भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में तेजी से बढ़ती हलचल
देशभर में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का क्रेज लगातार बढ़ता जा रहा है। साल 2026 के शुरुआती नौ महीनों यानी सितंबर तक ही भारतीय ग्राहकों ने 15 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की खरीद कर डाली है। इस तेजी से उभरते हुए और बड़े होते बाजार में अब पारंपरिक दिग्गज कंपनियों के साथ-साथ कई नए देसी स्टार्टअप्स और ब्रांड्स भी अपनी किस्मत आजमाने उतर रहे हैं। इसी कड़ी में एक बड़ा नाम ई-स्प्रिंटो (e-SPRINTO) का जुड़ने जा रहा है, जो ऑटोमोबाइल सेक्टर में अपनी मजबूत पकड़ बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
अब तक यह कंपनी मुख्य रूप से कमर्शियल और बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) सेगमेंट के लिए ही अपने वाहन तैयार करती थी, जिन्हें सीधे आम व्यक्तिगत ग्राहक नहीं खरीद सकते थे। लेकिन अब कंपनी ने अपने दायरे को बढ़ाते हुए डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) बाजार में कदम रखने का ऐतिहासिक फैसला किया है। ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि इस कदम से भारतीय इलेक्ट्रिक स्कूटर सेगमेंट में मुकाबला और अधिक रोमांचक और कड़ा हो जाएगा।
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परिवारों की सुविधा और रोजमर्रा की जरूरतों पर विशेष फोकस
आमतौर पर बाजार में उपलब्ध कई इलेक्ट्रिक स्कूटर या तो बहुत रफ्तार वाले होते हैं या फिर कमर्शियल उपयोग के लिए डिजाइन किए जाते हैं। लेकिन ई-स्प्रिंटो का यह आगामी मास-मार्केट स्कूटर खासतौर पर भारतीय परिवारों की रोजमर्रा की जरूरतों और प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसमें डेली कम्यूटर की प्रैक्टिकैलिटी, शानदार परफॉर्मेंस और बेहतरीन इलेक्ट्रिक एफिशिएंसी का एक अनूठा संगम देखने को मिलेगा।
कंपनी की ओर से साझा की गई शुरुआती तस्वीरों और जानकारियों के मुताबिक, इस स्कूटर का डिजाइन काफी कन्वेंशनल और यूजर-फ्रेंडली रखा गया है, ताकि हर उम्र के लोग इसे आसानी से चला सकें। भारतीय सड़कों की बनावट, ट्रैफिक और मौसम के मिजाज को ध्यान में रखते हुए इसकी इंजीनियरिंग की गई है ताकि ग्राहकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
सिंगल चार्ज में 130 किलोमीटर तक की लंबी रेंज का दमदार दावा
किसी भी इलेक्ट्रिक वाहन को खरीदते समय ग्राहक सबसे पहले उसकी ड्राइविंग रेंज और बैटरी बैकअप के बारे में जानना चाहते हैं। ई-स्प्रिंटो ने अपने इस अपकमिंग स्कूटर को लेकर एक बहुत बड़ा दावा किया है। कंपनी के अनुसार, यह नया इलेक्ट्रिक स्कूटर एक बार पूरी तरह चार्ज होने के बाद लगभग 130 किलोमीटर की दूरी तय करने में सक्षम होगा। हालांकि, कंपनी ने अभी यह आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं किया है कि इस रेंज को मापने के लिए किस टेस्टिंग स्टैंडर्ड या साइकिल का उपयोग किया गया है।
बाजार के जानकारों का कहना है कि यदि यह स्कूटर अपने 130 किलोमीटर रेंज के दावे पर पूरी तरह खरा उतरता है, तो यह शहर के भीतर रोजाना सफर करने वाले ऑफिस जाने वाले लोगों और गृहणियों के लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। बार-बार बैटरी चार्ज करने के झंझट से मुक्ति मिलने के कारण इसकी मांग में भारी उछाल आने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
मौजूदा पोर्टफोलियो से आगे बढ़कर मास मार्केट पर निगाहें
ई-स्प्रिंटो के मौजूदा वाहन पोर्टफोलियो पर नजर डाली जाए तो कंपनी के पास पहले से ही लो-स्पीड और हाई-स्पीड दोनों कैटेगरी के कई मॉडल मौजूद हैं। लो-स्पीड सेगमेंट में कंपनी चार अलग-अलग स्कूटर बेचती है, जबकि हाई-स्पीड कैटेगरी में दो मॉडल उपलब्ध हैं। हालांकि, जैसा कि पहले बताया गया है कि ये सभी अब तक केवल बिजनेस और डिलीवरी सेगमेंट तक ही सीमित थे।
कंपनी अब व्यावसायिक दायरे से निकलकर आम आदमी की जेब और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अपने पैर पसार रही है। भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में इस तरह की पहल से न केवल प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, बल्कि ग्राहकों को किफायती कीमत पर बेहतर तकनीक वाले विकल्प भी मिलने लगेंगे।
लॉन्चिंग और कीमत को लेकर अभी भी सस्पेंस बरकरार
भले ही कंपनी ने इस नए स्कूटर के फीचर्स और रेंज को लेकर कुछ जानकारियां साझा कर दी हैं, लेकिन इसकी सटीक लॉन्च तिथि और आधिकारिक नाम को लेकर अभी भी पूरी तरह से पर्दा नहीं उठाया गया है। उद्योग जगत के सूत्रों के मुताबिक, कंपनी अक्टूबर महीने के दौरान इस बहुप्रतीक्षित वाहन से पूरी तरह पर्दा उठा सकती है। इसके साथ ही इसकी कीमत और बुकिंग से जुड़े तमाम खुलासे भी आने वाले दिनों में किए जाएंगे।
ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि यदि ई-स्प्रिंटो इस स्कूटर को बेहद किफायती और प्रतिस्पर्धी कीमत पर बाजार में उतारती है, तो यह एथर, ओला और टीवीएस जैसे स्थापित ब्रांड्स को कड़ी टक्कर दे सकता है। ग्राहक और डीलर दोनों ही इस नए देसी ब्रांड के पहले पर्सनल इलेक्ट्रिक स्कूटर का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
"भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में ग्राहकों की पसंद लगातार बदल रही है। लोग अब लंबी रेंज, बेहतर सुरक्षा और कम रखरखाव वाले विकल्पों को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसे समय में किसी भी नए देसी ब्रांड का मास-मार्केट सेगमेंट में उतरना पूरे सेक्टर के लिए एक सकारात्मक संकेत है।" — ऑटोमोबाइल विशेषज्ञ








