होम/व्यापार/बच्चों के फॉर्मूला मिल्क पर नेस्ले इंडिया के खिलाफ FSSAI का एक्शन, गलत विज्ञापनों और दावों पर मांगा जवाब
व्यापारपढ़ने में समय: 4 मिनट

बच्चों के फॉर्मूला मिल्क पर नेस्ले इंडिया के खिलाफ FSSAI का एक्शन, गलत विज्ञापनों और दावों पर मांगा जवाब

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने बच्चों के फॉर्मूला मिल्क बेचने वाली मशहूर कंपनी नेस्ले इंडिया के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। कंपनी के तीन प्रमुख प्रोडक्ट्स पर भ्रामक प्रचार करने और तय मानकों से ज्यादा बायोटिन पाए जाने के मामले में नोटिस जारी किया गया है।
The Freelance ब्यूरो
TheFreelance ब्यूरो
18 सितंबर 2026 • अपडेटेड
🌐Read in English →
शेयर करें:
बच्चों के फॉर्मूला मिल्क पर नेस्ले इंडिया के खिलाफ FSSAI का एक्शन, गलत विज्ञापनों और दावों पर मांगा जवाब
📷 बच्चों के फॉर्मूला मिल्क पर नेस्ले इंडिया के खिलाफ FSSAI का एक्शन, गलत विज्ञापनों और दावों पर मांगा जवाब — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • नेस्ले इंडिया के तीन न्यूट्रिएंट्स प्रोडक्ट्स पर FSSAI ने शुरू की कानूनी कार्रवाई।
  • NAN एक्सेला प्रो और लैक्टोजेन प्रो के विज्ञापनों में नियमों के उल्लंघन का आरोप।
  • एक फॉलो-अप फॉर्मूला मिल्क के सैंपल में बायोटिन की मात्रा तय सीमा से ज्यादा मिली।
  • बिक्री बढ़ाने के लिए किए जा रहे दावों पर कंपनी से मांगा गया स्पष्टीकरण।

देश में बच्चों के खानपान और उनकी सेहत को लेकर सरकार अब और ज्यादा सख्त हो गई है। इसी कड़ी में भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण यानी FSSAI ने मशहूर फूड कंपनी नेस्ले इंडिया लिमिटेड के खिलाफ बड़ी कार्रवाई का दायरा बढ़ा दिया है। मामला बच्चों के लिए आने वाले फॉर्मूला मिल्क से जुड़ा हुआ है, जिसके विज्ञापनों और दावों में नियमों की अनदेखी पकड़ी गई है।

FSSAI के नोटिस के घेरे में नेस्ले के ये तीन प्रोडक्ट्स

प्राधिकरण के एडजुडिकेशन सेक्शन से जारी नोटिस के मुताबिक, नेस्ले के कुल तीन न्यूट्रिएंट्स प्रोडक्ट्स पर सवाल उठाए गए हैं। इनमें 'NAN एक्सेला प्रो स्टेज 1', 'लैक्टोजेन प्रो 1' और एक अन्य 'फॉलो-अप फॉर्मूला' शामिल हैं। इन सभी उत्पादों की पैकेजिंग और विज्ञापनों में ऐसे दावे किए गए थे जो मौजूदा खाद्य सुरक्षा नियमों के दायरे से बाहर और भ्रामक बताए जा रहे हैं।

जांच में सामने आया है कि कंपनी द्वारा इन उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए ग्राहकों को आकर्षित करने वाले दावे किए जा रहे थे। जानकारों का मानना है कि बच्चों के उत्पादों के मामले में इस तरह की लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जा सकती है, क्योंकि यह सीधे तौर पर शिशुओं के स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित खबरें

महंगाई के दौर में भी इस स्कूटर पर फिदा हुए लोग: महज 31 दिनों में बिक गए पौने डेढ़ लाख वाहन, जानें क्या है इसकी खासियत

महंगाई के दौर में भी इस स्कूटर पर फिदा हुए लोग: महज 31 दिनों में बिक गए पौने डेढ़ लाख वाहन, जानें क्या है इसकी खासियत

मौसम बदलते ही अस्पतालों में मरीजों का तांता: वायरल फीवर और सर्दी-जुकाम से बढ़ी लोगों की मुश्किलें, डॉक्टर दे रहे ये सलाह

