लंदन — यूनाइटेड किंगडम की 'ट्रिपल लॉक' पेंशन प्रणाली एक बार फिर तीखी राष्ट्रीय बहस के केंद्र में है। राजकोष के चांसलर द्वारा आगामी वित्तीय बयानों की तैयारी के बीच, स्वतंत्र आर्थिक निगरानीकर्ताओं ने इस तंत्र की दीर्घकालिक व्यवहार्यता पर चेतावनी दी है।
बुजुर्ग नागरिकों को गरीबी से बचाने के लिए शुरू की गई यह नीति जनसांख्यिकी बदलावों के कारण लगातार महंगी होती जा रही है। आलोचकों का तर्क है कि संरचनात्मक सुधारों के बिना इस गारंटी को बनाए रखने से सार्वजनिक वित्त पर भारी दबाव पड़ सकता है।
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मुख्य बिंदु
- ट्रिपल लॉक मुद्रास्फीति, वेतन वृद्धि या 2.5% में से सबसे अधिक के आधार पर पेंशन में वृद्धि की गारंटी देता है।
- बढ़ती आबादी के कारण इसका वार्षिक खर्च काफी बढ़ गया है।
- नीति निर्माताओं को वित्तीय जिम्मेदारी और सामाजिक कल्याण के बीच संतुलन बनाना होगा।
जैसे-जैसे बहस तेज हो रही है, राजनीतिक नेताओं पर पेंशन सुधार पर एक स्थायी सहमति बनाने का दबाव बढ़ रहा है।








