जिस घर को तिनका-तिनका जोड़कर और अपनी जिंदगी भर की गाढ़ी कमाई लगाकर खड़ा किया जाता है, अगर उसी आशियाने से बुढ़ापे में धक्के देकर बाहर निकाल दिया जाए, तो वह दर्द कितना असहनीय होगा? इन दिनों सोशल मीडिया पर एक ऐसा ही झकझोर देने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने हर संवेदनशील इंसान को अंदर से झकझोर कर रख दिया है। वीडियो में करीब 70 साल के बुजुर्ग दंपती अपनी आंखों में आंसू लिए मदद की भीख मांगते नजर आ रहे हैं और उनके इस दर्द ने समाज के पारिवारिक मूल्यों पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वायरल हो रहे इस वीडियो में बुजुर्ग राम बिलास कटारा और उनकी पत्नी अपनी बेबसी बयां कर रहे हैं। दंपती का आरोप है कि उन्होंने लगभग 75 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च करके यह घर बनवाया था। लेकिन जनवरी 2022 में उनके बेटे और बहू ने कथित तौर पर उन्हें इस घर से बाहर का रास्ता दिखा दिया। तब से लेकर आज तक यह बुजुर्ग दंपती किसी तरह किराये के मकान में रहने को मजबूर हैं। उनका दावा है कि उन्होंने न्याय पाने के लिए कई प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर काटे, लेकिन कहीं से भी उनकी पुकार नहीं सुनी गई, जिसके बाद उन्हें सोशल मीडिया का सहारा लेना पड़ा।
पुलिस की जांच और कानूनी पहलू
जब यह वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गया और जनता का भारी आक्रोश सामने आने लगा, तब स्थानीय पुलिस प्रशासन ने इस मामले पर आधिकारिक संज्ञान लिया। पुलिस के मुताबिक, यह मामला केवल सीधे तौर पर माता-पिता को घर से निकालने का नहीं है, बल्कि इसके पीछे परिवार की संपत्ति के मालिकाना हक और आपसी बंटवारे का एक गहरा कानूनी विवाद भी जुड़ा हुआ है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि जिस मकान को लेकर विवाद चल रहा है, वह कानूनी रूप से बहू के नाम पर दर्ज है। संपत्ति के इसी बंटवारे और मालिकाना हक को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद कोर्ट तक पहुंच चुका है। पुलिस का यह भी कहना है कि मामला अदालत में विचाराधीन होने के कारण कानूनन हर पहलू की बारीकी से निगरानी की जा रही है और अदालत के अंतिम फैसले के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
संबंधित खबरें
बढ़ता पारिवारिक तनाव और समाज के लिए सीख
आज के दौर में बुजुर्गों की उपेक्षा और माता-पिता के साथ इस तरह के विवादों की खबरें लगातार बढ़ रही हैं। इंटरनेट पर वायरल इस वीडियो के सामने आने के बाद नेटिज़न्स ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ज्यादातर लोगों का मानना है कि चाहे कानूनी विवाद कुछ भी हो, लेकिन बुढ़ापे में माता-पिता को इस तरह दर-दर की ठोकरें खाने के लिए मजबूर करना किसी भी लिहाज से उचित नहीं ठहराया जा सकता। बहरहाल, यह मामला कानूनी प्रक्रिया और पारिवारिक रिश्तों के बीच उलझकर रह गया है, जिसका समाधान अब अदालत के फैसले के बाद ही निकल पाएगा।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल इस वीडियो के दावों की सत्यता की 'The Freelance' स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो साभार: संबंधित सोशल मीडिया हैंडल / क्रिएटर।








