देश के धार्मिक और आध्यात्मिक केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अक्सर सवाल खड़े होते रहते हैं। राजस्थान के एक प्रमुख तीर्थ स्थल पर हुई एक सनसनीखेज घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। प्रसिद्ध तीर्थराज लोहार्गल की पहाड़ियों पर स्थित बरखंडी धाम में एक बुजुर्ग संत की निर्मम हत्या का मामला सामने आया है। इस दुस्साहसिक वारदात को किसी बाहरी बदमाश ने गहरी साजिश के तहत अंजाम दिया था, जिसने आस्था की आड़ में मंदिर के चढ़ावे को लूटने का खौफनाक षड्यंत्र रचा था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज पांच दिनों के भीतर इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझा लिया और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
तीर्थ स्थल पर खौफनाक साजिश और संत का मर्डर
घटना की शुरुआत तब हुई जब बरखंडी धाम के मुख्य संत सुरजादास महाराज संदिग्ध परिस्थितियों में अचानक लापता हो गए। स्थानीय लोगों और शिष्यों को जब उनके गायब होने की भनक लगी तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल एक्शन लिया और एफएसएल टीम, डॉग स्क्वॉड तथा साइबर सेल की मदद से घटनास्थल की बारीकी से जांच-पड़ताल शुरू की। तलाश के दौरान पुलिस को संत का शव बरखंडी की पहाड़ियों में एक गहरी और संकरी खाई से बरामद हुआ। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद पूरे इलाके में शोक और रोष की लहर दौड़ गई।
प्राथमिक जांच में ही यह साफ हो गया था कि यह कोई साधारण हादसा नहीं, बल्कि सोची-समझी हत्या है। पुलिस ने जब तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल्स को खंगाला, तो एक के बाद एक कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए। जांच में पता चला कि आरोपी ने वारदात को अंजाम देने के लिए कई दिनों तक इलाके की रैकी की थी और सुनियोजित तरीके से इस नापाक कल्प को पूरा किया। पुलिस अधिकारियों की मुस्तैदी के चलते इस ब्लाइंड मर्डर केस का पर्दाफाश करना संभव हो सका, जिससे अपराधियों के हौसले पस्त हुए हैं।
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दो बार की थी रेकी, शातिर तरीके से की थी धाम की रैकी
पुलिस पूछताछ में जो तथ्य सामने आए, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपी सुरेश कुमार ने अपराध को अंजाम देने से पहले पूरी योजना तैयार की थी। वह घटना से कुछ दिन पहले ही बरखंडी धाम की पहाड़ियों पर पहुंचा था और वहां रुककर आसपास के माहौल का जायजा लिया था। आरोपी ने धाम पर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या और वहां मौजूद चढ़ावे की स्थिति पर गहरी नजर रखी थी। उसे इस बात की पुख्ता जानकारी थी कि संत सुरजादास महाराज धाम पर अकेले ही रहते हैं और चढ़ावे की अच्छी-खासी रकम वहां मौजूद हो सकती है।
योजना के मुताबिक, आरोपी ने एक बार फिर पहाड़ी का रुख किया और संत के साथ ही रात बिताई। उस दौरान उसने किसी को भी अपनी मंशा का अहसास नहीं होने दिया। रात के वक्त उसने पूरे परिसर की भौगोलिक स्थिति को अच्छी तरह समझ लिया ताकि सुबह के वक्त भागने में कोई परेशानी न हो। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की सोची-समझी साजिश यह दर्शाती है कि आरोपी शातिर किस्म का है और उसने पूरी तरह से लालच में आकर इस घटना को अंजाम दिया।
चढ़ावे की रकम लूटने के दौरान हुआ खूनी संघर्ष
घटना वाली सुबह आरोपी ने अपने नापाक मंसूबों को अमलीजामा पहनाना शुरू किया। उसने सबसे पहले बुजुर्ग संत सुरजादास महाराज को बाथरूम में ले जाकर बंद कर दिया, ताकि वह किसी तरह का विरोध न कर सकें। इसके बाद वह धाम में रखे चढ़ावे और दानपात्र की तलाश करने लगा। लेकिन संत किसी तरह संघर्ष करके बाथरूम का दरवाजा खोलने में कामयाब हो गए और उन्होंने आरोपी को रंगे हाथों पकड़कर इस लूटपाट का कड़ा विरोध किया। संत द्वारा विरोध किए जाने पर आरोपी बौखला गया और उसने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं।
आरोपी ने बुजुर्ग संत को घसीटते हुए पहाड़ी के किनारे पर ले जाकर एक गहरी खाई में धक्का दे दिया। खाई में गिरने से संत को गंभीर चोटें आईं, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इस वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया, ताकि किसी को उस पर शक न हो सके। पुलिस ने जब इस एंगल से छानबीन शुरू की तो कड़ियां आपस में जुड़ती चली गईं और आरोपी का चेहरा बेनकाब हो गया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और आरोपी की गिरफ्तारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन ने तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में पुलिस ने दिन-रात एक करके साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और मुखबिर तंत्र की सहायता से आरोपी सुरेश कुमार की पहचान की और उसे धर दबोचा। पुलिस की इस तत्परता की इलाके में जमकर सराहना हो रही है।
"आरोपी ने लालच में आकर इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया था। उसने संत को पहले बाथरूम में बंद किया और चढ़ावा चुराने के दौरान विरोध होने पर उन्हें पहाड़ी से खाई में धकेल दिया था। हमने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर महज पांच दिनों के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है।" — देवेंद्र सिंह राजावत, एडिशनल एसपी
सुरक्षा व्यवस्था और संतों की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
इस दुखद घटना ने धार्मिक स्थलों पर रहने वाले संतों और पुजारियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। देश के कई दूर-दराज के इलाकों में स्थित मंदिर और आश्रम आज भी असामाजिक तत्वों के निशाने पर रहते हैं, जहां सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं होते। स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं का कहना है कि प्रशासन को ऐसे पवित्र स्थलों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की वीभत्स वारदातों को रोका जा सके। फिलहाल, पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई तेजी से की जा रही है।








