देश इन दिनों ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर चल रहे बड़े खेल का गवाह बन रहा है। पुणे शहर से एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। यहां एक जाने-माने कारोबारी को ऑनलाइन फॉरेक्स ट्रेडिंग का झांसा दिया गया। जालसाजों ने मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर सात करोड़ रुपये से ज्यादा ठग लिए। पीड़ित कारोबारी ने पुलिस थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। यह कोई पहला मामला नहीं है जब किसी आम या खास इंसान को इस तरह लूटा गया हो। देश के कई हिस्सों से ऐसे ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
शामली और आसपास के जिलों में भी कई लोगों के करोड़ों रुपये इस तरह फंस गए हैं। लोग अपनी मेहनत की कमाई को रातों-रात बढ़ाने के चक्कर में इन जालसाजों के जाल में फंस जाते हैं। शामली के कई परिवारों की सांसें अब अटकी हुई हैं। वे अपनी डूबी हुई रकम को वापस पाने के लिए पुलिस और प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं। साइबर ठग नए-नए तरीके अपनाकर भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। वे सोशल मीडिया और फर्जी ऐप के जरिए लोगों को लुभावने सपने दिखाते हैं।
आरबीआई के नए नियमों से बाजार में क्या बदला
इस बीच भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई ने फॉरेक्स डेरिवेटिव्स के नियमों में बड़ी राहत दी है। पिछले दिनों केंद्रीय बैंक ने कुछ सख्त फैसले लिए थे जिन्हें अब वापस ले लिया गया है। जानकारों का मानना है कि इन बदलावों से विदेशी मुद्रा बाजार में कारोबार करने वालों को थोड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, आम लोगों को यह समझना होगा कि आरबीआई के नियम केवल अधिकृत और कानूनी रूप से पंजीकृत संस्थाओं के लिए हैं। अवैध ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म और फर्जी मोबाइल ऐप से इनका कोई लेना-देना नहीं है। लोग अक्सर भ्रम में आकर गैरकानूनी ऐप पर पैसे लगा देते हैं।
दूसरी तरफ राजनीतिक गलियारों में भी फॉरेक्स और फैक्ट्री से जुड़े मुद्दों पर गरमागरम बहस जारी है। हाल ही में किसानों के समर्थन में उतरे एक मंत्री के भाई की फैक्ट्री पर छापेमारी की गई। इस राजनीतिक घटना ने राज्य की सियासत में भूचाल ला दिया है। आम आदमी पार्टी के नेताओं ने इस कार्रवाई को लेकर सत्ताधारी दल पर तीखे हमले किए हैं। उनका कहना है कि विरोधियों की आवाज दबाने के लिए सरकारी एजेंसियों का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि, इन राजनीतिक विवादों के बीच आम जनता के असली मुद्दे कहीं पीछे छूट जाते हैं।
शिक्षा के मंदिर और सफलता की नई कहानियां
एक तरफ जहां ठगी और राजनीति का दौर चल रहा है, वहीं दूसरी तरफ सकारात्मक खबरें भी देश के कोनों से आ रही हैं। जामिया मिल्लिया इस्लामिया का रेजिडेंशियल कोचिंग अकादमी इन दिनों सफलता की एक बड़ी फैक्ट्री बन गया है। यहां मुफ्त में आईएएस और आईपीएस की तैयारी कराई जाती है। इस साल संस्थान के अड़तीस छात्रों ने यूपीएससी की परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है। इन युवाओं ने साबित कर दिया कि अगर सही दिशा और मेहनत मिले तो गरीब घर के बच्चे भी देश का सबसे कठिन एग्जाम पास कर सकते हैं। यह उन युवाओं के लिए एक मिसाल है जो बिना पैसों के बड़े सपने देखते हैं।
लेकिन ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर होने वाले फ्रॉड पर लगाम लगाना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। साइबर सेल लगातार लोगों को जागरूक कर रही है कि वे बिना जांचे किसी भी ऐप में पैसा न लगाएं। जो कंपनियां खुद को फॉरेक्स मार्केट का बड़ा खिलाड़ी बताती हैं, वे असल में लोगों को लूटने का धंधा चलाती हैं। लोगों को यह समझना होगा कि बिना मेहनत और बिना जोखिम के रातों-रात अमीर बनने का कोई शॉर्टकट नहीं होता। थोड़ा सा लालच आपकी पूरी जिंदगी की कमाई को पलभर में मिट्टी में मिला सकता है।
पैसे निवेश करने से पहले इन जरूरी बातों का रखें ध्यान
अगर आप भी शेयर बाजार या फॉरेक्स ट्रेडिंग में पैसे लगाने की सोच रहे हैं तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान जरूर रखें। सबसे पहले यह जांच लें कि वह प्लेटफॉर्म सेबी या आरबीआई से मान्यता प्राप्त है या नहीं। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने बैंक खाते की जानकारी या ओटीपी बिल्कुल शेयर न करें। सोशल मीडिया पर दिखने वाले उन विज्ञापनों से बिल्कुल दूर रहें जो सौ प्रतिशत मुनाफे की गारंटी देते हैं। अगर आपके साथ किसी भी तरह की ऑनलाइन ठगी होती है, तो तुरंत साइबर क्राइम पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। सतर्क रहकर ही आप अपनी और अपने परिवार की गाड़ी कमाई को सुरक्षित रख सकते हैं।




