विज्ञापन • ADVERTISEMENT
होम/क्राइम/मकरंद अनासपुरे और नाना पाटेकर: अभिनय की दुनिया से निकलकर मराठवाड़ा के गांवों में उम्मीद जगाती जोड़ी
क्राइमपढ़ने में समय: 3 मिनट

मकरंद अनासपुरे और नाना पाटेकर: अभिनय की दुनिया से निकलकर मराठवाड़ा के गांवों में उम्मीद जगाती जोड़ी

मराठवाड़ा में गंभीर सूखे और पानी की कमी से जूझते गांवों की तस्वीर अब बदल रही है। अभिनेता नाना पाटेकर और मकरंद अनासपुरे के 'नाम फाउंडेशन' ने जल संरक्षण के जरिए यहां का टैंकर संकट खत्म कर दिया है। खेती और आम जीवन को बेहतर बनाने के लिए यह संस्था लगातार काम कर रही है।
✍️
क्राइम एवं लीगल डेस्क, द फ्रीलांस
कानून व न्यायपालिका ब्यूरो•8 अक्टूबर 2026 • अपडेटेड•43
🌐Read in English →
शेयर करें:
मकरंद अनासपुरे और नाना पाटेकर: अभिनय की दुनिया से निकलकर मराठवाड़ा के गांवों में उम्मीद जगाती जोड़ी
📷 मकरंद अनासपुरे और नाना पाटेकर: अभिनय की दुनिया से निकलकर मराठवाड़ा के गांवों में उम्मीद जगाती जोड़ी — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • मराठवाड़ा में गंभीर सूखे और पानी की कमी से जूझते गांवों की तस्वीर अब बदल रही है। अभिनेता नाना पाटेकर और मकरंद अनासपुरे के 'नाम फाउंडेशन' ने जल संरक्षण के जरिए यहां का टैंकर संकट खत्म कर दिया है। खेती और आम जीवन को बेहतर बनाने के लिए यह संस्था लगातार काम कर रही है।
  • इस खबर से जुड़े सभी पहलुओं की जांच और निगरानी संबंधित विभागों द्वारा की जा रही है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार इस घटनाक्रम का आम जनता पर सीधा असर पड़ सकता है।

महाराष्ट्र के मराठवाड़ा इलाके में पानी की कमी हमेशा से एक बड़ा दर्द रही है। चिलचिलाती धूप और सूखे कुओं के बीच यहां के लोगों की जिंदगी सिर्फ पानी ढोने में ही बीत जाती थी। ऐसे मुश्किल समय में मशहूर अभिनेता नाना पाटेकर और उनके साथी कलाकार मकरंद अनासपुरे ने आगे बढ़कर मोर्चा संभाला। दोनों ने मिलकर 'नाम फाउंडेशन' नाम की संस्था की शुरुआत की, जिसने इस इलाके की किस्मत ही बदल डाली।

शुरुआत में इस संस्था का मकसद सिर्फ सूखे से जूझ रहे किसानों को आर्थिक मदद देना था। लेकिन धीरे-धीरे इन कलाकारों ने समझा कि पैसे देने से ज्यादा जरूरी स्थायी हल निकालना है। इसके बाद जल संरक्षण पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया गया। गांवों में नए तालाब बनाए गए, पुराने बांधों को गहरा किया गया और बारिश के हर एक बूंद को रोकने के पुख्ता इंतजाम किए गए।

टैंकर मुक्त हुए मराठवाड़ा के कई गांव

जल संरक्षण के इन ठोस कामों का नतीजा यह निकला कि जिन गांवों में पानी के लिए टैंकरों की लंबी कतारें लगती थीं, वहां अब पानी की किल्लत काफी हद तक खत्म हो गई है। भूजल स्तर ऊपर आने से किसानों के चेहरे पर भी मुस्कान लौटने लगी है। अब वे एक बार फिर अपनी जमीन पर फसल उगा पा रहे हैं और उन्हें अपनी आजीविका के लिए शहर की तरफ पलायन नहीं करना पड़ रहा है।

नाना पाटेकर अपनी फिल्मों और चकाचौंध भरी दुनिया से दूर एक बेहद साधारण जीवन जीते हैं। उनकी सादगी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वे किसानों की मदद के लिए हमेशा जमीन पर मौजूद रहते हैं। मकरंद अनासपुरे भी अपनी फिल्मों के जरिए सामाजिक मुद्दों को उठाते रहे हैं और असल जिंदगी में भी किसानों के दर्द को बांटने में पीछे नहीं रहते हैं।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

