दिल्ली हाईकोर्ट से कुख्यात गैंगस्टर नीरज बवाना को मिली राहत
राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में आतंक का पर्याय रहे कुख्यात गैंगस्टर नीरज बवाना को अदालत से बड़ी राहत मिली है। दिल्ली हाईकोर्ट ने उसे छह घंटे की कस्टडी पैरोल देने का आदेश दिया है। इस दौरान वह अपनी पत्नी और अपने नवजात बच्चे से मिल सकेगा। अदालत के इस फैसले के बाद जेल प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने शुरू कर दिए हैं।
गैंगस्टर नीरज बवाना लंबे समय से देश की अलग-अलग हाई-सिक्योरिटी जेलों में बंद है। उस पर हत्या, फिरौती, रंगदारी और कई गंभीर आपराधिक मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। कोर्ट में उसके वकीलों ने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए पैरोल की मांग की थी। न्यायाधीश ने मानवीय आधार पर इस याचिका पर विचार करते हुए उसे सीमित समय के लिए यह रियायत दी है।
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कड़ी सुरक्षा के बीच तय समय पर होगी घर वापसी
कानून और व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए नीरज बवाना को सामान्य पैरोल के बजाय कस्टडी पैरोल दी गई है। इसका मतलब यह है कि जब वह अपने परिवार से मिलने जाएगा, तब उसके साथ दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और सशस्त्र कमांडो का कड़ा पहरा रहेगा। तय किए गए छह घंटे पूरे होते ही उसे तुरंत वापस जेल पहुंचा दिया जाएगा।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस दौरान किसी भी बाहरी व्यक्ति को मिलने की अनुमति नहीं होगी। केवल परिवार के करीबी सदस्य ही इस मुलाकात का हिस्सा बन सकेंगे। जेल अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि अदालत के आदेश की कॉपी मिलने के बाद सुरक्षा का पूरा खाका तैयार कर लिया गया है ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
परिवार से मिलने की अर्जी पर अदालत ने की सुनवाई
इससे पहले नीरज बवाना के वकीलों ने अदालत में दलील दी थी कि हर नागरिक और पिता को अपने नवजात बच्चे और पत्नी से मिलने का अधिकार है। तमाम दलीलों और सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट पर विचार करने के बाद हाईकोर्ट ने यह सुनिश्चित किया कि तय नियमों के दायरे में रहकर ही उसे यह राहत दी जाए।
"अदालतों ने हमेशा कैदियों के मानवीय अधिकारों और पारिवारिक जिम्मेदारियों को भी ध्यान में रखा है, बशर्ते इससे सुरक्षा को कोई बड़ा खतरा न हो।" — वरिष्ठ कानूनी विशेषज्ञ
नीरज बवाना के खिलाफ दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में कई संगीन मामले चल रहे हैं। बावजूद इसके, पारिवारिक आधार पर मिली इस छोटी सी राहत ने एक बार फिर कानूनी गलियारों में चर्चा छेड़ दी है। पुलिस और सुरक्षा बल अब पूरी मुस्तैदी के साथ इस कस्टडी पैरोल को पूरा कराने की तैयारी में जुटे हैं।