मौसम बदलते ही अस्पतालों में मरीजों का तांता: वायरल फीवर और सर्दी-जुकाम से बढ़ी लोगों की मुश्किलें, डॉक्टर दे रहे ये सलाह

शेयर बाजार में निवेश के नए रास्ते खुले: SEBI के इन बड़े बदलावों से आम निवेशकों को होगा तगड़ा फायदा

शेयर बाजार में निवेश के नए रास्ते खुले: SEBI के इन बड़े बदलावों से आम निवेशकों को होगा तगड़ा फायदा

बदलती जीवनशैली का खतरनाक परिणाम: युवाओं में तेजी से बढ़ रहा है जानलेवा दिल की बीमारियों का खतरा

बदलती जीवनशैली का खतरनाक परिणाम: युवाओं में तेजी से बढ़ रहा है जानलेवा दिल की बीमारियों का खतरा

बिहार के इन दो युवाओं ने कर दिखाया कमाल: छोटे से आइडिया से खड़ा कर दिया करोड़ों का कारोबार, जानें पूरी कहानी

बिहार के इन दो युवाओं ने कर दिखाया कमाल: छोटे से आइडिया से खड़ा कर दिया करोड़ों का कारोबार, जानें पूरी कहानी

ग्रीन हाइड्रोजन से चमकेगी गाड़ियों की दुनिया: ऑटो सेक्टर में बड़ा बदलाव, जानिए कैसे बदलेगा कारों का भविष्य

ग्रीन हाइड्रोजन से चमकेगी गाड़ियों की दुनिया: ऑटो सेक्टर में बड़ा बदलाव, जानिए कैसे बदलेगा कारों का भविष्य

बड़ी चेतावनी! एलपीजी सिलेंडर पर लागू होगा 10 साल पुराना नियम, ई-केवाईसी नहीं कराई तो जेब पर पड़ेगा भारी

बड़ी चेतावनी! एलपीजी सिलेंडर पर लागू होगा 10 साल पुराना नियम, ई-केवाईसी नहीं कराई तो जेब पर पड़ेगा भारी

सावधान! आंखों का सामान्य इंफेक्शन बन रहा है खतरनाक रेजिस्टेंस आई फ्लू, ऐसे बिगाड़ रहा है सेहत

सावधान! आंखों का सामान्य इंफेक्शन बन रहा है खतरनाक रेजिस्टेंस आई फ्लू, ऐसे बिगाड़ रहा है सेहत

विज्ञापनों में किए गए थे ये बड़े और भ्रामक दावे

FSSAI की रिपोर्ट के मुताबिक, 'NAN एक्सेला प्रो स्टेज 1' के प्रचार में 5 HMOs (Human Milk Oligosaccharides) और व्हे प्रोटीन होने जैसे भारी-भरकम दावे किए गए थे। वहीं दूसरी ओर, 'लैक्टोजेन प्रो 1' के विज्ञापनों में इसके अंदर मौजूद व्हे प्रोटीन को बहुत आसानी से पचने वाला बताया गया था।

नियामक संस्था का कहना है कि ये सभी प्रचार केवल प्रोडक्ट्स की बिक्री और मुनाफा बढ़ाने के लिए किए जा रहे थे। नियमों के मुताबिक इस तरह के उत्पादों के विज्ञापनों में तय दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होता है, जिसका उल्लंघन इस मामले में साफ तौर पर देखा गया है।

बायोटिन की मात्रा भी जांच के घेरे में

यह पूरा विवाद केवल विज्ञापनों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि गुणवत्ता से जुड़ा एक और गंभीर मामला सामने आया है। FSSAI के अनुसार, नेस्ले इंडिया के एक फॉलो-अप फॉर्मूला के सैंपल की जब प्रयोगशाला में जांच कराई गई, तो उसमें बायोटिन की मात्रा तय मानकों से काफी ज्यादा पाई गई।

शक होने पर उस सैंपल को दोबारा री-टेस्टिंग के लिए लैब भेजा गया था, लेकिन वहां भी रिपोर्ट एक जैसी ही आई। दोबारा जांच में भी बायोटिन तय पैरामीटर से ऊपर निकला, जिसके बाद से कंपनी की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ गई हैं।

"बच्चों के पोषण से जुड़े उत्पादों में किसी भी तरह की मिलावट या नियमों की अनदेखी बेहद गंभीर मामला है। खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करना हर कंपनी की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए और लापरवाही मिलने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।" — FSSAI अधिकारी, खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञ

