सोशल मीडिया पर इन दिनों एक स्टार्टअप कंपनी के सीईओ का बयान तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने देश के चार प्रमुख राज्यों के पुरुष उम्मीदवारों के लिए नौकरी के दरवाजे बंद करने का ऐलान किया है। इस अजीबोगरीब और विवादास्पद फैसले के सामने आने के बाद इंटरनेट पर बहस छिड़ गई है। कई लोग कार्यस्थल की सुरक्षा का हवाला दे रहे हैं, तो वहीं अधिकांश यूजर्स इसे क्षेत्रवाद और सामूहिक सजा करार दे रहे हैं।
मामला बेंगलुरु स्थित A1 Sports World कंपनी का है, जिसके सीईओ कार्तिक एसजी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह घोषणा की। उन्होंने लिखा कि लंबी चर्चा और बहस के बाद कंपनी ने यह स्पष्ट निर्णय लिया है कि उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और मध्य प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले किसी भी पुरुष उम्मीदवार को उनकी कंपनी में नौकरी नहीं दी जाएगी।
पूर्व कर्मचारी के कथित दुर्व्यवहार का दिया हवाला
अपने इस फैसले के पीछे की वजह बताते हुए कार्तिक ने कहा कि करीब दो हफ्ते पहले उन्होंने एक पुरुष कर्मचारी को नौकरी से निकाला था। उनका आरोप है कि दो बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद वह कर्मचारी महिला कर्मचारियों के साथ लगातार बदसलूकी कर रहा था। सीईओ ने यह भी आरोप लगाया कि उस व्यक्ति ने एक महिला कर्मचारी के साथ जबरदस्ती करने का भी प्रयास किया था।
कार्तिक का कहना है कि उनकी कंपनी में युवा कर्मचारी भी काम करते हैं, इसलिए कार्यस्थल की सुरक्षा उनके लिए व्यवसाय से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। हालांकि, इन गंभीर आरोपों की किसी स्वतंत्र एजेंसी द्वारा पुष्टि नहीं की गई है। बाद के ट्वीट्स में उन्होंने साफ किया कि वह अपने इस फैसले पर पूरी तरह कायम हैं और इसे बदलेंगे नहीं।
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सोशल मीडिया पर छिड़ी तीखी बहस
सीईओ के इस ऐलान के सामने आते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। जहाँ कुछ लोगों ने महिला सुरक्षा को लेकर सीईओ की चिंता को जायज ठहराया, वहीं एक बड़े वर्ग ने इस नीति को पूरी तरह से अनुचित और भेदभावपूर्ण बताया। यूजर्स का कहना है कि किसी एक व्यक्ति के व्यक्तिगत आचरण के आधार पर पूरे राज्य के नागरिकों को दोषी ठहराना सरासर गलत है।
कई नेटिज़न्स ने सवाल उठाया कि किसी भी उम्मीदवार की योग्यता, कौशल और व्यक्तिगत व्यवहार उसकी पहचान होनी चाहिए, न कि उसका गृह राज्य। आलोचकों का तर्क है कि इस तरह के बयानों से देश में क्षेत्रीय दूरियां और पूर्वाग्रह बढ़ते हैं, जो एक पेशेवर कॉर्पोरेट संस्कृति के बिल्कुल खिलाफ है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल इस वीडियो के दावों की सत्यता की 'The Freelance' स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो साभार: संबंधित सोशल मीडिया हैंडल / क्रिएटर।




