बेंगलुरू/ग्राउंड ब्यूरो — कर्नाटक के विभिन्न हिस्सों में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल रहा है। पिछले कुछ घंटों से गूगल ट्रेंड्स पर कन्नड़ भाषा में 'नाळैया हवामान' यानी कल के मौसम की जानकारी सबसे ज्यादा सर्च की जा रही है। मौसम विभाग और डिजिटल वेदर प्लेटफॉर्म्स से मिले आंकड़ों के अनुसार राज्य के कई ग्रामीण और शहरी इलाकों में अगले चौबीस घंटों के दौरान बादलों की आवाजाही और हल्की ठंड बने रहने की पूरी संभावना है।
वेदर चैनल और एक्यूवेदर की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक कोल्हार और कुलागट्टे जैसे इलाकों में सुबह के समय हल्का कोहरा और ओस देखने को मिल रही है। इन क्षेत्रों में दिन चढ़ने के साथ धूप खिलती है लेकिन शाम ढलते ही तापमान तेजी से नीचे गिरने लगता है। किसानों और स्थानीय कारोबारियों के लिए यह मौसम का बदलाव बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे फसलों की कटाई और रखवाली पर सीधा असर पड़ता है।
कोल्हार और कुलागट्टे में कैसा रहेगा आगामी तापमान
उत्तरी कर्नाटक के प्रमुख इलाकों में शुमार कोल्हार में आज और कल के बीच तापमान सामान्य से थोड़ा कम दर्ज किया जा सकता है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि हवा की दिशा बदलने से ठंडक का अहसास ज्यादा हो रहा है। स्थानीय किसानों का कहना है कि इस तरह का मौसम रबी की फसलों के लिए तो ठीक है लेकिन अचानक हुई नमी से फसलों को बचाने के लिए उन्हें अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है।
कुलागट्टे और आसपास के गांवों में भी कमोबेश यही स्थिति बनी हुई है। सुबह के वक्त खेतों में काम करने वाले मजदूरों और स्कूली बच्चों को ठंडी हवाओं का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग की तरफ से अभी तक किसी भारी बारिश या तूफान की चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने लोगों को बदलते मौसम में स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी है।
जेवर्गी और उपरिगेनाहल्ली में मौसम का हाल
जेवर्गी और उपरिगेनाहल्ली के मौसम पूर्वानुमान पर नजर डालें तो यहां भी अगले चौबीस घंटों में मौसम साफ रहने के साथ हल्की ठंडी हवाएं चलने का अनुमान है। एमएसएन वेदर और अन्य क्षेत्रीय रिपोर्टों के मुताबिक दिन का अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास ही रहेगा, जबकि रात के वक्त पारे में हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है। मौसम में हो रहे इन छोटे बदलावों के कारण सर्दी-जुकाम जैसी मौसमी बीमारियां भी बढ़ने लगी हैं।
स्थानीय अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर पिछले दो दिनों में मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या में हल्का इजाफा देखा गया है। डॉक्टरों का कहना है कि मौसम के इस संक्रामक दौर में बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से अपना ध्यान रखना चाहिए। घर से बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनना और खानपान में सावधानी बरतना इस समय सबसे ज्यादा जरूरी हो गया है।
किसानों और आम जनता के लिए जरूरी सावधानियां
द फ्रीलान्स की जमीनी पड़ताल के अनुसार कर्नाटक के इन ग्रामीण इलाकों में लोग मोबाइल ऐप्स के जरिए लगातार मौसम की पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। सोशल मीडिया और इंटरनेट पर मौसम से जुड़े सर्च ट्रेंड्स इस बात का गवाह हैं कि आम लोग अब अपने दैनिक कार्यों को तय करने से पहले मौसम का पूर्वानुमान जरूर जांच रहे हैं। खासकर कृषि से जुड़े लोग अपनी फसलों को खुले आसमान के नीचे सुरक्षित रखने के लिए एहतियाती कदम उठा रहे हैं।
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में राज्य के भीतर तापमान में और अधिक गिरावट आ सकती है, जिससे ठंड का असर पूरी तरह से महसूस होने लगेगा। प्रशासन और स्थानीय निकाय भी बदलते मौसम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। पाठकों से अपील है कि वे घर से बाहर निकलने से पहले अपने क्षेत्र की ताजा मौसम रिपोर्ट जरूर जांच लें।








