होम/टेक & ऑटो/शेयर मार्केट में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा: लगातार 8 हफ्ते की गिरावट से निवेशकों के 26 लाख करोड़ डूबे
टेक & ऑटोपढ़ने में समय: 5 मिनट

शेयर मार्केट में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा: लगातार 8 हफ्ते की गिरावट से निवेशकों के 26 लाख करोड़ डूबे

भारतीय शेयर बाजार में पिछले 25 वर्षों में सबसे लंबा साप्ताहिक गिरावट का दौर देखा जा रहा है। सेंसेक्स और निफ्टी में लगातार आठ हफ्तों तक जारी भारी बिकवाली के कारण निवेशकों की भारी पूंजी डूब चुकी है।
✍️
टेक एवं ऑटोमोबाइल डेस्क, द फ्रीलांस
तकनीक व ऑटोमोबाइल डेस्क•2 अक्टूबर 2026 • अपडेटेड•49
🌐Read in English →
शेयर करें:
शेयर मार्केट में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा: लगातार 8 हफ्ते की गिरावट से निवेशकों के 26 लाख करोड़ डूबे
📷 शेयर मार्केट में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा: लगातार 8 हफ्ते की गिरावट से निवेशकों के 26 लाख करोड़ डूबे — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • सेंसेक्स और निफ्टी दोनों इंडेक्स में लगातार 8 हफ्तों से गिरावट दर्ज की जा रही है, जो पिछले 25 सालों का सबसे लंबा दौर है।
  • इस मंदी के कारण निवेशकों के करीब 26 लाख करोड़ रुपये डूब चुके हैं, जिससे कुल मार्केट कैप काफी घट गया है।
  • विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) द्वारा लगातार की जा रही भारी बिकवाली बाजार पर सबसे बड़ा दबाव बनी हुई है।

शेयर बाजार में दो दशक से अधिक का सबसे लंबा मंदी का दौर

भारतीय शेयर बाजार इन दिनों बेहद चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है। निवेशकों के लिए यह समय किसी बड़े झटके से कम नहीं है क्योंकि प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी लगातार आठ हफ्तों से लाल निशान में बंद हो रहे हैं। वित्तीय विश्लेषकों और बाजार के जानकारों के मुताबिक, पिछले 25 वर्षों के इतिहास में यह पहला मौका है जब बाजार को इतने लंबे समय तक लगातार साप्ताहिक गिरावट का सामना करना पड़ा है। यह मंदी साल 2020 के कोविड-19 क्रैश और साल 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के दौरान देखे गए दौर से भी लंबी साबित हो रही है।

इस लगातार मंदी के कारण निवेशकों की गाढ़ी कमाई का बड़ा हिस्सा बाजार की भेंट चढ़ गया है। पिछले आठ हफ्तों के दौरान बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप घटकर 467 लाख करोड़ रुपये के नीचे आ गया है। इस पूरी अवधि में निवेशकों की कुल संपत्ति से लगभग 26 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है, जिससे आम निवेशकों से लेकर बड़े फंड हाउस तक सभी चिंतित नजर आ रहे हैं।

संबंधित खबरें

धनतेरस और दिवाली से पहले सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर, जानें लेटेस्ट भाव और एक्सपर्ट्स का अनुमान

धनतेरस और दिवाली से पहले सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर, जानें लेटेस्ट भाव और एक्सपर्ट्स का अनुमान

दिवाली तक क्या डेढ़ लाख के पार निकल जाएगा सोना? इंटरनेशनल मार्केट और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के नए समीकरणों ने बढ़ाई टेंशन

दिवाली तक क्या डेढ़ लाख के पार निकल जाएगा सोना? इंटरनेशनल मार्केट और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के नए समीकरणों ने बढ़ाई टेंशन

मारुति सुजुकी की गाड़ियों के लिए उमड़ी भीड़: 95 हजार लोगों ने बुक की नई ब्रेजा, 2 लाख से ज्यादा पेंडिंग बुकिंग

मारुति सुजुकी की गाड़ियों के लिए उमड़ी भीड़: 95 हजार लोगों ने बुक की नई ब्रेजा, 2 लाख से ज्यादा पेंडिंग बुकिंग

मिडिल ईस्ट में भयंकर तनाव और ड्रैगन की चाल से उबला बाजार: 100 डॉलर के पार पहुंचा कच्चा तेल, क्या अब महंगे होंगे पेट्रोल-डीजल

मिडिल ईस्ट में भयंकर तनाव और ड्रैगन की चाल से उबला बाजार: 100 डॉलर के पार पहुंचा कच्चा तेल, क्या अब महंगे होंगे पेट्रोल-डीजल

