जम्मू-कश्मीर में धोखाधड़ी के मामलों पर लगाम कसने के लिए क्राइम ब्रांच लगातार सख्त कदम उठा रही है। इसी कड़ी में कश्मीर की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने करोड़ों रुपये के जमीन घोटाले और ठगी के मामले में एक मुख्य आरोपी को दबोच लिया है। आरोपी पिछले काफी समय से कानून की नजरों से बचकर छिपता फिर रहा था।
सैमसन बडगाम का रहने वाला है मुख्य आरोपी
क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान गुलाम मोही-उद-दीन डार के रूप में हुई है, जो अब्दुल खालिक डार का बेटा है और बडगाम जिले के जवालापोरा, सैमसन का रहने वाला है। इस शातिर आरोपी की गिरफ्तारी श्रीनगर के सब-जज की अदालत से जारी कड़े आदेशों और वारंट के आधार पर की गई है। पुलिस काफी समय से इसकी तलाश में जुटी हुई थी।
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एक साल से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था आरोपी
जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी गुलाम मोही-उद-दीन डार पिछले करीब एक साल से अपनी गिरफ्तारी से बचता फिर रहा था और लगातार ठिकाने बदल रहा था। उसके खिलाफ इओडब्ल्यू-स्पेशल क्राइम विंग कश्मीर थाने में कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। यह पूरी कार्रवाई एफआइआर नंबर 17/2026 के तहत कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए की गई है।
माइग्रेंट जमीन और पेड़ों की बिक्री का रचा था जाल
इस पूरे मामले की शुरुआत एक लिखित शिकायत के बाद हुई थी, जिसमें पीड़ित ने आरोप लगाया था कि डार, जो खुद को जमीन का ब्रोकर बताता है, ने अपने साथी सोम नाथ कौल के साथ मिलकर उसे करोड़ों का चूना लगाया। आरोपियों ने मिलकर कुल 93 लाख रुपये की भारी-भरकम रकम की ठगी को अंजाम दिया। इसके लिए फर्जी दस्तावेजों और कागजातों का सहारा लिया गया था।
फर्जी समझौतों के जरिए दिया गया झांसा
पुलिस जांच में सामने आया है कि इन शातिर ठगों ने पुलवामा के द्रुसु इलाके में पांच कनाल माइग्रेंट जमीन और बिजबेहाड़ा में 300 खड़े पेड़ों को बेचने का फर्जी प्रस्ताव दिया था। लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए इन्होंने सुनियोजित तरीके से फर्जी समझौतों का इस्तेमाल किया। आरोपियों ने खुद को संपत्ति का असली मालिक या फिर अधिकृत पावर ऑफ अटॉर्नी धारक बताकर पीड़ित का भरोसा जीता था।
ठगी के लिए उसी दिन खुलवाया गया था बैंक खाता
जांचकर्ताओं के हाथ कुछ और अहम सबूत भी लगे हैं। पुलिस का आरोप है कि इस ठगी की बड़ी रकम को एक जगह से दूसरे स्थान पर ट्रांसफर करने के लिए जिस बैंक खाते का इस्तेमाल किया गया था, वह कोई पुराना खाता नहीं था। साजिश के तहत वह बैंक खाता रकम ट्रांसफर किए जाने वाले तय दिन ही खोला गया था, ताकि किसी को शक न हो।
दूसरा साथी सोम नाथ कौल अभी भी फरार
इस धोखाधड़ी के खेल में गुलाम मोही-उद-दीन डार के अलावा सोम नाथ कौल भी शामिल था, जो फिलहाल पुलिस की पहुंच से दूर है। पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी है और उसके खिलाफ 'ह्यू एंड क्राई नोटिस' भी जारी किया गया है। क्राइम ब्रांच का कहना है कि इस पूरे ठगी नेटवर्क के तार कहां-कहां जुड़े हैं और इसमें कौन-कौन शामिल है, इसकी गहराई से जांच की जा रही है।
"आर्थिक अपराधों के खिलाफ हमारी जीरो टॉलरेंस की नीति है। आम जनता की गाढ़ी कमाई लूटने वाले किसी भी शातिर अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। इस मामले में फरार चल रहे दूसरे आरोपी की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है और जल्द ही उसे भी कानून के कटघरे में लाया जाएगा।" — वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, क्राइम ब्रांच कश्मीर






