डेटिंग ऐप्स की दुनिया से तंग आकर महिला ने उठाया अनोखा कदम
आज के डिजिटल युग में जहां इंटरनेट और स्मार्टफोन ने रिश्तों की परिभाषा को पूरी तरह बदल दिया है, वहीं डेटिंग ऐप्स और मैट्रिमोनी प्लेटफॉर्म्स पर साथी तलाशना एक थकाऊ प्रक्रिया बन चुका है। अक्सर लोग घंटों स्वाइप करने के बाद भी अपनी पसंद का गंभीर साथी नहीं ढूंढ पाते हैं। इसी आधुनिक समस्या से त्रस्त होकर अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना राज्य के शार्लोट शहर में रहने वाली 36 वर्षीय एरिन पैटरसन ने एक ऐसा रास्ता अपनाया है, जिसकी चर्चा इन दिनों पूरी दुनिया में हो रही है। उन्होंने किसी डेटिंग ऐप का सहारा लेने के बजाय सीधे एक गूगल फॉर्म तैयार किया और उसे अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल पर पिन कर दिया।
एरिन पैटरसन का यह फॉर्म इंटरनेट पर जंगल की आग की तरह फैल गया है। लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बन गया है कि क्या आधुनिक युग में प्यार और शादी की तलाश के लिए इस तरह के कॉर्पोरेट या फॉर्म आधारित तरीके कारगर साबित हो सकते हैं। इस अनोखे मैरिज एप्लीकेशन फॉर्म को देखने के बाद से ही दुनिया भर के सोशल मीडिया यूजर्स इस पर अपनी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग इसे साहसी और व्यावहारिक कदम बता रहे हैं, तो कुछ इसे रिश्तों को बहुत ज्यादा औपचारिक बनाने का प्रयास मान रहे हैं।
पारंपरिक डेटिंग ऐप्स की कार्यप्रणाली से निराश हो चुकी एरिन का मानना था कि वर्चुअल प्लेटफॉर्म्स पर लोगों के इरादे अक्सर साफ नहीं होते हैं। चैट की शुरुआत तो होती है, लेकिन कुछ दिनों की बातचीत के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। ऐसे में समय और ऊर्जा दोनों की भारी बर्बादी होती है। इस फ्रस्ट्रेशन से बाहर निकलने के लिए उन्होंने तकनीक का ही एक अलग इस्तेमाल करने का फैसला किया और खुद ही एक प्रश्नावली यानी गूगल फॉर्म तैयार कर डाला।
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गूगल फॉर्म में पूछे गए करियर से लेकर परिवार तक के गहरे सवाल
एरिन पैटरसन द्वारा तैयार किया गया यह गूगल फॉर्म किसी सामान्य बायोडाटा से कहीं अधिक विस्तृत और गहराई से भरा हुआ है। इसमें केवल नाम, उम्र, सूरत और शहर जैसी सतही जानकारियां ही नहीं मांगी गई हैं, बल्कि व्यक्ति के व्यक्तित्व और भविष्य की योजनाओं को परखने के लिए कई कड़े सवाल शामिल किए गए हैं। इस फॉर्म को भरने वाले पुरुषों को अपने करियर के लक्ष्यों, दैनिक दिनचर्या, निजी आदतों और जीवन के प्रति दृष्टिकोण के बारे में खुलकर बताना पड़ रहा है।
इसके अलावा, फॉर्म में विवाह संस्था और परिवार को लेकर गंभीर सवाल भी रखे गए हैं। एरिन यह जानना चाहती हैं कि भावी जीवनसाथी की पारिवारिक पृष्ठभूमि कैसी है, वह बच्चों और भविष्य की जिम्मेदारियों को किस रूप में देखता है तथा एक लंबे रिश्ते में उसकी क्या अपेक्षाएं हैं। इस फॉर्म के जरिए वह यह सुनिश्चित करना चाहती हैं कि शुरुआती बातचीत में ही दोनों पक्षों के विचार और मूल्य आपस में मेल खाते हैं या नहीं, ताकि बाद में किसी भी तरह की गलतफहमी या मानसिक तनाव से बचा जा सके।