भारतीय ऑटो बाजार में मारुति सुजुकी का जलवा: सितंबर में बिकीं रिकॉर्ड 1.81 लाख से ज्यादा गाड़ियां

भारतीय ऑटो बाजार में मारुति सुजुकी का जलवा: सितंबर में बिकीं रिकॉर्ड 1.81 लाख से ज्यादा गाड़ियां

शेयर बाजार पर ग्लोबल संकट का साया: बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल के दबाव से एशियाई बाजारों में भारी उथल-पुथल

शेयर बाजार पर ग्लोबल संकट का साया: बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल के दबाव से एशियाई बाजारों में भारी उथल-पुथल

टाटा मोटर्स का बड़ा कमाल: सितंबर में बिकीं 70 हजार से ज्यादा गाड़ियां, इलेक्ट्रिक और सीएनजी सेगमेंट में मचाया धमाल

टाटा मोटर्स का बड़ा कमाल: सितंबर में बिकीं 70 हजार से ज्यादा गाड़ियां, इलेक्ट्रिक और सीएनजी सेगमेंट में मचाया धमाल

ऑटो बाजार में बंपर उछाल: हुंडई मोटर इंडिया की रिकॉर्ड तोड़ बिक्री, एक महीने में बिक गईं इतनी हजार कारें

ऑटो बाजार में बंपर उछाल: हुंडई मोटर इंडिया की रिकॉर्ड तोड़ बिक्री, एक महीने में बिक गईं इतनी हजार कारें

विदेशी निवेशकों की लगातार भारी बिकवाली और बॉन्ड यील्ड का दबाव

घरेलू शेयर बाजार में चल रही इस मंदी के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण जिम्मेदार हैं, जिनमें विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की अंधाधुंध बिकवाली सबसे प्रमुख वजह है। विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों से लगातार अपना पैसा निकाला है, जिससे बाजार का सेंटिमेंट पूरी तरह से बिगड़ गया है। अकेले अक्टूबर के शुरुआती दिनों में विदेशी निवेशकों ने हजारों करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की, जिसका सीधा असर सूचकांकों पर देखने को मिला।

इसके साथ ही वैश्विक स्तर पर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आया तेज उछाल भी एक बड़ा कारण है। अमेरिकी 10 साल के ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड में हुई वृद्धि के बाद से वैश्विक निवेशकों के लिए कम जोखिम वाला डेट मार्केट ज्यादा आकर्षक बन गया है। इसके परिणामस्वरूप, निवेशकों ने भारत जैसे उभरते हुए और थोड़े जोखिम भरे शेयर बाजारों से अपना पैसा निकालकर सुरक्षित जगहों पर लगाना शुरू कर दिया है।

किन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट और किसने संभाला मोर्चा

पिछले कुछ हफ्तों के दौरान बाजार के विभिन्न सेक्टरों में भारी बिकवाली का असर साफ दिखाई दिया है। ऑटोमोबाइल सेक्टर से लेकर बैंकिंग और आईटी सेक्टर तक के प्रमुख शेयरों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। टाटा मोटर्स, मारुति सुजुकी, महिंद्रा एंड महिंद्रा और टीसीएस जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयरों में निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। निफ्टी के कई प्रमुख शेयर अपने ऊंचे स्तरों से काफी नीचे फिसल चुके हैं।

हालांकि, इस मंदी के बीच घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बाजार को संभालने की पूरी कोशिश की है। जब भी विदेशी निवेशकों ने बिकवाली बढ़ाई, घरेलू फंड्स ने आगे आकर खरीदारी की और बाजार को गिरने से बचाने का प्रयास किया। इसके अलावा कुछ चुनिंदा शेयरों जैसे कोटक महिंद्रा बैंक, डॉ रेड्डीज और कोल इंडिया ने इस मुश्किल दौर में भी सकारात्मक रिटर्न देकर निवेशकों को कुछ हद तक राहत पहुंचाई है।

कच्चे तेल की कीमतें और महंगाई का बढ़ता खतरा

शेयर बाजार पर केवल विदेशी बिकवाली का ही दबाव नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हो रहा उतार-चढ़ाव भी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है, ऐसे में ऑयल के दाम बढ़ने से देश का आयात बिल बढ़ता है और राजकोषीय घाटे पर असर पड़ता है। इसका सीधा असर भारतीय रुपये की कमजोरी और देश के भीतर बढ़ने वाली महंगाई के रूप में सामने आता है, जिससे बाजार का मनोबल कमजोर होता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक स्तर पर बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती तथा विदेशी निवेशकों का रुख सकारात्मक नहीं होता, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव का यह दौर जारी रह सकता है। हालांकि, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए इस तरह की गिरावट को एक अवसर के रूप में भी देखा जा रहा है, लेकिन फिलहाल बाजार पूरी तरह सतर्कता के मूड में है।

