भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में ओबेन इलेक्ट्रिक का शानदार मुकाम
देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर में इन दिनों इलेक्ट्रिक वाहनों की चर्चा हर तरफ है। जब भी पर्यावरण के अनुकूल दोपहिया वाहनों की बात आती है, तो अमूमन लोगों के जेहन में इलेक्ट्रिक स्कूटर का ख्याल आता है। भारतीय सड़कों पर लंबे समय से स्कूटर्स का दबदबा रहा है। हालांकि, समय के साथ अब तस्वीर तेजी से बदल रही है। देश की युवा पीढ़ी और राइडर्स अब पारंपरिक रूप-रंग वाली मोटरसाइकिलों को भी इलेक्ट्रिक अवतार में पसंद करने लगे हैं। इस बदलते ट्रेंड के बीच बेंगलुरु स्थित एक स्टार्टअप 'ओबेन इलेक्ट्रिक' ने बड़ी कामयाबी हासिल की है।
वाहन पोर्टल के आंकड़ों के मुताबिक, ओबेन इलेक्ट्रिक ने बिक्री के मामले में तमाम दिग्गज ब्रांड्स को पीछे छोड़ दिया है। कंपनी ने सितंबर महीने में अपनी कुल 1,417 इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिलों का रजिस्ट्रेशन कराकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह किसी भी महीने में इस स्टार्टअप की अब तक की सबसे बड़ी और रिकॉर्ड तोड़ बिक्री है। इस सफलता के पीछे कंपनी का 'मोटरसाइकल-फर्स्ट' विजन और उसका आधुनिक उत्पाद है, जिसने बाजार में आते ही तहलका मचा दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि दोपहिया वाहन बाजार में इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिलों की यह छलांग इस बात का प्रमाण है कि भारतीय उपभोक्ता अब लंबी रेंज और दमदार परफॉर्मेंस वाले विकल्पों को अपनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। ओबेन की इस उपलब्धि ने साबित कर दिया है कि यदि सही तकनीक और किफायती दाम का मेल मिल जाए, तो देसी स्टार्टअप्स भी बड़े मुकाम हासिल कर सकते हैं।
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ओबेन रोर इवो की धमाकेदार एंट्री और शानदार रेंज
इस रिकॉर्डतोड़ बिक्री के पीछे मुख्य रूप से कंपनी के नवीनतम मॉडल 'ओबेन रोर इवो' (Oben Rorr Evo) का बड़ा हाथ है। इस इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह आधुनिक टेक्नोलॉजी के साथ-साथ पारंपरिक बाइक प्रेमियों को भी अपनी ओर आकर्षित करती है। कंपनी का दावा है कि यह बाइक सिंगल चार्ज पर 180 किलोमीटर तक की लंबी दूरी तय करने में सक्षम है। लंबी यात्रा करने वालों के लिए यह एक बेहतरीन विकल्प साबित हो रही है।
परफॉर्मेंस के मोर्चे पर भी यह बाइक किसी से कम नहीं है। यह महज 3 सेकंड में ही 0 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती है। इसकी टॉप स्पीड 110 किलोमीटर प्रति घंटा है, जो हाइवे पर भी फर्राटा भरने के लिए पर्याप्त है। इसके अलावा, इसकी चार्जिंग क्षमता भी काफी असरदार है। फास्ट चार्जर की मदद से इसकी 3.4kWh क्षमता वाली बैटरी मात्र 90 मिनट में 0 से 80 प्रतिशत तक चार्ज हो जाती है। आम नागरिकों के बजट को ध्यान में रखते हुए इसकी रनिंग कॉस्ट बेहद कम है।
"हमने हमेशा से ऐसा उत्पाद बनाने पर जोर दिया है जो भारतीय सड़कों की वास्तविक जरूरतों और राइडर्स की उम्मीदों पर पूरी तरह खरा उतरे। रोर इवो की अपार सफलता इस बात का प्रमाण है कि हमारे ग्राहकों ने हमारी तकनीक और गुणवत्ता पर पूरा भरोसा जताया है।" — ओबेन इलेक्ट्रिक प्रबंधन
जेब पर भारी नहीं पड़ती राइड: महज 35 रुपये में तय करें लंबा सफर
बढ़ते ईंधन के दामों के बीच आम आदमी के लिए दोपहिया वाहन चलाना लगातार महंगा होता जा रहा है। ऐसे में ओबेन रोर इवो जैसी इलेक्ट्रिक बाइक लोगों के लिए आर्थिक रूप से बेहद राहत भरी साबित हो रही है। यदि मौजूदा बिजली दरों (लगभग 8 रुपये प्रति यूनिट) के हिसाब से गणना की जाए, तो इस बाइक की 3.4kWh बैटरी को फुल चार्ज करने में मात्र 35 रुपये के आसपास का खर्च आता है। यानी एक रुपये से भी कम खर्च में आप करीब 5 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकते हैं।
कम रख-रखाव खर्च और पेट्रोल के मुकाबले नगण्य संचालन लागत के कारण यह बाइक मध्यम वर्गीय परिवारों और रोजाना ऑफिस आने-जाने वाले युवाओं की पहली पसंद बनती जा रही है। पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ पैसों की भारी बचत इस वाहन की सबसे बड़ी यूएसपी बन चुकी है। यही वजह है कि तमाम महंगाई के दौर में भी ग्राहक इस इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल पर भरोसा जता रहे हैं और इसकी बुकिंग व डिलीवरी तेजी से बढ़ रही है.