इस फॉर्म में यह भी स्पष्ट किया गया है कि एरिन एक ऐसे साफ दिल, दयालु, वफादार और समझदार इंसान की तलाश में हैं जो कॉफी या डिनर पर मिलने में रुचि रखता हो और बिना किसी हिचकिचाहट के जीवन के मुद्दों पर खुली चर्चा कर सके। उनका यह तरीका उन लोगों के लिए एक नया उदाहरण पेश कर रहा है जो डेटिंग ऐप्स के दिखावे और समय की बर्बादी से तंग आ चुके हैं।
240 से ज्यादा पुरुषों ने दिखाई दिलचस्पी, इंटरनेट पर मचा तहलका
जब एरिन पैटरसन ने इस गूगल फॉर्म के लिंक को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया, तो उन्हें शायद यह अंदाजा भी नहीं होगा कि इसे इतना भारी समर्थन मिलेगा। कुछ ही दिनों के भीतर इस फॉर्म को भरकर अपनी दावेदारी पेश करने वाले पुरुषों की संख्या 240 के आंकड़े को पार कर गई। दुनिया भर के पुरुष इस अनोखे अंदाज से प्रभावित होकर अपनी प्रोफाइल और जीवन का ब्योरा इस फॉर्म के माध्यम से एरिन तक पहुंचा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर इस पोस्ट के वायरल होने के बाद से ही कमेंट्स की बाढ़ आ गई है। कई यूजर्स ने एरिन के इस बोल्ड और बेबाक अंदाज की जमकर सराहना की है। एक यूजर ने लिखा कि यह तरीका बेहद नया और समय बचाने वाला है। वहीं दूसरे यूजर ने उम्मीद जताई कि एरिन को उनकी उम्मीदों के मुताबिक एक सच्चा और प्यार करने वाला जीवनसाथी जरूर मिलेगा। एक अन्य इंटरनेट यूजर ने तो यहां तक कह दिया कि वह भी अपने जीवनसाथी की तलाश के लिए इसी फॉर्मूले का इस्तेमाल करने की सोच रहे हैं।
"डेटिंग ऐप्स पर बार-बार बेनतीजा मुलाकातों से थक चुकी थी। मैंने तय किया कि अपनी उम्मीदों और शर्तों को शुरू में ही साफ कर देना बेहतर है, ताकि दोनों पक्षों का समय बचे और किसी गलतफहमी की गुंजाइश ही न रहे।" — एरिन पैटरसन, वायरल गूगल फॉर्म क्रिएटर
आधुनिक डेटिंग संस्कृति पर उठते सवाल और नया विकल्प
एरिन पैटरसन का यह प्रयोग केवल एक वायरल ट्रेंड नहीं है, बल्कि यह आधुनिक डेटिंग संस्कृति की कमियों पर एक बड़ा कटाक्ष भी है। आज के समय में टिंडर, बंबल और हिंज जैसे ऐप्स ने रिश्तों को एक बाजार में बदल दिया है, जहां लोगों को स्वाइप करके छांटा जाता है। इस प्रक्रिया में मानवीय संवेदनाएं और गहरे संवाद कहीं पीछे छूट जाते हैं। लोग सतही आकर्षण के आधार पर मिलते हैं और बाद में असंतुष्ट होकर अलग हो जाते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि एरिन जैसा तरीका भले ही थोड़ा अजीब लगे, लेकिन यह इस बात का प्रमाण है कि लोग अब वर्चुअल दुनिया के छलावे से ऊब चुके हैं। वे अब अधिक वास्तविक, पारदर्शी और सीधे संवाद पर भरोसा करना चाहते हैं। जब आप पहले से ही अपनी शर्तें और प्राथमिकताएं स्पष्ट कर देते हैं, तो रिश्ते में आने वाली जटिलताएं काफी हद तक कम हो जाती हैं।
भले ही इन 240 से अधिक आवेदनों में से एरिन को अपना मनपसंद जीवनसाथी मिलेगा या नहीं, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन उन्होंने दुनिया को यह जरूर दिखा दिया है कि लीक से हटकर सोचने और अपनी शर्तों पर फैसले लेने से असंभव लगने वाले काम भी आसान हो सकते हैं। उनका यह प्रयोग आने वाले दिनों में डिजिटल डेटिंग की दुनिया में एक नए बदलाव की नींव रख सकता है, जहां लोग ऐप्स के एल्गोरिदम पर निर्भर रहने के बजाय खुद अपनी किस्मत की पटकथा लिखेंगे।








