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43वीं मंजिल की बालकनी से लटक गया सॉफ्टवेयर इंजीनियर: बचाने की कोशिश रही नाकाम, नोएडा में खौफनाक हादसा

नोएडा की एक ऊंची इमारत की 43वीं मंजिल से कूदकर एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने अपनी जान दे दी। एसी ठीक कर रहे कर्मचारियों और अन्य लोगों ने उसे बचाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन अधिक वजन होने के कारण उनकी पकड़ छूट गई और वह नीचे जा गिरा।
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टेक एवं ऑटोमोबाइल डेस्क, द फ्रीलांस
तकनीक व ऑटोमोबाइल डेस्क•4 अक्टूबर 2026 • अपडेटेड•27
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43वीं मंजिल की बालकनी से लटक गया सॉफ्टवेयर इंजीनियर: बचाने की कोशिश रही नाकाम, नोएडा में खौफनाक हादसा
📷 43वीं मंजिल की बालकनी से लटक गया सॉफ्टवेयर इंजीनियर: बचाने की कोशिश रही नाकाम, नोएडा में खौफनाक हादसा — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • मृतक की पहचान गुरुग्राम के मानेसर निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर संभव जैन के रूप में हुई है, जो एयरबीएनबी के जरिए फ्लैट में रुका था।
  • घटना के वक्त पास में एसी सुधार रहे कर्मियों ने उसे रेलिंग के बाहर लटका देख बचाने के लिए हाथ बढ़ाया था।
  • प्राथमिक जांच में सामने आया है कि मृतक मानसिक तनाव और कर्ज से जूझ रहा था, उसने पिता को भी मैसेज भेजा था।

नोएडा की गगनचुंबी इमारत में हुआ दिल दहला देने वाला हादसा

देश की राष्ट्रीय राजधानी से सटे नोएडा क्षेत्र में एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। सेक्टर-94 स्थित सुपरनोवा सोसाइटी की स्पायरा बिल्डिंग के 43वें फ्लोर से गिरकर एक युवक की मौत हो गई। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक यह एक आत्महत्या का मामला है, जिसका खौफनाक मंजर वहां मौजूद कुछ लोगों ने अपनी आंखों से देखा। घटना के समय का एक वीडियो भी सामने आया है, जो इस हादसे की भयावहता को बयां करता है।

मृतक की पहचान संभव जैन के रूप में हुई है, जो मूल रूप से हरियाणा के गुरुग्राम स्थित आईएमटी मानेसर का रहने वाला था। वह पेशे से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर था और पेशेवर जिंदगी से जुड़े किसी गंभीर मानसिक दबाव का सामना कर रहा था। इस घटना के बाद से स्थानीय पुलिस के साथ-साथ फॉरेंसिक टीम भी पूरी मुस्तैदी से मामले की अंदरूनी कड़ियों को जोड़ने में जुट गई है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आखिर किन परिस्थितियों ने उसे इस खौफनाक रास्ते पर चलने के लिए मजबूर किया।

एयरबीएनबी के जरिए बुक किया था कमरा, अकेला ठहरा था इंजीनियर

पुलिस पड़ताल में यह बात सामने आई है कि संभव जैन ने अपनी इस यात्रा के लिए ऑनलाइन माध्यम का सहारा लिया था। उसने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म एयरबीएनबी की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए सुपरनोवा की स्पायरा बिल्डिंग में एक कमरा बुक किया था। वह दो अक्टूबर को दोपहर के वक्त यहां पहुंचा था और कमरे में अकेला ही रह रहा था। तय नियमों के मुताबिक उसे शनिवार के दिन ही चेक-आउट करना था, लेकिन अपनी विदाई से ठीक पहले उसने जीवन का यह खौफनाक अंत चुन लिया।

होटलनुमा इस कमरे में ठहरने के दौरान उसकी गतिविधियां सामान्य लग रही थीं, लेकिन उसके भीतर चल रहे मानसिक तूफान का अंदाजा किसी को नहीं था। पुलिस अब यह खंगालने की कोशिश कर रही है कि उसने नोएडा आकर इस विशेष इमारत को ही क्यों चुना और क्या इस दौरान किसी अन्य व्यक्ति से उसकी बातचीत हुई थी या नहीं। कमरे से मिले सामान और डिजिटल उपकरणों की गहराई से जांच की जा रही है ताकि उसकी हालिया गतिविधियों का पूरा कच्चा-चिट्ठा सामने आ सके।

