सिनेमाई नगरी में आशियाना बनाने का सफर
मायावती और सपनों की नगरी मुंबई में हर रोज लाखों युवा अपनी आंखों में सुनहरे सपने लेकर आते हैं। यहां टिके रहना और अपनी पहचान बनाना किसी लोहे के चने चबाने से कम नहीं होता है। बहुत कम लोग ऐसे होते हैं जो बिना किसी गॉडफादर या फिल्मी पृष्ठभूमि के इस मुकाम को हासिल कर पाते हैं। अभिनेता सूरज सोनिक की कहानी भी कुछ ऐसी ही प्रेरणादायक है, जिन्होंने एक दशक लंबे कड़े संघर्ष के बाद आखिरकार मुंबई जैसे महंगे शहर में अपना खुद का आशियाना खरीद लिया है।
सूरज ने अपनी इस बड़ी कामयाबी की खबर सोशल मीडिया और अपने आधिकारिक यूट्यूब चैनल के जरिए अपने चाहने वालों के साथ साझा की। उन्होंने अपने वीडियो में खुलकर अपने उन दिनों को याद किया जब उनके पास बड़े प्रोजेक्ट्स नहीं थे। एक आम इंसान के लिए मुंबई में घर खरीदना एक बहुत बड़ा सपना होता है, और जब कोई संघर्षरत कलाकार अपनी मेहनत के दम पर इस मुकाम को छूता है, तो उसकी कहानी हर युवा के लिए एक मिसाल बन जाती है।
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'सुल्तान' फिल्म में 1000 रुपये की दिहाड़ी से हुई थी शुरुआत
हर बड़े मुकाम की शुरुआत अक्सर बहुत छोटी और संघर्षपूर्ण होती है। सूरज सोनिक के करियर का शुरुआती दौर भी इससे अलग नहीं था। उन्होंने बॉलीवुड के भाईजान कहे जाने वाले सुपरस्टार सलमान खान की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'सुल्तान' से अपने अभिनय सफर की शुरुआत की थी। इस फिल्म में उन्हें कोई लीड रोल नहीं मिला था, बल्कि वह एक साधारण जूनियर आर्टिस्ट के रूप में नजर आए थे।
उस दौर को याद करते हुए सूरज बताते हैं कि उस फिल्म में काम करने के बदले उन्हें रोजाना मात्र 1,000 रुपये की दिहाड़ी मिलती थी। इतने कम पैसों में मुंबई जैसे शहर में जीवन यापन करना और किराए का कमरा संभालना बेहद कठिन था। लेकिन उस छोटे से काम ने उनके अंदर अभिनय के प्रति लगन को और ज्यादा मजबूत कर दिया। उन्हें इस बात का मलाल कभी नहीं रहा कि वह पर्दे पर सिर्फ भीड़ का हिस्सा थे, बल्कि उन्होंने उस अनुभव को अपनी सीख बनाया।
माइक्रो-ड्रामा और वर्टिकल सीरीज ने बदली तकदीर
वक्त के साथ मनोरंजन जगत का स्वरूप भी तेजी से बदला है। आज के डिजिटल दौर में स्मार्टफोन पर देखी जाने वाली छोटी सीरीज और रील्स का बोलबाला है। सूरज सोनिक ने इस बदलते ट्रेंड को समय रहते भांप लिया और खुद को उसी के अनुसार ढाल लिया। उन्होंने पारंपरिक फिल्मों का इंतजार करने के बजाय नए दौर के डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का रुख किया।
सूरज ने जियोहॉटस्टार, अमेजन, स्टोरी टीवी और कूकु जैसे तमाम लोकप्रिय ओटीटी और डिजिटल ऐप्स के लिए काम किया। उन्होंने गर्व के साथ बताया कि वह पिछले कुछ सालों में बतौर मुख्य अभिनेता 100 से अधिक माइक्रो-ड्रामा और वर्टिकल सीरीज में काम कर चुके हैं। आज यही छोटे दिखने वाले फॉर्मेट्स उनके करियर और वित्तीय स्थिरता की सबसे बड़ी ताकत बन चुके हैं।
विज्ञापनों और छोटे प्रोजेक्ट्स से होती है तगड़ी कमाई
आज के समय में कलाकारों के पास कमाई के ढेरों नए जरिए मौजूद हैं। सूरज सोनिक नए कलाकारों को सलाह देते हुए कहते हैं कि उन्हें कभी भी बड़े रोल या बड़ी फिल्मों के इंतजार में अपना समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। यदि कोई नया कलाकार बिना किसी अनुभव के भी मुंबई आता है, तो वह छोटे-छोटे प्रोजेक्ट्स के जरिए आसानी से अपनी आजीविका चला सकता है।
सूरज के अनुसार, शुरुआती दौर में यदि कोई कलाकार पांच-पांच हजार रुपये वाले दस काम भी ढूंढ लेता है, तो महीने की अच्छी खासी कमाई हो जाती है। वहीं, जो अभिनेता इंडस्ट्री में थोड़ा पुराना हो जाता है, वह कुछ ही चुनिंदा प्रोजेक्ट्स से बेहतरीन मुनाफा कमा सकता है। आज की तारीख में सूरज खुद एक विज्ञापन शूट के लिए 1 लाख रुपये तक पारिश्रमिक लेते हैं और 12 घंटे की शिफ्ट के लिए 50,000 रुपये चार्ज करते हैं।
कलाकारों के लिए सफलता का मूलमंत्र
इतनी सफलता हासिल करने के बाद भी सूरज सोनिक जमीन से जुड़े हुए हैं। उनका मानना है कि संघर्ष के दिनों में कलाकारों को बिना किसी ठोस वजह के काम को ठुकराने से बचना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह चेतावनी भी दी है कि काम चुनते समय डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और निर्माताओं की विश्वसनीयता की जांच जरूर करनी चाहिए ताकि किसी तरह की धोखाधड़ी का सामना न करना पड़े।
"भले ही मुझे कभी कोई बहुत बड़ा या कमर्शियल फिल्म का लीड रोल नहीं मिला, लेकिन मैंने पिछले 10 सालों में अपनी मेहनत के दम पर अभिनय को ही अपनी रोजी-रोटी बनाया और आज मुंबई में अपना घर खरीद लिया है। छोटे प्रोजेक्ट्स को कभी छोटा मत समझिए।" — सूरज सोनिक, अभिनेता
सूरज सोनिक की यह सफलता उन तमाम युवाओं के लिए एक बड़ा संदेश है जो महानगरों में अपनी किस्मत आजमाने आते हैं। धैर्य, निरंतरता और सही समय पर सही फैसले लेने की कला ही किसी भी इंसान को फर्श से अर्श तक पहुंचा सकती है।








