गुजरात के सुरेंद्रनगर में जिम की आड़ में चल रहा था ब्लैकमेलिंग का गंदा खेल
देशभर में फिटनेस को लेकर क्रेज लगातार बढ़ रहा है और लोग सेहतमंद रहने के लिए जिम का रुख कर रहे हैं। लेकिन, गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने फिटनेस सेंटर्स और वहां आने वाले लोगों की सुरक्षा पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। यहां स्थित 'क्लब 71' नाम के एक जिम में आने वाली संभ्रांत परिवारों की महिलाओं और युवतियों को निशाना बनाकर ब्लैकमेल करने का सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है। इस घटना के सामने आने के बाद से इलाके में हड़कंप मच गया है और आम लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी जिम संचालक ने अपनी हवस और पैसों की हवस के चलते जिम को एक अपराध का अड्डा बना लिया था। युवतियों को भरोसे में लेकर उनके निजी पलों और चेंजिंग रूम के अवांछित वीडियो रिकॉर्ड किए गए। इसके बाद इन वीडियो के जरिए उन पर अनुचित दबाव बनाने और दोस्ती करने के लिए मजबूर करने का नापाक सिलसिला शुरू हुआ। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी को दबोच लिया है और उसके काले कारनामों की परतों को खंगालना शुरू कर दिया है।
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फिल्मी अंदाज में पुलिस ने बिछाया जाल, ग्राहक बनकर पहुंची टीम
यह पूरा मामला तब खुला जब एक पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर स्थानीय पुलिस प्रशासन से संपर्क किया और अपनी आपबीती सुनाई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि जिम के भीतर महिलाओं की गुप्त तस्वीरें और वीडियो बनाए जा रहे हैं, जिनके आधार पर उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरेंद्रनगर के पुलिस अधीक्षक (SP) प्रेमसुख डेलू और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने एक गोपनीय योजना तैयार की। पुलिस ने सीधे तौर पर वर्दी में छापा मारने के बजाय एक सामान्य ग्राहक या फिटनेस प्रेमी की तरह जिम में प्रवेश करने का निर्णय लिया।
सुरेंद्रनगर एएसपी वेदिका बिहानी और उनकी विशेष टीम ने जिम की कार्यप्रणाली को अंदर से समझने के लिए औचक निरीक्षण किया। जब पुलिस को यह पुख्ता यकीन हो गया कि जिम के भीतर कुछ गंभीर और अवैध गतिविधियां चल रही हैं, तो एक रात अचानक वहां बड़ा छापा मारा गया। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने जिम के मैनेजर अमीन यासीन मुल्तानी को दबोच लिया। छापे के दौरान पुलिस को मौके से कई संदिग्ध दस्तावेज, खाली चेक, हिसाब-किताब की डायरियां और डिजिटल उपकरण हाथ लगे, जिन्होंने इस अपराध के दायरे को और बढ़ा दिया।
पेन ड्राइव में मिले आपत्तिजनक वीडियो, अब फोरेंसिक जांच का सहारा
छापेमारी के दौरान पुलिस के हाथ जो सबसे अहम सुराग लगा, वह थीं कुछ पेन ड्राइव और मोबाइल फोन जिनमें दर्जनों युवतियों के कथित आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें मौजूद थीं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन वीडियो का इस्तेमाल पीड़ितों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और डराने के लिए किया जाता था। हालांकि, जांच एजेंसी इस बात को लेकर भी सतर्क है कि क्या ये सभी वीडियो वास्तव में रिकॉर्ड किए गए थे या फिर आधुनिक डिजिटल तकनीक यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मॉर्फिंग का इस्तेमाल करके इन्हें तैयार किया गया था।
इस अनिश्चितता को दूर करने के लिए पुलिस ने सभी बरामद इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को डिजिटल फोरेंसिक लैब में भेज दिया है। फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम यह पता लगाने में जुटी है कि इन वीडियो और तस्वीरों के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ तो नहीं की गई है। इसके अलावा, पुलिस ने पांच महंगे स्मार्टफोन, चार पेन ड्राइव, एक एडाप्टर, ब्लूटूथ डिवाइस और सिम कार्ड भी अपने कब्जे में लिए हैं, जिनकी तकनीकी जांच के जरिए इस पूरे ब्लैकमेलिंग नेटवर्क से जुड़े अन्य चेहरों को बेनकाब किया जा सके।
गैरकानूनी ब्याज और बिना लाइसेंस के संचालन का भी हुआ पर्दाफाश
जांच का दायरा जैसे-जैसे आगे बढ़ा, वैसे-वैसे इस जिम से जुड़े अन्य अवैध धंधों की परतें भी उधड़ने लगीं। पुलिस को मौके से जो खाली चेक और अकाउंट डायरियां मिली हैं, उनसे यह संदेह गहरा गया है कि आरोपी अमीन मुल्तानी कथित तौर पर गैरकानूनी तरीके से ब्याज पर पैसे बांटने का कारोबार भी चलाता था। लोगों को कर्ज के जाल में फंसाकर उनसे अवैध वसूली करना और उनकी संपत्तियों को हड़पने की कोशिश करना भी इस गिरोह के एजेंडे में शामिल हो सकता है। पुलिस इन सभी वित्तीय लेन-देन की गहराई से जांच कर रही है।
इसके साथ ही, नगर पालिका की जांच में यह भी चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि 'क्लब 71' नाम से संचालित होने वाले दोनों जिम बिना किसी वैध लाइसेंस और प्रशासनिक अनुमति के चलाए जा रहे थे। नियमों को ताक पर रखकर चल रहे इन केंद्रों पर स्थानीय प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। नगर पालिका की टीम ने शिवालिक कॉम्प्लेक्स और 80 फीट रोड पर स्थित दोनों जिम परिसरों को पूरी तरह सील कर दिया। इसके अलावा, बिजली विभाग (PGVCL) की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जिम का बिजली कनेक्शन काट दिया ताकि वहां किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को आगे अंजाम न दिया जा सके।
कानूनी शिकंजा और पुलिस की आगे की कार्रवाई
इस गंभीर मामले में सुरेंद्रनगर सिटी ए डिवीजन पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी अमीन मुल्तानी के साथ-साथ जिम में काम करने वाले अन्य कर्मचारियों और रिसेप्शनिस्ट से भी लंबी पूछताछ की है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने और खुद को बचाने के लिए कर्मचारियों के मोबाइल फोन का इस्तेमाल करके युवतियों को संदेश भेजे थे ताकि जांच की आंच सीधे उस तक न पहुंच सके।
"जिम की आड़ में महिलाओं की निजता का हनन करने और उन्हें ब्लैकमेल करने के इस घिनौने कृत्य को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमारे पास डिजिटल सबूत और पेन ड्राइव मौजूद हैं, जिनकी फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। इस अवैध नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की संलिप्तता की भी गहन जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।" — स्थानीय पुलिस प्रशासन, सुरेंद्रनगर
इस घटना ने एक बार फिर समाज और अभिभावकों के सामने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आधुनिक सुविधाओं और फिटनेस क्लबों के नाम पर किस तरह असामाजिक तत्व अपनी मानसिकता को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस का कहना है कि यदि इस मामले में अन्य कोई पीड़िता सामने आकर शिकायत दर्ज कराना चाहती है, तो उसकी पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से शहर के अन्य अवैध और संदिग्ध सेंटर्स संचालकों में भी हड़कंप मच गया है।








