नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — वैश्विक शेयर बाजारों में इस समय हलचल काफी तेज है। अमेरिकी शेयर बाजार में लगातार चौथे दिन तेजी का सिलसिला जारी रहा। अमेरिकी बाजार के प्रमुख सूचकांक डॉव जोन्स और नैस्डैक ने नए रिकॉर्ड स्तर को छू लिया है। निवेशकों का रुझान बड़े शेयरों की तरफ तेजी से बढ़ा है। हालांकि अमेरिका में महंगाई के आंकड़े यानी सीपीआई डेटा आने वाले हैं और कंपनियां अपने तीसरी तिमाही के नतीजे पेश करने वाली हैं, फिर भी बाजार का मूड फिलहाल बेहद सकारात्मक बना हुआ है।
बाजार से मिले आंकड़ों के मुताबिक टेक शेयरों की अगुवाई में नैस्डैक इंडेक्स ने इंट्राडे कारोबार के दौरान 27,722 का अपना नया लाइफ हाई छू लिया। कारोबार के अंत में नैस्डैक करीब 122 अंक चढ़कर पहली बार 27,600 के पास बंद हुआ। वहीं दूसरी तरफ, बांड यील्ड के 24 साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचने के बावजूद डॉव जोन्स में 423 अंकों की बड़ी बढ़त दर्ज की गई। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर आर्थिक संकेत मिले-जुले हैं, लेकिन निवेशकों का भरोसा बाजार पर अभी भी पूरी तरह कायम है।
एसएंडपी डाउ जोन्स और एचकेईएक्स की नई साझेदारी
इस बीच एसएंडपी डाउ जोन्स इंडिसेज ने हांगकांग एक्सचेंज यानी एचकेईएक्स के साथ मिलकर एक नया इंडेक्स लॉन्च करने का ऐलान किया है। इस रणनीतिक साझेदारी का मकसद एशियाई बाजारों में निवेशकों को निवेश के नए और बेहतर विकल्प उपलब्ध कराना है। हांगकांग और अमेरिका के बाजारों के बीच यह तालमेल ऐसे समय पर आया है जब वैश्विक स्तर पर वित्तीय संस्थाएं अपनी पहुंच को और ज्यादा मजबूत करने में जुटी हुई हैं। इस नए इंडेक्स से एशियाई क्षेत्र के निवेशकों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
दूसरी तरफ, अमेरिका में लगातार आ रहे मजबूत आर्थिक आंकड़ों के बाद बाजार के जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में केंद्रीय बैंक की नीतियों पर सबकी नजर रहेगी। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर क्या रणनीति होगी, यह आने वाले महंगाई के आंकड़ों से तय होगा। निवेशक हर एक डेटा पर बारीक नजर रखे हुए हैं ताकि बाजार के अगले रुख का अंदाजा लगाया जा सके। कंपनियों के तीसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे भी तय करेंगे कि यह तेजी आगे भी जारी रहेगी या नहीं।
भारतीय बाजार और गिफ्ट निफ्टी पर इसका असर
अंतरराष्ट्रीय बाजारों की इस जबरदस्त तेजी का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिल रहा है। सुबह के शुरुआती कारोबार में गिफ्ट निफ्टी से संकेत काफी सकारात्मक मिल रहे हैं। हालांकि एशियाई बाजारों के कुछ हिस्सों से सुस्ती के संकेत भी मिल रहे हैं, जिसके चलते घरेलू बाजार में मिला-जुला रुख देखने को मिल सकता है। भारतीय निवेशक ग्लोबल मार्केट के इन उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखते हुए अपनी रणनीति तैयार कर रहे हैं ताकि जोखिम को कम किया जा सके।
हमारे ग्राउंड संवाददाताओं और वित्तीय विश्लेषकों के मुताबिक, भारतीय निवेशकों को वैश्विक खबरों के साथ-साथ घरेलू कंपनियों के नतीजों पर भी पूरा ध्यान देना चाहिए। जब तक अमेरिकी बाजार में रिकॉर्ड बनने का सिलसिला जारी है, तब तक भारतीय बाजार के सेंटिमेट को भी इसका सपोर्ट मिलता रहेगा। हालांकि जानकारों की यह भी सलाह है कि ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली से इंकार नहीं किया जा सकता है, इसलिए निवेश करते समय पूरी सावधानी बरतना जरूरी है।
भविष्य की चाल और निवेशकों के लिए जरूरी सलाह
फिलहाल वैश्विक बाजारों की ये चाल इस बात का संकेत दे रही है कि निवेशक जोखिम उठाने से पीछे नहीं हट रहे हैं। चाहे टेक शेयरों की बात हो या फिर पारंपरिक औद्योगिक शेयरों की, हर तरफ खरीदारी का माहौल बना हुआ है। आने वाले हफ्तों में जब कंपनियों के तिमाही नतीजे पूरी तरह सामने आ जाएंगे, तब बाजार की असली तस्वीर और अधिक साफ हो जाएगी। द फ्रीलान्स की टीम इस वैश्विक आर्थिक हलचल पर लगातार नजर बनाए रखेगी और हर नई अपडेट आप तक पहुंचाती रहेगी।