बालकनी की रेलिंग से लटका युवक, एसी रिपेयरिंग स्टाफ ने की बचाने की जद्दोजहद

शनिवार की सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे का वक्त था जब स्पायरा बिल्डिंग के एक हिस्से में खलबली मच गई। पास के ही फ्लैट में कुछ तकनीशियन एयर कंडीशनर ठीक करने का काम कर रहे थे। अचानक उनकी नजर बालकनी की ओर गई तो उनके होश उड़ गए। संभव जैन बालकनी की रेलिंग के बाहर की तरफ लटका हुआ था। उसकी इस खतरनाक स्थिति को देखकर वहां मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत अपनी सूझबूझ का परिचय दिया और उसे ढांढस बंधाना शुरू कर दिया।

कर्मचारियों ने चिल्लाकर और समझाकर उसे नीचे न कूदने की विनती की और वापस अंदर आने को कहा। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए चार लोग तुरंत मदद के लिए आगे आए। उन्होंने तेजी से बढ़कर संभव के हाथ पकड़ लिए और पूरी ताकत से उसे ऊपर खींचने का प्रयास करने लगे। कुछ पलों के लिए ऐसा लगा कि वे उसकी जान बचाने में सफल हो जाएंगे, क्योंकि उन्होंने उसे मजबूती से थाम रखा था और लगातार उसे हिम्मत दे रहे थे।

वजन बना जान का दुश्मन, बचाने वालों के हाथों से फिसल गया युवक

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, संभव काफी देर तक हवा में लटका रहा और नीचे मौजूद लोग उसे लगातार दिलासा देते रहे। इस बातचीत के दौरान संभव ने खुद कबूल किया था कि वह भयंकर तनाव में है और अब जीना नहीं चाहता। बचाने वाले लोग उसे लगातार समझाते रहे कि वह हिम्मत न हारे और वे उसे सुरक्षित खींच लेंगे। हालांकि, इस बीच एक ऐसी शारीरिक बाधा आ गई जिसने सारे प्रयासों पर पानी फेर दिया।

संभव का वजन अधिक होने के कारण बचाने वाले चारों लोगों की पकड़ धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगी। उन्होंने पूरी शिद्दत से जोर लगाया, लेकिन शारीरिक भार अधिक होने की वजह से उसके हाथ उनकी पकड़ से फिसल गए। जैसे ही उसकी पकड़ छूटी, उसने कुछ ही पलों के भीतर नीचे जमीन पर छलांग लगा दी। इतनी ऊंचाई से गिरने के कारण उसका शरीर गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया और मौके पर ही उसकी सांसें थम गईं।

आत्महत्या से पहले पिता को भेजा था संदेश, कर्ज और तनाव की बात आई सामने

हादसे के बाद जब पुलिस ने मृतक के मोबाइल फोन की तकनीकी जांच की, तो एक बेहद मर्माहत कर देने वाला सुराग हाथ लगा। संभव की अपने पिता के साथ व्हाट्सएप पर हुई चैट पुलिस के हाथ लगी है। इस चैट में उसने स्पष्ट रूप से लिखा था कि वह अब और जीना नहीं चाहता और अपने इस कदम के लिए उसने खुद को जिम्मेदार ठहराया था। उसने साफ किया था कि इस पूरी स्थिति के लिए कोई अन्य व्यक्ति जिम्मेदार नहीं है।

पुलिस की शुरुआती जांच में इस बात के भी संकेत मिले हैं कि संभव किसी भारी कर्ज या वित्तीय संकट के जाल में उलझा हुआ था, जिसके कारण वह गहरे अवसाद में चला गया था। हालांकि, इन तमाम पहलुओं की पुष्टि के लिए पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का इंतजार कर रही है। फॉरेंसिक फील्ड यूनिट ने मौके पर पहुंचकर तमाम वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं और सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है ताकि घटनाक्रम के हर एक पल को कानूनी रूप से दर्ज किया जा सके।

"युवक ने बालकनी से लटकने के दौरान मानसिक तनाव की बात कही थी। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे बचाने का पूरा प्रयास किया, लेकिन अधिक वजन होने के कारण वह पकड़ से फिसल गया। मोबाइल चैट से भी मानसिक तनाव की बात पुष्ट हुई है। मामले की हर एंगल से वैज्ञानिक जांच जारी है।" — स्थानीय पुलिस अधिकारी, नोएडा
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