"बाजार में इस तरह की लंबी गिरावट निवेशकों के लिए धैर्य की परीक्षा होती है। जब तक वैश्विक अनिश्चितताएं और विदेशी फंडों की निकासी थम नहीं जाती, तब तक बाजार में अत्यधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। निवेशकों को घबराने के बजाय चुनिंदा और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर फोकस करना चाहिए।" — वरिष्ठ वित्तीय विश्लेषक
द फ्रीलांस पत्रकारिता नीति (Editorial Commitment):हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की गई है।
✍️

टेक एवं ऑटोमोबाइल डेस्क, द फ्रीलांस

सत्यापित संपादकीय डेस्क

गैजेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा व मोबिलिटी टीम

द फ्रीलांस की टेक और ऑटो डेस्क आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, उपभोक्ता गैजेट्स, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के नए नवाचारों पर प्रामाणिक और उपभोक्ता-केंद्रित रिव्यू व रिपोर्ट्स प्रस्तुत करती है।

संबंधित खबरें (Related Articles)

धनतेरस और दिवाली से पहले सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर, जानें लेटेस्ट भाव और एक्सपर्ट्स का अनुमानNATIONAL

धनतेरस और दिवाली से पहले सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर, जानें लेटेस्ट भाव और एक्सपर्ट्स का अनुमान

2 अक्टू॰46
दिवाली तक क्या डेढ़ लाख के पार निकल जाएगा सोना? इंटरनेशनल मार्केट और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के नए समीकरणों ने बढ़ाई टेंशनNATIONAL

दिवाली तक क्या डेढ़ लाख के पार निकल जाएगा सोना? इंटरनेशनल मार्केट और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के नए समीकरणों ने बढ़ाई टेंशन

2 अक्टू॰51
मारुति सुजुकी की गाड़ियों के लिए उमड़ी भीड़: 95 हजार लोगों ने बुक की नई ब्रेजा, 2 लाख से ज्यादा पेंडिंग बुकिंगTECH-AUTO

मारुति सुजुकी की गाड़ियों के लिए उमड़ी भीड़: 95 हजार लोगों ने बुक की नई ब्रेजा, 2 लाख से ज्यादा पेंडिंग बुकिंग

2 अक्टू॰31
मिडिल ईस्ट में भयंकर तनाव और ड्रैगन की चाल से उबला बाजार: 100 डॉलर के पार पहुंचा कच्चा तेल, क्या अब महंगे होंगे पेट्रोल-डीजलNATIONAL

मिडिल ईस्ट में भयंकर तनाव और ड्रैगन की चाल से उबला बाजार: 100 डॉलर के पार पहुंचा कच्चा तेल, क्या अब महंगे होंगे पेट्रोल-डीजल

2 अक्टू॰35
भारतीय ऑटो बाजार में मारुति सुजुकी का जलवा: सितंबर में बिकीं रिकॉर्ड 1.81 लाख से ज्यादा गाड़ियांTECH-AUTO

भारतीय ऑटो बाजार में मारुति सुजुकी का जलवा: सितंबर में बिकीं रिकॉर्ड 1.81 लाख से ज्यादा गाड़ियां

2 अक्टू॰27
शेयर बाजार पर ग्लोबल संकट का साया: बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल के दबाव से एशियाई बाजारों में भारी उथल-पुथलNATIONAL

शेयर बाजार पर ग्लोबल संकट का साया: बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल के दबाव से एशियाई बाजारों में भारी उथल-पुथल

2 अक्टू॰31
टाटा मोटर्स का बड़ा कमाल: सितंबर में बिकीं 70 हजार से ज्यादा गाड़ियां, इलेक्ट्रिक और सीएनजी सेगमेंट में मचाया धमालTECH-AUTO

टाटा मोटर्स का बड़ा कमाल: सितंबर में बिकीं 70 हजार से ज्यादा गाड़ियां, इलेक्ट्रिक और सीएनजी सेगमेंट में मचाया धमाल

2 अक्टू॰30
ऑटो बाजार में बंपर उछाल: हुंडई मोटर इंडिया की रिकॉर्ड तोड़ बिक्री, एक महीने में बिक गईं इतनी हजार कारेंTECH-AUTO

ऑटो बाजार में बंपर उछाल: हुंडई मोटर इंडिया की रिकॉर्ड तोड़ बिक्री, एक महीने में बिक गईं इतनी हजार कारें

2 अक्टू॰27