आज के दौर में जब भी जेन जी (Gen Z) यानी नई पीढ़ी की बात होती है, तो सबसे पहले इंस्टाग्राम और स्नैपचैट जैसे शॉर्ट-फॉर्म सोशल मीडिया ऐप्स का नाम जुबान पर आता है। आम तौर पर लोगों का यही मानना है कि युवा अपना अधिकांश समय रील्स देखने या चैटिंग करने में बिताते हैं। हालांकि, गूगल की एक हालिया रिपोर्ट ने इस आम धारणा को पूरी तरह से पलट दिया है। इस रिपोर्ट के अनुसार, भारत में जेन जी का सबसे पसंदीदा वीडियो प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम या स्नैपचैट नहीं, बल्कि यूट्यूब है।
एक साल के लिए चुनना हो एक प्लेटफॉर्म, तो पहली पसंद है यूट्यूब
'थिंक विद गूगल' की रिपोर्ट के मुताबिक, यदि भारत के जेन जी दर्शकों को पूरे एक साल के लिए सिर्फ एक ही वीडियो प्लेटफॉर्म चुनने का मौका दिया जाए, जहां वे अपना समय बिताना और कंटेंट देखना पसंद करेंगे, तो उनकी पहली पसंद यूट्यूब होगी। इस रिसर्च में 18 से 24 साल की उम्र के उन युवाओं को शामिल किया गया था जो नियमित रूप से वीडियो देखते हैं।
युवाओं के बीच यूट्यूब की इस लोकप्रियता के पीछे सबसे बड़ा कारण इस प्लेटफॉर्म पर मिलने वाली विविधता है। यहां केवल छोटे वीडियो ही नहीं, बल्कि लंबे वीडियो, इन-डेप्थ पॉडकास्ट, लाइव स्ट्रीम और पसंदीदा क्रिएटर्स का एक्सक्लूसिव कंटेंट एक ही जगह पर मिल जाता है। मनोरंजन के साथ-साथ नई चीजें सीखने और ज्ञान हासिल करने का यह बेहतरीन जरिया साबित हो रहा है।
76% युवाओं को लगता है सही इस्तेमाल हो रहा है समय
रिपोर्ट में किए गए सर्वे के अनुसार, भारत के 76% जेन जी दर्शकों का मानना है कि यूट्यूब पर बिताया गया उनका वक्त सही जगह इस्तेमाल होता है। तुलनात्मक रूप से इंस्टाग्राम के लिए यह आंकड़ा 65% और पारंपरिक टीवी के लिए मात्र 57% दर्ज किया गया। इसका अर्थ यह है कि युवा सोशल मीडिया के अन्य माध्यमों का उपयोग भले ही करते हों, लेकिन अपने समय के सदुपयोग के मामले में वे यूट्यूब को अधिक तरजीह देते हैं।
भरोसेमंद क्रिएटर्स और गूगल की पहुंच
आंकड़े बताते हैं कि भारत में 79% जेन जी रोजाना गूगल या यूट्यूब का उपयोग करते हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि जानकारी और खोज (Search) के मामले में यह उनका मुख्य हब है। इसके अलावा, कैंटर (Kantar) सर्वे के अनुसार, भारत के 93% दर्शकों का मानना है कि यूट्यूब क्रिएटर्स का कंटेंट अन्य प्लेटफॉर्म्स के मुकाबले कहीं अधिक भरोसेमंद और प्रामाणिक होता है। यही वजह है कि यह प्लेटफॉर्म आज के युवाओं की डिजिटल जिंदगी का एक अनिवार्य हिस्सा बन चुका है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल इस रिपोर्ट के दावों की सत्यता की 'The Freelance' स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। यह विषय सोशल मीडिया और तकनीकी गलियारों में व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है। डेटा साभार: थिंक विद गूगल / संबंधित रिपोर्ट्स।