अब आगे क्या होगी नेस्ले पर कार्रवाई

FSSAI के इस कड़े रुख के बाद नेस्ले इंडिया को तय समय के भीतर इन सभी मामलों पर अपना स्पष्टीकरण देना होगा। अगर कंपनी संतोषजनक जवाब देने में नाकाम रहती है, तो उस पर भारी जुर्माना लगाने के साथ-साथ उत्पादों की बिक्री पर भी रोक लगाई जा सकती है।

खाद्य सुरक्षा नियामक पिछले कुछ समय से पैकेज्ड फूड और बच्चों के आहार को लेकर काफी सतर्क हो गया है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने भी पैकेज्ड फूड पर चेتاवनियों में देरी को लेकर FSSAI को फटकार लगाई थी, जिसके बाद से प्राधिकरण लगातार एक्शन मोड में नजर आ रहा है।

द फ्रीलांस पत्रकारिता नीति (Editorial Commitment):हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की गई है।
विज्ञापन एवं अनुशंसित सामग्री • RECOMMENDED

संबंधित खबरें (Related Articles)

महंगाई के दौर में भी इस स्कूटर पर फिदा हुए लोग: महज 31 दिनों में बिक गए पौने डेढ़ लाख वाहन, जानें क्या है इसकी खासियतNATIONAL

महंगाई के दौर में भी इस स्कूटर पर फिदा हुए लोग: महज 31 दिनों में बिक गए पौने डेढ़ लाख वाहन, जानें क्या है इसकी खासियत

25 सित॰
मौसम बदलते ही अस्पतालों में मरीजों का तांता: वायरल फीवर और सर्दी-जुकाम से बढ़ी लोगों की मुश्किलें, डॉक्टर दे रहे ये सलाहNATIONAL

मौसम बदलते ही अस्पतालों में मरीजों का तांता: वायरल फीवर और सर्दी-जुकाम से बढ़ी लोगों की मुश्किलें, डॉक्टर दे रहे ये सलाह

25 सित॰
शेयर बाजार में निवेश के नए रास्ते खुले: SEBI के इन बड़े बदलावों से आम निवेशकों को होगा तगड़ा फायदाNATIONAL

शेयर बाजार में निवेश के नए रास्ते खुले: SEBI के इन बड़े बदलावों से आम निवेशकों को होगा तगड़ा फायदा

25 सित॰
बदलती जीवनशैली का खतरनाक परिणाम: युवाओं में तेजी से बढ़ रहा है जानलेवा दिल की बीमारियों का खतराNATIONAL

बदलती जीवनशैली का खतरनाक परिणाम: युवाओं में तेजी से बढ़ रहा है जानलेवा दिल की बीमारियों का खतरा

25 सित॰
बिहार के इन दो युवाओं ने कर दिखाया कमाल: छोटे से आइडिया से खड़ा कर दिया करोड़ों का कारोबार, जानें पूरी कहानीNATIONAL

बिहार के इन दो युवाओं ने कर दिखाया कमाल: छोटे से आइडिया से खड़ा कर दिया करोड़ों का कारोबार, जानें पूरी कहानी

25 सित॰
ग्रीन हाइड्रोजन से चमकेगी गाड़ियों की दुनिया: ऑटो सेक्टर में बड़ा बदलाव, जानिए कैसे बदलेगा कारों का भविष्यNATIONAL

ग्रीन हाइड्रोजन से चमकेगी गाड़ियों की दुनिया: ऑटो सेक्टर में बड़ा बदलाव, जानिए कैसे बदलेगा कारों का भविष्य

25 सित॰
बड़ी चेतावनी! एलपीजी सिलेंडर पर लागू होगा 10 साल पुराना नियम, ई-केवाईसी नहीं कराई तो जेब पर पड़ेगा भारीNATIONAL

बड़ी चेतावनी! एलपीजी सिलेंडर पर लागू होगा 10 साल पुराना नियम, ई-केवाईसी नहीं कराई तो जेब पर पड़ेगा भारी

25 सित॰
सावधान! आंखों का सामान्य इंफेक्शन बन रहा है खतरनाक रेजिस्टेंस आई फ्लू, ऐसे बिगाड़ रहा है सेहतNATIONAL

सावधान! आंखों का सामान्य इंफेक्शन बन रहा है खतरनाक रेजिस्टेंस आई फ्लू, ऐसे बिगाड़ रहा है सेहत

24 सित॰