ऑटोमोबाइल बाजार में त्योहारी सीजन की बंपर शुरुआत
भारतीय वाहन बाजार के लिए सितंबर का महीना बेहद शानदार साबित हुआ है। देश की प्रमुख वाहन निर्माताओं ने अपनी बिक्री के जो आंकड़े साझा किए हैं, वे ऑटो सेक्टर की मजबूत रिकवरी और ग्राहकों के बढ़ते उत्साह की तस्दीक करते हैं। खासकर त्योहारी सीजन के नजदीक आते ही पैसेंजर कारों और कमर्शियल वाहनों की मांग में अभूतपूर्व तेजी देखने को मिली है। बाजार के जानकारों का मानना है कि आने वाले महीनों में यह रफ्तार और अधिक तीव्र हो सकती है।
देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने सितंबर के दौरान अपनी बिक्री के नए आयाम रचे हैं। कंपनी के पोर्टफोलियो में शामिल विभिन्न मॉडलों ने बाजार में अपनी पकड़ को और मजबूत किया है। खास तौर पर आधुनिक तकनीक से लैस एसयूवी और यूटिलिटी वाहनों ने खरीदारों को अपनी ओर आकर्षित किया है, जिसके चलते कुल आंकड़ों में भारी उछाल दर्ज किया गया है।
विभिन्न ऑटो रिपोर्टों और कंपनी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, केवल घरेलू बाजार में ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर भी भारतीय ऑटोमोबाइल कंपनियों के उत्पादों की धाक बरकरार है। आर्थिक विश्लेषकों का कहना है कि ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों से गाड़ियों की मांग में लगातार इजाफा हो रहा है, जो अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
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मारुति सुजुकी की कुल बिक्री 2.36 लाख के पार
मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के लिए सितंबर का महीना रिकॉर्डतोड़ बिक्री लेकर आया। कंपनी द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, समीक्षाधीन महीने में उसकी कुल बिक्री 2.36 लाख यूनिट के आंकड़े को पार कर गई। इसमें घरेलू बाजार में हुई बिक्री के साथ-साथ विदेशों में किया गया निर्यात भी शामिल है।
घरेलू बाजार में मारुति ने अन्य ऑटो कंपनियों यानी ओईएम को की गई आपूर्ति को मिलाकर कुल 1,91,794 वाहन बेचे। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 1,47,461 यूनिट का था, जिससे साफ होता है कि सालाना आधार पर घरेलू बिक्री में लगभग 30 प्रतिशत की शानदार वृद्धि हुई है। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भेजे गए वाहनों को भी जोड़ लिया जाए, तो कुल बिक्री 2,36,013 यूनिट पर पहुंच जाती है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 24 प्रतिशत अधिक है।
कंपनी के पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए बाजार में अपनी बादशाहत कायम रखी है। ऑल्टो, बलेनो, वैगनआर, स्विफ्ट और डिजायर जैसी लोकप्रिय कारों वाले मिनी और कॉम्पैक्ट सेगमेंट में भी ग्राहकों की जबरदस्त रुचि बनी हुई है, जिससे कुल बिक्री के आंकड़े लगातार ऊंचे बने हुए हैं।
एसयूवी और यूटिलिटी वाहनों की धूम
मारुति सुजुकी की इस शानदार सफलता के पीछे सबसे बड़ा योगदान यूटिलिटी व्हीकल और एसयूवी सेगमेंट का रहा है। इस कैटेगरी में सालाना आधार पर 62 प्रतिशत की भारी-भरकम बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कंपनी ने सितंबर महीने में कुल 78,911 यूटिलिटी व्हीकल्स की बिक्री की, जबकि पिछले साल इसी महीने यह आंकड़ा 48,695 यूनिट पर सिमट गया था।
इस सेगमेंट में ब्रेजा, अर्टिगा, ग्रैंड विटारा, फ्रॉन्क्स, जिम्नी और इन्विक्टो जैसी गाड़ियां शामिल हैं। भारतीय उपभोक्ताओं की पसंद अब पारंपरिक हैचबैक से बदलकर आधुनिक एसयूवी और एमपीवी की तरफ तेजी से शिफ्ट हो रही है। यही वजह है कि ऑटोमोबाइल कंपनियां इन सेगमेंट में नए वेरिएंट और तकनीक उतारने पर विशेष जोर दे रही हैं।
"भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में इस समय एसयूवी और यूटिलिटी वाहनों की मांग चरम पर है। ग्राहकों की बदलती प्राथमिकताएं और त्योहारों से पहले की गई एडवांस बुकिंग हमारी ग्रोथ का मुख्य आधार बनी हैं।"— ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री एक्सपर्ट
कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में महिंद्रा का शानदार प्रदर्शन
केवल पैसेंजर कारों ही नहीं, बल्कि कमर्शियल व्हीकल मार्केट में भी महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड ने बेहतरीन कामयाबी हासिल की है। कंपनी को 3.5 टन से अधिक वजन वाले ट्रकों और बसों की कुल बिक्री में साल-दर-साल आधार पर 53 प्रतिशत की दमदार ग्रोथ मिली है। सितंबर के दौरान कंपनी ने विभिन्न श्रेणियों में हजारों की संख्या में भारी वाहन बेचे।
महिंद्रा के ट्रक और बस डिवीजन के साथ-साथ एसएमएल महिंद्रा लिमिटेड ने भी इस सफलता में अहम भूमिका निभाई है। कार्गो व्हीकल और पैसेंजर कैरियर दोनों की ही मांग में जबरदस्त तेजी देखी गई है। माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में बढ़ रही गतिविधियों के कारण कमर्शियल वाहनों की बिक्री को सीधा बल मिला है।
त्योहारी सीजन का असर और आगे की उम्मीदें
ऑटो सेक्टर के जानकारों का मानना है कि सितंबर के महीने में दर्ज की गई यह ऊंची बिक्री दर आने वाले पूरे फेस्टिव सीजन की एक मजबूत बानगी है। नवरात्रि, दशहरा और दीपावली जैसे बड़े त्योहारों के दौरान वाहन खरीदने को शुभ माना जाता है, जिसके कारण लोग पहले से ही अपनी बुकिंग पक्की कर रहे हैं।
कंपनियों द्वारा दी जा रही आकर्षक फाइनेंस स्कीम और नए मॉडलों के लॉन्च ने बाजार के उत्साह को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। आने वाले हफ्तों में डीलर्स और निर्माताओं को उम्मीद है कि बिक्री के नए रिकॉर्ड टूट सकते हैं, जिससे संपूर्ण ऑटोमोबाइल उद्योग को एक नई वित्तीय मजबूती मिलेगी।