मंच और पर्दे से अलग सामाजिक जिम्मेदारी का सफर

मकरंद अनासपुरे ने फिल्मों में चाहे गंभीर वकील की भूमिका निभाई हो या फिर कॉमिक किरदार, उन्होंने हमेशा अपनी कला से लोगों के दिलों में जगह बनाई है। उनकी फिल्म 'कायद्याचा बोला' में उनका निभाया गया वकील केशव कुंथलगिरिकर का किरदार आज भी लोगों को याद है। वहीं दूसरी ओर, 'मानव हत्या' जैसे क्राइम थ्रिलर और गंभीर वेब सीरीज में उनका अभिनय दर्शकों को खूब पसंद आया है।

लेकिन परदे की इन कामयाबियों से परे, मकरंद और नाना की जोड़ी ने यह साबित कर दिया है कि असली हीरो वे हैं जो समाज के काम आएं। मराठवाड़ा के गांवों में आज जो हरियाली और पानी की उपलब्धता दिखती है, उसके पीछे इन दोनों कलाकारों की सालभर की कड़ी मेहनत और विजन है।

भविष्य की योजनाएं और किसानों के लिए खुला आसमान

नाम फाउंडेशन का दायरा अब सिर्फ जल संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह किसानों के परिवारों और बच्चों की शिक्षा के लिए भी काम कर रहा है। संस्था का लक्ष्य है कि मराठवाड़ा का कोई भी किसान कर्ज या पानी की कमी के कारण लाचार न हो। द फ्रीलान्स की इस ग्राउंड पड़ताल में यह बात साफ सामने आई है कि जब कला और सामाजिक संवेदनाएं मिलती हैं, तो बड़े से बड़ा संकट भी टाला जा सकता है।

प्रायोजित • SPONSORED
❤️
100% पाठक समर्थित मीडिया

निष्पक्ष व निडर पत्रकारिता को आपका साथ चाहिए

द फ्रीलांस बिना किसी कॉर्पोरेट या राजनीतिक दबाव के जनसरोकार की खबरें आप तक पहुँचाता है। आपका छोटा सा योगदान भी हमारी स्वतंत्रता की ताकत है।

संबंधित खबरें

होम से जुड़ी खबरें: नाना पाटेकर के घर से लेकर होम लोन और यूपी होमगार्ड भर्ती तक की पूरी पड़ताल

होम से जुड़ी खबरें: नाना पाटेकर के घर से लेकर होम लोन और यूपी होमगार्ड भर्ती तक की पूरी पड़ताल

भारत आ रहा है दुनिया का सबसे बड़ा के-पॉप फेस्टिवल, दिल्ली में गूंजेगा 'वीवर्स कॉन'

भारत आ रहा है दुनिया का सबसे बड़ा के-पॉप फेस्टिवल, दिल्ली में गूंजेगा 'वीवर्स कॉन'

दिल्ली में पहली बार आ रहा दुनिया का सबसे बड़ा के-पॉप फेस्टिवल 'वीवर्स कॉन'

दिल्ली में पहली बार आ रहा दुनिया का सबसे बड़ा के-पॉप फेस्टिवल 'वीवर्स कॉन'

पाकिस्तान में आटे का भयानक संकट: 20 किलो का बैग 3300 रुपए पर पहुंचा, एक रोटी के लिए चुकानी पड़ रही है भारी कीमत

पाकिस्तान में आटे का भयानक संकट: 20 किलो का बैग 3300 रुपए पर पहुंचा, एक रोटी के लिए चुकानी पड़ रही है भारी कीमत

पाकिस्तान में गहराया गंभीर आटा संकट: 20 किलो का बैग 3300 रुपये तक पहुंचा, एक रोटी के लिए चुकानी पड़ रही भारी कीमत

पाकिस्तान में गहराया गंभीर आटा संकट: 20 किलो का बैग 3300 रुपये तक पहुंचा, एक रोटी के लिए चुकानी पड़ रही भारी कीमत

पाकिस्तान में आसमान छू रहे आटे के दाम, 20 किलो का थैला 3300 रुपये के पार

पाकिस्तान में आसमान छू रहे आटे के दाम, 20 किलो का थैला 3300 रुपये के पार

इजाज़त का गणतंत्र: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की पाबंदी से उठ रहे लोकतंत्र पर गंभीर सवाल