उत्पादन का मील का पत्थर और देशव्यापी नेटवर्क का विस्तार
बढ़ती हुई मांग को समय पर पूरा करने के लिए ओबेन इलेक्ट्रिक ने अपने बुनियादी ढांचे को भी मजबूत किया है। हाल ही में कंपनी ने अपनी बेंगलुरु स्थित अत्याधुनिक निर्माण इकाई से 10,000वीं इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल को रोल-आउट करने का ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल किया है। लगभग 3.5 एकड़ में फैली इस आधुनिक फैक्ट्री की सालाना उत्पादन क्षमता एक लाख मोटरसाइकिलों की है, जो भविष्य की किसी भी बड़ी मांग को पूरा करने के लिए पूरी तरह सक्षम है।
कंपनी का पूरा जोर 'मेक इन इंडिया' की अवधारणा के तहत इन-हाउस तकनीक विकसित करने पर है। एलएफपी बैटरी, मोटर्स, वीसीयू और सॉफ्टवेयर जैसी महत्वपूर्ण तकनीकें खुद ही तैयार की जा रही हैं। इसके साथ ही ग्राहकों को बेहतर बिक्री के बाद सेवाएं (After Sales Service) देने के लिए कंपनी ने देश के 18 राज्यों के 90 से अधिक शहरों में 150 से ज्यादा शोरूम और 'ओबेन केयर' सर्विस सेंटर स्थापित किए हैं, जिससे उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
बाजार में कड़ी टक्कर: रिवोल्ट और अल्ट्रावायलेट भी रेस में शामिल
देश की इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल इंडस्ट्री में इस समय मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है। ओबेन इलेक्ट्रिक के बाद दूसरे स्थान पर रिवोल्ट इंटेलिकॉर्प (Revolt Intellicorp) है, जिसने सितंबर महीने में 1,027 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की है। वहीं, हाई-परफॉर्मेंस इलेक्ट्रिक बाइक्स के सेगमेंट में अपनी पहचान बनाने वाली अल्ट्रावायलेट ऑटोमोटिव (Ultraviolette) तीसरे पायदान पर रही, जिसकी कुल 536 यूनिट्स बिकीं। इनके अलावा मैटर मोटर वर्क और रैपटी एनर्जी जैसी कंपनियां भी इस बाजार में अपने कदम मजबूती से जमा रही हैं।
समीक्षा की जाए तो इन प्रमुख पांचों कंपनियों की कुल बिक्री सितंबर माह में 3,066 यूनिट्स तक पहुंच गई है। इसमें अकेले ओबेन इलेक्ट्रिक की बाजार हिस्सेदारी (Market Share) करीब 46.2 प्रतिशत है, जो यह दर्शाती है कि यह ब्रांड इस सेगमेंट का बेताज बादशाह बन चुका है। हालांकि, अगर कुल इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट की बात करें, जिसमें स्कूटर्स भी शामिल हैं, तो टीवीएस मोटर और ओला जैसे ब्रांड्स आगे हैं, लेकिन शुद्ध इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल वर्ग में ओबेन ने अपनी बादशाहत कायम कर ली है।
निष्कर्ष और भविष्य की राह
भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार अब पूरी तरह से इलेक्ट्रिक बदलाव के दौर से गुजर रहा है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और प्रदूषण की समस्या से निजात पाने के लिए लोग तेजी से ई-मोबिलिटी की ओर रुख कर रहे हैं। ओबेन इलेक्ट्रिक जैसी कंपनियों की सफलता इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में भारतीय सड़कें पूरी तरह हरित ऊर्जा से संचालित वाहनों से गुलजार होंगी। यदि कंपनियां इसी प्रकार किफायती, भरोसेमंद और लंबी रेंज वाले उत्पाद पेश करती रहीं, तो देश का इलेक्ट्रिक वाहन बाजार वैश्विक स्तर पर एक नई मिसाल कायम करेगा।








