नई दिल्ली और रियाद ब्यूरो — मध्य पूर्व के प्रमुख देश को लेकर पिछले चौबीस घंटों में कई अहम और बड़े फैसले सामने आए हैं। सबसे बड़ी राहत उन लोगों के लिए है जो वहां उमरा करने जाना चाहते हैं। सरकार ने उमरा वीजा की समय सीमा में बड़ा बदलाव किया है। अब तक यह वीजा केवल एक महीने के लिए वैध होता था। नए नियमों के तहत अब इस वीजा की अवधि को बढ़ाकर पूरे तीन महीने कर दिया गया है। इससे दुनियाभर से आने वाले श्रद्धालुओं को वहां रुकने और अपनी धार्मिक यात्रा पूरी करने के लिए काफी ज्यादा समय मिल जाएगा।
धार्मिक यात्रा के नियमों में ढील देने के साथ-साथ सऊदी सरकार ने देश की रोजगार नीति में भी कड़े बदलाव किए हैं। स्थानीय लोगों को रोजगार देने की नीति यानी साउदीकरण का दायरा काफी बढ़ा दिया गया है। नए आदेश के मुताबिक निजी क्षेत्र की 69 नौकरियों में अब सिर्फ और सिर्फ सऊदी नागरिकों को ही काम पर रखना अनिवार्य कर दिया गया है। इस फैसले का मकसद देश के युवाओं को ज्यादा से ज्यादा रोजगार देना और विदेशी कामगारों पर निर्भरता को कम करना है। कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इन पदों पर जल्द से जल्द स्थानीय युवाओं की भर्ती करें।
ड्रोन हमले की खबर और सुरक्षा के मोर्चे पर हालात
इस बीच देश की सुरक्षा को लेकर भी अंतरराष्ट्रीय मीडिया में कई रिपोर्टें सामने आई हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सऊदी अरब की सेना ने ईरान समर्थित मिलिशिया गुटों द्वारा दागे गए कई ड्रोनों को हवा में ही नाकाम करने का दावा किया है। क्षेत्रीय तनाव के इस माहौल में देश की रक्षा प्रणाली पूरी तरह से सतर्क है। हालांकि, कुछ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर यह आरोप भी लगाए गए कि सऊदी अरब ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए अमेरिका पर दबाव बनाया था। इन सभी दावों और आरोपों को सऊदी प्रशासन ने सिरे से खारिज कर दिया है और स्पष्ट किया है कि देश क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के पक्ष में है।
दूसरी ओर, डिजिटल भुगतान सेवाओं को लेकर सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर कुछ भ्रम की स्थिति भी देखी गई। पिछले कुछ घंटों में एसटीजी पे (STC Pay) खातों के फ्रीज होने की अफवाहों ने उपयोगकर्ताओं को परेशान कर दिया। लोगों के मन में यह डर बैठ गया कि उनकी गाढ़ी कमाई डूब जाएगी और वे अपने पैसे का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। हालांकि, तकनीकी जानकारों और स्थानीय लोगों ने साफ किया है कि यह केवल कुछ सुरक्षा सत्यापन या तकनीकी गड़बड़ी का मामला हो सकता है, जिसे सही प्रक्रियाओं का पालन करके ठीक किया जा सकता है।
प्रवासियों और डिजिटल लेन-देन पर क्या असर पड़ेगा?
सऊदी अरब में हो रहे इन लगातार बदलावों का असर वहां रहने वाले प्रवासियों और कामगारों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। एक तरफ जहां वीजा के नियम और समय-सीमा बदलने से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है, वहीं दूसरी तरफ नौकरियों के कड़े नियमों के कारण विदेशी कर्मचारियों के लिए चुनौतियां बढ़ सकती हैं। निजी सेक्टर में स्थानीय नागरिकों का कोटा सौ प्रतिशत होने से बाहर से आने वाले लोगों के लिए रोजगार के नए विकल्प सीमित हो सकते हैं। प्रशासन पूरी पारदर्शिता के साथ इन सभी नियमों को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है ताकि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके।
द फ्रीलान्स की जमीनी पड़ताल बताती है कि आम लोगों को इन बदलावों के बीच किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान देने से बचना चाहिए। चाहे वह डिजिटल वॉलेट के संचालन का मामला हो या फिर नए वीजा नियमों का, आधिकारिक स्रोतों से मिलने वाली जानकारी पर ही भरोसा करना सबसे समझदारी भरा कदम है। आने वाले दिनों में इन सभी फैसलों का असर देश के कारोबारी माहौल और सामाजिक ढांचे पर किस तरह पड़ता है, इस पर हमारी पैनी नजर बनी रहेगी।








