे, वे दुनिया के केवल दूसरे ऐसे बल्लेबाज बन जाएंगे जिन्होंने वनडे इतिहास में 15,000 रनों का आंकड़ा छुआ है. उनसे आगे इस फेहरिस्त में सिर्फ क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का नाम दर्ज है, जिन्होंने अपने करियर में 18,426 रन बनाए थे. कोहली का यह मुकाम हासिल करना भारतीय क्रिकेट के लिए एक और गर्व का क्षण होगा.
घरेलू मैदानों पर सचिन तेंदुलकर के महारिकॉर्ड पर टिकी नजरें
विराट कोहली का बल्ला जब भी भारतीय सरजमीं पर गरजता है, तो विरोधी गेंदबाजों की शामत आ जाती है. उन्होंने भारत में खेले गए कुल 130 वनडे मैचों में 62.42 की जबर्दस्त औसत के साथ 6,867 रन बनाए हैं. घरेलू दर्शकों के सामने उनका प्रदर्शन हमेशा से लाजवाब रहा है. हालांकि, भारत में सबसे ज्यादा वनडे रन बनाने का रिकॉर्ड फिलहाल सचिन तेंदुलकर (6,976 रन) के नाम दर्ज है.
सचिन के इस प्रतिष्ठित रिकॉर्ड को अपने नाम करने के लिए विराट कोहली को इस आगामी वेस्टइंडीज सीरीज में कुल 110 रन और बनाने होंगे. यदि वह इस सीरीज के दौरान यह उपलब्धि हासिल कर लेते हैं, तो वे घरेलू मैदानों पर वनडे क्रिकेट के सबसे सफल बल्लेबाज बन जाएंगे. भारतीय क्रिकेट फैंस को उम्मीद है कि कोहली अपनी शानदार फॉर्म का मुजाहिरा करते हुए इस रिकॉर्ड को भी अपने नाम कर लेंगे.
वेस्टइंडीज के खिलाफ शतक लगाकर रचेंगे नया विश्व कीर्तिमान
क्रिकेट के मैदान पर रिकॉर्ड बनाना और उन्हें तोड़ना विराट कोहली के लिए बाएं हाथ का खेल रहा है. वह दुनिया के इकलौते ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने किसी एक टीम (श्रीलंका) के खिलाफ वनडे क्रिकेट में 10 शतक जड़ने का अनोखा कारनामा किया है. वेस्टइंडीज के खिलाफ भी उनका रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है और कैरेबियाई टीम के खिलाफ उनके नाम फिलहाल 9 वनडे शतक दर्ज हैं.
अगर विराट कोहली वेस्टइंडीज के खिलाफ इस सीरीज में एक भी शतक जड़ने में सफल हो जाते हैं, तो वह दुनिया के पहले ऐसे खिलाड़ी बन जाएंगे जिसके नाम दो अलग-अलग टीमों के खिलाफ 10 या उससे अधिक वनडे शतक दर्ज होंगे. यह उपलब्धि उनके करियर में एक और चार चांद लगा देगी. क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि वेस्टइंडीज की गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ कोहली का अनुभव और उनकी तकनीक उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह सक्षम है.
"विराट कोहली सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं बल्कि भारतीय क्रिकेट की ऐसी ताकत हैं, जो किसी भी परिस्थिति में मैच का रुख मोड़ सकते हैं. वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज उनके लिए और उनके प्रशंसकों के लिए कई ऐतिहासिक प लों की गवाह बनने वाली है." — पूर्व भारतीय क्रिकेटर और क्रिकेट विशेषज्ञ
साल 2027 के वर्ल्ड कप से पहले खुद को साबित करने का बड़ा मंच
टेस्ट और टी20 फॉर्मेट से दूरी बनाने के बाद विराट कोहली का पूरा फोकस अब साल 2027 के वनडे विश्व कप पर है. वह अच्छी तरह जानते हैं कि आधुनिक क्रिकेट में अपनी श्रेष्ठता साबित करने के लिए उन्हें खुद को लगातार फिट और फॉर्म में रखना होगा. वेस्टइंडीज के खिलाफ यह सीरीज उनके लिए अपनी लय को परखने का एक बेहतरीन मौका है. चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन की नजरें भी कोहली के इस दौरे पर टिकी हैं ताकि वे आगामी बड़ी चुनौतियों के लिए अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे सकें.
फैंस और खेल प्रेमियों में इस सीरीज को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है. सोशल मीडिया से लेकर स्टेडियम के बाहर तक हर तरफ बस एक ही चर्चा है कि क्या विराट कोहली इस बार वेस्टइंडीज के खिलाफ मैदान पर उतरते ही इतिहास रच देंगे. निश्चित तौर पर, भारतीय क्रिकेट का यह महान बल्लेबाज एक बार फिर मैदान पर अपने बल्ले का जादू बिखेरने और देश का सिर गर्व से ऊंचा करने के लिए पूरी तरह तैयार है.






