प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल असम के गुवाहाटी से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त जारी करने वाले हैं। इस योजना का इंतजार देश के करोड़ों किसान लंबे समय से कर रहे थे। सरकार की इस बड़ी पहल से किसानों के खातों में सीधे पैसे ट्रांसफर किए जाएंगे ताकि खेती किसानी के खर्चों में राहत मिल सके। कृषि मंत्रालय के मुताबिक इस बार भी डीबीटी यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए रकम सीधे बैंक खातों में पहुंचेगी।
इस कार्यक्रम को लेकर गुवाहाटी में प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। देश भर के किसान इस किस्त के आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे ताकि वे अपनी अगली फसल की बुआई और खाद-बीज का इंतजाम आसानी से कर सकें। पिछले कुछ हफ्तों से किसानों के बीच इस बात की चर्चा थी कि अगली किस्त कब आएगी और अब कल यह तारीख तय हो गई है।
गुवाहाटी से देश के करोड़ों किसानों को मिलेगा तोहफा
प्रधानमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार कल आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम में कई बड़े नेता और कृषि मंत्री भी मौजूद रहेंगे। इस योजना के तहत हर साल किसानों को निश्चित राशि दी जाती है जो तीन अलग-अलग किस्तों में उनके खातों में भेजी जाती है। पिछले कुछ महीनों में कृषि विभाग ने उन सभी किसानों के दस्तावेजों की दोबारा जांच की है जिनके आवेदन में कुछ खामियां थीं। इस बार यह सुनिश्चित किया गया है कि कोई भी पात्र किसान इस मदद से वंचित न रहे।
जमीनी स्तर पर हमारे संवाददाताओं ने कई किसानों से बात की और उनकी प्रतिक्रिया जानी। उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर तक के किसानों में इस किस्त को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है। किसानों का कहना है कि यह पैसा उनके लिए किसी बड़े सहारे से कम नहीं है क्योंकि खाद और डीजल के बढ़ते दामों के बीच यह आर्थिक मदद बहुत काम आती है। बैंक अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे किसानों के खातों में पैसे पहुंचने के बाद किसी भी तरह की तकनीकी रुकावट न आने दें।
किस्त का स्टेटस चेक करने के लिए किसानों को क्या करना होगा
जिन किसानों ने अभी तक अपना ई-केवाईसी पूरा नहीं कराया है, उन्हें सलाह दी गई है कि वे जल्द से जल्द अपना काम पूरा करवा लें। सरकार ने साफ कर दिया है कि जिन खातों का सत्यापन नहीं हुआ है, उनके पैसे अटक सकते हैं। किसान लोग अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र पर जाकर या आधिकारिक पोर्टल के जरिए अपना स्टेटस खुद चेक कर सकते हैं। पोर्टल पर आधार नंबर और मोबाइल नंबर डालकर यह आसानी से पता चल जाता है कि किस्त उनके खाते में भेजी गई है या नहीं।
द फ्रीलान्स की टीम लगातार इस मामले पर नजर बनाए हुए है और हम आपको कल के मुख्य कार्यक्रम की पल-पल की अपडेट देते रहेंगे। प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं ताकि किसी भी किसान को भुगतान से जुड़ी समस्या होने पर तुरंत मदद मिल सके। कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार का यह डिजिटल प्रयास काफी असरदार साबित हो रहा है और बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह खत्म हो चुकी है।
कृषि क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम
प्रधानमंत्री किसान योजना देश की सबसे बड़ी आर्थिक सहायता योजनाओं में से एक है जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सीधी ताकत मिलती है। गुवाहाटी से इस किस्त का जारी होना यह भी दिखाता है कि सरकार पूर्वोत्तर राज्यों के विकास और वहां के किसानों की बेहतरी पर कितना ध्यान दे रही है। कल होने वाले इस कार्यक्रम के बाद देश भर के किसानों के मोबाइल पर पैसे आने के मैसेज आने शुरू हो जाएंगे।










