पाकिस्तानी क्रिकेट में भूचाल: वसीम अकरम का बाबर आजम पर तीखा हमला
पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और दुनिया के सबसे खतरनाक गेंदबाजों में शुमार रहे वसीम अकरम अक्सर अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं। इस बार उन्होंने मौजूदा टेस्ट कप्तान बाबर आजम की कार्यप्रणाली और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के फैसलों पर खुलकर सवाल खड़े किए हैं। वसीम अकरम का यह बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तानी क्रिकेट टीम लगातार मैदान पर संघर्ष कर रही है और खेल के तीनों फॉर्मेट में टीम का प्रदर्शन आलोचकों के निशाने पर है।
एक हालिया चैरिटी कार्यक्रम के दौरान वसीम अकरम ने जिस अंदाज में अपनी बात रखी, उसने एक बार फिर पाकिस्तानी क्रिकेट के भीतर चल रही अंदरूनी कलह और प्रशासनिक खींचतान को उजागर कर दिया है। अकरम का यह बयान सोशल मीडिया से लेकर खेल गलियारों तक चर्चा का विषय बन गया है, जहां प्रशंसक और पूर्व खिलाड़ी इस बात पर बहस कर रहे हैं कि क्या पाकिस्तान टीम का नेतृत्व सही दिशा में आगे बढ़ रहा है या नहीं।
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इंग्लैंड दौरे की हार और पीसीबी के ताबड़तोड़ फैसले
पूरा मामला उस समय गर्माया जब इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई टेस्ट सीरीज में पाकिस्तान को 0-3 से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। इस सीरीज में लचर प्रदर्शन के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने कड़े कदम उठाते हुए टीम में बड़े पैमाने पर बदलाव किए थे। श्रृंखला के दूसरे मैच के तुरंत बाद पीसीबी ने एक झटके में 7 खिलाड़ियों को टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। इसके अलावा कोचिंग स्टाफ और टीम प्रबंधन में भी फेरबदल किए गए थे, जिससे हर कोई हैरान रह गया था।
इन तमाम फैसलों के बाद जब कप्तान बाबर आजम से मीडिया के सामने सवाल किया गया, तो उनका जवाब बेहद चौंकाने वाला था। बाबर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि उन्हें पीसीबी के इन बड़े फैसलों के बारे में कोई पूर्व जानकारी नहीं थी और न ही इस बारे में उनसे किसी ने कोई चर्चा की थी। बाबर के इस बयान ने यह साफ कर दिया था कि टीम के कप्तान और बोर्ड के शीर्ष अधिकारियों के बीच संवाद की भारी कमी है, जिसके बाद पूर्व क्रिकेटरों ने तीखी प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी।
'क्या आप इंग्लैंड चने बेचने आए थे?' — वसीम अकरम का कड़ा तंज
बाबर आजम के उस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए वसीम अकरम ने अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की। उन्होंने एक निजी कार्यक्रम में कहा कि एक राष्ट्रीय टीम के कप्तान की ऐसी लाचारी समझ से परे है। अकरम ने बेहद कड़े शब्दों में कहा कि यदि कप्तान को टीम या बोर्ड के फैसलों की भनक तक नहीं थी, तो वह वहां क्या कर रहे थे।
"अगर आपको पीसीबी के फैसलों के बारे में नहीं पता था, तो क्या आप इंग्लैंड चने बेचने आए थे? एक खिलाड़ी या व्यक्ति के तौर पर मेरा मानना है कि अगर आपका लीडर या कप्तान आपके साथ खड़ा नहीं होता, तो आप मैदान पर 100 फीसदी प्रदर्शन नहीं कर सकते।" — वसीम अकरम, पूर्व पाकिस्तानी तेज गेंदबाज
अकरम ने आगे कहा कि जब शान मसूद के बाद बाबर को दोबारा कप्तानी संभालने का प्रस्ताव मिला था, तब उन्हें यह जिम्मेदारी स्वीकार नहीं करनी चाहिए थी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि उन्होंने कप्तानी ले भी ली थी, तो टीम की फजीहत होने के बाद उन्हें खुद ही इस पद से हट जाना चाहिए था ताकि किसी अन्य खिलाड़ी को मौका मिल सके।
खराब फॉर्म और कप्तानी का दबाव
बाबर आजम के लिए पिछला कुछ समय व्यक्तिगत रूप से भी बहुत अच्छा नहीं रहा है। इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में उनका बल्ला पूरी तरह खामोश नजर आया था। सीरीज की 4 पारियों में वह केवल 97 रन ही बना सके थे, जिसमें उनके बल्ले से केवल एक अर्धशतक निकला था। बड़े मुकाबलों में रन न बना पाने और कप्तानी के भारी दबाव के कारण बाबर की क्षमता पर लगातार सवालिया निशान लग रहे हैं।
जुलाई में एक बार फिर से टेस्ट कप्तान बनाए जाने के बाद उम्मीद की जा रही थी कि बाबर अपनी पुरानी फॉर्म में लौटेंगे और टीम को एक नई दिशा देंगे। वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज 1-1 से ड्रॉ जरूर रही, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू और विदेशी पिचों पर मिली हार ने पाकिस्तानी क्रिकेट की कमजोरियों की पोल खोल दी। आलोचकों का मानना है कि कप्तानी के दबाव का सीधा असर बाबर की बल्लेबाजी पर पड़ रहा है।
लंबी अवधि के बाद घरेलू क्रिकेट में वापसी की तैयारी
इन तमाम विवादों और आलोचनाओं के बीच अब एक और बड़ी खबर सामने आई है। पाकिस्तान के टेस्ट कप्तान बाबर आजम लगभग 7 साल के लंबे अंतराल के बाद घरेलू फर्स्ट क्लास क्रिकेट में खेलते हुए नजर आ सकते हैं। आखिरी बार उन्होंने 2019 में कोई फर्स्ट क्लास मैच खेला था। रिपोर्ट्स के अनुसार, वह प्रेसिडेंट्स ट्रॉफी ग्रेड-I में OGDCL (ऑयल एंड गैस डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड) की तरफ से मैदान पर उतर सकते हैं।
यह देखना दिलचस्प होगा कि घरेलू क्रिकेट में वापसी करके बाबर अपनी खोई हुई फॉर्म और लय को वापस पाने में कितने कामयाब होते हैं। क्रिकेट पंडितों का मानना है कि घरेलू क्रिकेट खेलना बाबर के लिए मानसिक दबाव से उबरने और अपनी तकनीक में सुधार करने का एक बेहतरीन मौका हो सकता है। हालांकि, पीसीबी और कप्तानी को लेकर चल रहा यह विवाद फिलहाल थमने का नाम नहीं ले रहा है और आने वाले दिनों में इस पर और तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं।