इजाज़त का गणतंत्र: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की पाबंदी से उठ रहे लोकतंत्र पर गंभीर सवाल

माइक्रोसॉफ्ट और टीसीएस समेत आठ बड़ी आईटी कंपनियों को अमेरिका का बड़ा झटका, ग्रीन कार्ड प्रोग्राम से किया गया सस्पेंड

माइक्रोसॉफ्ट और टीसीएस समेत आठ बड़ी आईटी कंपनियों को अमेरिका का बड़ा झटका, ग्रीन कार्ड प्रोग्राम से किया गया सस्पेंड

✍️

क्राइम एवं लीगल डेस्क, द फ्रीलांस

सत्यापित संपादकीय डेस्क

कानून, न्यायपालिका, नागरिक अधिकार व जनसुरक्षा टीम

द फ्रीलांस की क्राइम और लीगल डेस्क अदालती फैसलों, सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक आदेशों, कानून व्यवस्था और जनसुरक्षा के मामलों की बिना किसी पूर्वाग्रह के तथ्यपरक रिपोर्टिंग करती है। हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की जाती है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित विजुअल स्टोरीज (Web Stories)

TAP TO VIEW

‘मकरंद अनासपुरे’ व क्राइम से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें

होम से जुड़ी खबरें: नाना पाटेकर के घर से लेकर होम लोन और यूपी होमगार्ड भर्ती तक की पूरी पड़तालCRIME

होम से जुड़ी खबरें: नाना पाटेकर के घर से लेकर होम लोन और यूपी होमगार्ड भर्ती तक की पूरी पड़ताल

9 अक्टू॰43
भारत आ रहा है दुनिया का सबसे बड़ा के-पॉप फेस्टिवल, दिल्ली में गूंजेगा 'वीवर्स कॉन'CRIME

भारत आ रहा है दुनिया का सबसे बड़ा के-पॉप फेस्टिवल, दिल्ली में गूंजेगा 'वीवर्स कॉन'

9 अक्टू॰30
दिल्ली में पहली बार आ रहा दुनिया का सबसे बड़ा के-पॉप फेस्टिवल 'वीवर्स कॉन'CRIME

दिल्ली में पहली बार आ रहा दुनिया का सबसे बड़ा के-पॉप फेस्टिवल 'वीवर्स कॉन'

9 अक्टू॰51
पाकिस्तान में आटे का भयानक संकट: 20 किलो का बैग 3300 रुपए पर पहुंचा, एक रोटी के लिए चुकानी पड़ रही है भारी कीमतCRIME

पाकिस्तान में आटे का भयानक संकट: 20 किलो का बैग 3300 रुपए पर पहुंचा, एक रोटी के लिए चुकानी पड़ रही है भारी कीमत

9 अक्टू॰29
पाकिस्तान में गहराया गंभीर आटा संकट: 20 किलो का बैग 3300 रुपये तक पहुंचा, एक रोटी के लिए चुकानी पड़ रही भारी कीमतCRIME

पाकिस्तान में गहराया गंभीर आटा संकट: 20 किलो का बैग 3300 रुपये तक पहुंचा, एक रोटी के लिए चुकानी पड़ रही भारी कीमत

9 अक्टू॰41
पाकिस्तान में आसमान छू रहे आटे के दाम, 20 किलो का थैला 3300 रुपये के पारCRIME

पाकिस्तान में आसमान छू रहे आटे के दाम, 20 किलो का थैला 3300 रुपये के पार

9 अक्टू॰43
इजाज़त का गणतंत्र: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की पाबंदी से उठ रहे लोकतंत्र पर गंभीर सवालCRIME

इजाज़त का गणतंत्र: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की पाबंदी से उठ रहे लोकतंत्र पर गंभीर सवाल

9 अक्टू॰46
माइक्रोसॉफ्ट और टीसीएस समेत आठ बड़ी आईटी कंपनियों को अमेरिका का बड़ा झटका, ग्रीन कार्ड प्रोग्राम से किया गया सस्पेंडCRIME

माइक्रोसॉफ्ट और टीसीएस समेत आठ बड़ी आईटी कंपनियों को अमेरिका का बड़ा झटका, ग्रीन कार्ड प्रोग्राम से किया गया सस्पेंड

9 अक्टू॰26
विज्ञापन • ADVERTISEMENT