भारतीय ऑटो बाजार में टाटा मोटर्स का ऐतिहासिक प्रदर्शन
देश की प्रमुख घरेलू वाहन निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स ने पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में एक नया मील का पत्थर हासिल कर लिया है। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही यानी जुलाई से सितंबर 2026 के बीच कंपनी ने जबरदस्त व्यावसायिक सफलता दर्ज करते हुए पहली बार दो लाख से अधिक गाड़ियों की बिक्री का जादुई आंकड़ा पार कर लिया है। ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि भारतीय ग्राहक अब आधुनिक तकनीक और पर्यावरण के अनुकूल चलने वाले वाहनों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
कंपनी द्वारा जारी आधिकारिक बिक्री आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि के दौरान घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों को मिलाकर कुल 2,01,723 कारों की बिक्री हुई है। यदि पिछले वर्ष की समान अवधि से इसकी तुलना की जाए, तो कंपनी की बिक्री में सीधे तौर पर 40 प्रतिशत का भारी उछाल देखने को मिला है। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में टाटा मोटर्स ने लगभग 1.44 लाख वाहन बेचे थे। इस रिकॉर्ड तोड़ उछाल ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय बाजार में इस देसी ब्रांड की पकड़ लगातार मजबूत होती जा रही है।
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पारंपरिक ईंधन को पीछे छोड़ आगे निकली ग्रीन गाड़ियां
टाटा मोटर्स के इस शानदार प्रदर्शन के पीछे सबसे बड़ा बदलाव गाड़ियों के फ्यूल टाइप यानी ईंधन के प्रकार को लेकर आया है। एक समय था जब बाजार में पूरी तरह से पेट्रोल और डीजल से चलने वाली कारों का दबदबा हुआ करता था, लेकिन अब तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। कंपनी के पोर्टफोलियो में इलेक्ट्रिक, पेट्रोल, डीजल और सीएनजी चार प्रमुख विकल्प मौजूद हैं, जिनमें से ग्राहकों का रुझान अब ग्रीन एनर्जी की तरफ तेजी से शिफ्ट हो रहा है।
आंकड़ों के मुताबिक, समीक्षाधीन तिमाही में टाटा मोटर्स की कुल बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) और सीएनजी वेरिएंट्स की संयुक्त हिस्सेदारी 51 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब कंपनी की बिकने वाली हर दूसरी कार या तो बैटरी से चलने वाली इलेक्ट्रिक गाड़ी है या फिर ईंधन की बचत करने वाली सीएनजी कार। हालांकि, पारंपरिक पेट्रोल और डीजल इंजन वाले वाहनों की हिस्सेदारी अभी भी 49 प्रतिशत बनी हुई है, लेकिन जिस तेजी से ग्रीन मोबिलिटी आगे बढ़ रही है, उससे साफ है कि आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल की हिस्सेदारी और कम हो सकती है.
इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में 90 प्रतिशत तक की ऐतिहासिक छलांग
टाटा मोटर्स की इस सफलता की कहानी में इलेक्ट्रिक वाहन सेगमेंट का योगदान सबसे अहम रहा है। कंपनी की ईवी बिक्री ने इस तिमाही में जबरदस्त रफ्तार पकड़ी है। बीती तिमाही के दौरान टाटा ने कुल 47,150 इलेक्ट्रिक कारें बेचीं, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा करीब 24,855 यूनिट्स का था। इस प्रकार, सालाना आधार पर इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में लगभग 90 प्रतिशत की ऐतिहासिक बढ़त दर्ज की गई है।
केवल सितंबर महीने की बात करें तो कंपनी ने अकेले 15,384 इलेक्ट्रिक वाहन बेचे हैं। इसके अलावा, सीएनजी सेगमेंट का योगदान भी कुल बिक्री में 28 प्रतिशत का रहा है। कंपनी द्वारा पेश किए गए ट्विन-सिलिंडर सीएनजी सेटअप ने ग्राहकों के बीच अपनी अलग जगह बनाई है, जिससे बूट स्पेस की समस्या भी खत्म हो गई है और लोगों को किफायती सफर का विकल्प मिला है।
मासिक बिक्री के मोर्चे पर भी बने नए रिकॉर्ड
तिमाही के आंकड़ों के साथ-साथ मासिक बिक्री के लिहाज से भी सितंबर का महीना टाटा मोटर्स के लिए बेहद खास रहा। इस दौरान कंपनी ने भारतीय बाजार में कुल 68,810 गाड़ियां बेचीं, जबकि वैश्विक स्तर पर कुल डिस्पैच 70,210 यूनिट्स का रहा। यह मोटर इतिहास में पहला ऐसा मौका है जब टाटा की मासिक घरेलू बिक्री ने 70,000 के आंकड़े को छुआ या पार किया है।
त्योहारों के सीजन की शुरुआत से ठीक पहले मिले इन सकारात्मक आंकड़ों ने कंपनी के डीलर्स और प्रबंधन दोनों का उत्साह दोगुना कर दिया है। टाटा पंच जैसी लोकप्रिय एसयूवी की निरंतर मांग और इलेक्ट्रिक पोर्टफोलियो के विस्तार ने कंपनी को एक मजबूत बढ़त दिलाई है।
"हमारी गाड़ियों की बिक्री में इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहनों की हिस्सेदारी का 51 प्रतिशत तक पहुंचना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि भारतीय उपभोक्ता अब सस्टेनेबल मोबिलिटी को अपना रहे हैं। हम भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अपने वाहनों और तकनीक को लगातार बेहतर बना रहे हैं।"— टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल प्रवक्ता
वैश्विक बाजारों में भी बढ़ रहा है देसी ब्रांड का दबदबा
केवल घरेलू मोर्चे पर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी टाटा की कारों की मांग में लगातार इजाफा हो रहा है। सितंबर महीने में कंपनी का एक्सपोर्ट भी दहाई अंकों की बढ़त के साथ आगे बढ़ा है। कंपनी ने विदेशों में 5,000 से अधिक यूनिट्स की खेप भेजी है, जो वैश्विक स्तर पर भारतीय इंजीनियरिंग की स्वीकार्यता को दर्शाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जिस प्रकार से टाटा मोटर्स ने सुरक्षा मानकों (Global NCAP क्रैश टेस्ट रेटिंग्स) और आधुनिक फीचर्स के मामले में खुद को साबित किया है, उसने इस ब्रांड को आम आदमी की पहली पसंद बना दिया है। आने वाले महीनों में फेस्टिव सीजन के दौरान ऑटोमोबाइल बाजार में बिक्री के नए रिकॉर्ड टूटने की पूरी उम्मीद है, और टाटा मोटर्स इस दौड़ में सबसे आगे खड़ी नजर आ रही है।








