देश की राजधानी में चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का विरोध प्रदर्शन उस समय उग्र हो गया, जब कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने सड़क पर लेटकर अपना विरोध दर्ज कराया। मुख्य चुनाव अधिकारी के इस्तीफे की मांग को लेकर 'इंडिया' गठबंधन द्वारा निकाले गए मार्च और धरने के दौरान पुलिस और नेताओं के बीच तीखी झड़प देखने को मिली। इस हाईवोल्टेज ड्रामे के दौरान स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई और सुरक्षा बलों को भारी मशक्कत करनी पड़ी।
कांग्रेस पार्टी के तमाम बड़े नेता और सांसद जब चुनाव आयोग से मिलने और अपनी मांगों को रखने आगे बढ़ रहे थे, तब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इसी दौरान कथित धक्का-मुक्की से नाराज होकर प्रियंका गांधी सड़क पर ही धरने पर बैठ गईं और बाद में लेट गईं। उनके समर्थन में कई अन्य कांग्रेसी नेता भी जमीन पर बैठ गए। मौके पर मौजूद मीडिया से बात करते हुए प्रियंका गांधी ने पुलिस प्रशासन पर सनसनीखेज आरोप लगाए और कहा कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों के साथ ऐसा अमानवीय व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस ने की बर्बरता, शरीर पर दिए जख्म: प्रियंका गांधी
सड़क पर लेटी हुई प्रियंका गांधी का गुस्सा सातवें आसमान पर था। उन्होंने रोष प्रकट करते हुए कहा कि जो सांसद केवल चुनाव आयुक्त से मिलने की गुहार लगा रहे हैं, उनके साथ पुलिस ऐसा बर्ताव कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया, 'पुलिसवालों और महिला सुरक्षाकर्मियों ने मुझे जगह-जगह खरोंच दिया है। हमें जबरन जमीन पर गिराया गया। अब हम यहां से एक इंच भी नहीं हिलेंगे। सरकार चाहे तो अपनी पूरी ताकत लगा ले।'
इस बीच, स्थिति को बेकाबू होते देख दिल्ली पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया। पुलिसकर्मियों ने विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई प्रमुख विपक्षी नेताओं को हिरासत में ले लिया। बस में बैठाए जाने के दौरान भी प्रियंका गांधी के हाथ में देश का संविधान नजर आया, जिससे उन्होंने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा वैचारिक प्रहार किया।
विपक्ष का कड़ा रुख और मुख्य चुनाव अधिकारी पर सवाल
विपक्ष का यह पूरा विरोध प्रदर्शन मुख्य चुनाव अधिकारी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनावी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर आयोजित किया गया था। कांग्रेस का आरोप है कि संवैधानिक संस्थाओं का इस्तेमाल सत्ताधारी दल के इशारे पर विपक्ष की आवाज दबाने के लिए किया जा रहा है। इस पूरी घटना के बाद से राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में विपक्ष इस मुद्दे को सड़क से लेकर संसद तक जोर-शोर से उठाने की तैयारी में है।
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