प्रयागराज सांसद और एनटीपीसी मेजा के शीर्ष प्रबंधन के बीच महत्वपूर्ण बैठक
उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों और औद्योगिक विकास के मोर्चे पर एक अहम मुलाकात सामने आई है। प्रयागराज से सांसद उज्जवल रमण सिंह ने एनटीपीसी मेजा (NTPC Meja) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) जीएस राव से मुलाकात की है। इस उच्चस्तरीय बैठक का मुख्य केंद्र क्षेत्रीय विकास, स्थानीय युवाओं के रोजगार के अवसर और ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करना रहा। बैठक के दौरान एनटीपीसी मेजा के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने कंपनी की आगामी योजनाओं का खाका सांसद के सामने रखा।
औद्योगिक इकाइयों और स्थानीय जनता के बीच समन्वय स्थापित करने के लिहाज से यह बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। किसी भी बड़े प्रोजेक्ट के आसपास रहने वाले स्थानीय नागरिकों की यह हमेशा से शिकायत रही है कि बड़े उद्योगों के आने के बावजूद उन्हें प्रत्यक्ष तौर पर रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाते हैं। सांसद उज्जवल रमण सिंह ने इसी मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए प्रबंधन के सामने जनभावनाओं को स्पष्ट रूप से रखा।
बैठक की शुरुआत में एनटीपीसी मेजा के सीईओ जीएस राव और अन्य अधिकारियों ने सांसद का गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद औपचारिक वार्ताओं का दौर शुरू हुआ, जिसमें स्थानीय विकास से जुड़ी तमाम फाइलों और प्रस्तावों पर खुलकर चर्चा की गई। सांसद ने इस बात पर जोर दिया कि देश के बड़े सार्वजनिक उपक्रमों और ऊर्जा निगमों की यह नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि वे अपनी परियोजनाओं के प्रभाव क्षेत्र में आने वाले गांवों के सर्वांगीण विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
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स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और कौशल प्रशिक्षण पर विशेष जोर
सांसद उज्जवल रमण सिंह ने बैठक के दौरान सबसे बड़ा मुद्दा स्थानीय युवाओं के रोजगार और उनकी आजीविका का उठाया। उन्होंने कहा कि एनटीपीसी मेजा जैसी विशाल परियोजनाओं के संचालन में स्थानीय निपुण और अर्ध-निपुण युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर नौकरियां मिलनी चाहिए। यदि युवाओं के पास तकनीकी दक्षता की कमी है, तो कंपनी को अपने कॉर्पोरेट सोशल उत्तरदायित्व (CSR) के तहत विशेष कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र संचालित करने चाहिए।
सांसद ने अपने संबोधन में यह भी स्पष्ट किया कि औद्योगिक प्रगति तभी सार्थक मानी जाएगी जब उसका प्रत्यक्ष लाभ परियोजना क्षेत्र के आसपास के उन परिवारों को मिले, जिनकी जमीनें या संसाधन इस विकास यात्रा में उपयोग किए गए हैं। युवाओं को हुनरमंद बनाने के लिए वोकेशनल ट्रेनिंग प्रोग्राम और अप्रेंटिसशिप के अवसरों को बड़े पैमाने पर लागू करने की आवश्यकता है, ताकि वे भविष्य में खुद को आत्मनिर्भर बना सकें।
प्रबंधन की ओर से इस मांग का सकारात्मक संज्ञान लिया गया। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि आने वाले दिनों में स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के नए रास्ते तलाशे जाएंगे। युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जा रही है, जिसके तहत योग्य उम्मीदवारों को विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि वे पावर प्लांट और उससे जुड़ी सहायक इकाइयों में आसानी से रोजगार पा सकें।
सीएसआर फंड के जरिए स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं का होगा विस्तार
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य और शिक्षा की बदहाल स्थिति किसी से छिपी नहीं है। इसे ध्यान में रखते हुए सांसद उज्जवल रमण सिंह ने एनटीपीसी के सीएसआर (Corporate Social Responsibility) कार्यों की कड़ी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सीएसआर बजट का एक बड़ा हिस्सा ग्रामीण स्कूलों के आधुनिकीकरण, छात्रवृत्ति योजनाओं और गांवों में मुफ्त प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर खर्च किया जाना चाहिए।
सांसद ने जोर देकर कहा कि मेजा क्षेत्र के दूरदराज के गांवों में रहने वाले गरीब बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मरीजों के लिए बेहतर चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। मोबाइल मेडिकल यूनिट्स की संख्या बढ़ाने और ग्रामीण अंचल के विद्यालयों में डिजिटल क्लासरूम जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित करने के सुझाव भी बैठक में रखे गए, जिन्हें प्रबंधन ने गंभीरता से सुना।
"औद्योगिक संस्थानों का यह दायित्व है कि वे मुनाफे के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व को भी उतनी ही गंभीरता से निभाएं। स्थानीय युवाओं को रोजगार देना और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व स्वास्थ्य का विकास हमारी साझा प्राथमिकता होनी चाहिए।" — उज्जवल रमण सिंह, सांसद, प्रयागराज
2400 मेगावाट की नई विस्तार परियोजना की प्रगति की समीक्षा
इस मुलाकात के दौरान केवल सामाजिक मुद्दों पर ही नहीं, बल्कि तकनीकी और ढांचागत प्रोजेक्ट्स पर भी गहन मंथन हुआ। सांसद ने मेजा ऊर्जा निगम की महत्वकांक्षी 2400 मेगावाट विस्तार परियोजना की अब तक की प्रगति और आगामी कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी हासिल की। उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि पावर यूनिट के विस्तार का काम निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा हो, ताकि क्षेत्र में बिजली उत्पादन को और अधिक गति मिल सके।
एनटीपीसी मेजा के सीईओ जीएस राव ने सांसद को आश्वस्त किया कि नए प्रोजेक्ट्स पर काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। कंपनी पर्यावरण के मानकों का पूरा पालन करते हुए विद्युत उत्पादन बढ़ाने की दिशा में अग्रसर है। सीईओ ने दोहराया कि एनटीपीसी केवल ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए ही नहीं, बल्कि देश और क्षेत्र के मानवीय व सामाजिक उत्थान के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
बैठक में मौजूद रहे प्रमुख अधिकारी और आगे की रूपरेखा
इस उच्चस्तरीय बैठक में एनटीपीसी मेजा के शीर्ष प्रबंधन की सक्रिय मौजूदगी रही। डीजीएम विवेक चंद्रा और एजीएम अजय कुमार ने पावर प्लांट के तकनीकी पहलुओं और भविष्य के विस्तार प्रस्तावों का एक विस्तृत प्रेजेंटेशन भी साझा किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सांसद द्वारा दिए गए सभी सुझावों को प्रशासनिक स्तर पर प्राथमिकता दी जाएगी और सीएसआर कार्यों की निगरानी के लिए एक पारदर्शी व्यवस्था भी बनाई जाएगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जनप्रतिनिधियों और बड़े औद्योगिक घरानों के बीच इस तरह के संवाद से जमीनी स्तर पर अटके पड़े विकास कार्यों को रफ्तार मिलती है। प्रयागराज के ग्रामीण इलाकों में बिजली संयंत्र के विस्तार के साथ-साथ यदि स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के मोर्चे पर ठोस परिणाम सामने आते हैं, तो यह पूरे क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। सांसद और एनटीपीसी प्रबंधन के बीच हुई यह सकारात्मक चर्चा आने वाले दिनों में क्षेत्र की तस्वीर बदलने में मददगार साबित हो सकती है।







