एआईएमआईएम नेता हाजी नाहिद गनी की गिरफ्तारी से मचा हड़कंप
बिहार की राजनीति और अपराध जगत से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। एआईएमआईएम (AIMIM) पार्टी के सक्रिय नेता हाजी नाहिद गनी को मानव तस्करी और अवैध रूप से युवाओं को विदेश भेजने के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार कर लिया गया है। इस कार्रवाई को पटना से आई विशेष कार्य बल (STF) की टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से अंजाम दिया है। आरोपी के साथ उसके एक अन्य सहयोगी मो. तबरेज को भी दबोचा गया है, जिसके बाद से सीमांचल के राजनीतिक गलियारों में बड़ी हलचल देखने को मिल रही है।
प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी लंबे समय से एक संगठित गिरोह का संचालन कर रहा था। वह राजनीतिक रसूख और अपनी पार्टी की पहुंच का इस्तेमाल करके भोले-भाले युवाओं को अपने जाल में फंसाता था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के अन्य गुर्गों की भी तलाश कर रही है ताकि इस अवैध धंधे की जड़ तक पहुंचा जा सके।
डंकी रूट के जरिए मलेशिया भेजने का काला खेल
जांच एजेंसियों के अनुसार, हाजी नाहिद गनी और उसका गिरोह युवाओं को कानूनी और सुरक्षित रास्तों के बजाय खतरनाक 'डंकी रूट' के जरिए मलेशिया और अन्य खाड़ी देशों में भेजता था। विदेश में अच्छी नौकरी, मोटे वेतन और शानदार जीवनशैली का सब्जबाग दिखाकर युवाओं से भारी रकम वसूली जाती थी। जब पीड़ित युवक विदेश पहुंचते थे, तब उन्हें ठगी का अहसास होता था, क्योंकि वहां उन्हें न तो वादा किया गया रोजगार मिलता था और ना ही अन्य सुविधाएं।
यह गिरोह पूरी प्लानिंग के साथ काम करता था। युवाओं को पहले टूरिस्ट वीजा या अन्य संदिग्ध माध्यमों से विभिन्न देशों के रास्ते मलेशिया पहुंचाया जाता था। इस दौरान कई युवक अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर एजेंटों के चंगुल में फंसकर अमानवीय परिस्थितियों का सामना करने को मजबूर होते थे।
विदेश में फंसे युवाओं की मजबूरी का फायदा
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि जब डंकी रूट के जरिए भेजे गए युवा विदेशों में जाकर फंस जाते थे और अपनी जान बचाने या वापस लौटने की गुहार लगाते थे, तब यह गिरोह उनसे और पैसे ऐंठता था। युवाओं को वापस लाने के नाम पर उनके परिजनों से मोटी रकम वसूली जाती थी। इसी साल अगस्त के महीने में पूर्णिया के अमौर और किशनगंज के कोचाधामन प्रखंड के सात युवकों के दुबई में फंसे होने का मामला सामने आया था, जिसके बाद से सुरक्षा एजेंसियां इस रैकेट की गहराई से छानबीन कर रही थीं।
"विदेश भेजने के नाम पर भोले-भाले युवाओं के जीवन के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा। इस मामले में जितने भी लोग संलिप्त हैं, उन सभी के खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाएगी।" — वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, एसटीएफ बिहार
सीमांचल की राजनीति में उबाल और प्रशासनिक शिकंजा
इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद सीमांचल क्षेत्र की राजनीति में भूचाल आ गया है। एक राजनीतिक दल से जुड़े होने के कारण आरोपी स्थानीय स्तर पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके पुलिस और प्रशासनिक जांच को प्रभावित करने की कोशिश करता रहा था। हालांकि, एसटीएफ की इस पुख्ता कार्रवाई ने तमाम राजनीतिक सुरक्षा चक्र को ध्वस्त कर दिया है।
सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की भी जांच कर रही हैं कि इस अवैध मानव तस्करी के नेटवर्क में और कौन-कौन से बड़े चेहरे शामिल हैं। हवाला कारोबार और अवैध विदेशी मुद्रा लेनदेन के एंगल से भी दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है ताकि इस सिंडिकेट की आर्थिक रीढ़ को भी तोड़ा जा सके।
युवाओं के लिए सबक और सुरक्षा एजेंसियों की चेतावनी
प्रशासन ने इस घटना के बाद आम नागरिकों और खासकर युवाओं के लिए एक बार फिर चेतावनी जारी की है। अधिकारियों का कहना है कि विदेश में नौकरी के नाम पर सोशल मीडिया या स्थानीय एजेंटों के जरिए मिलने वाले फर्जी विज्ञापनों और लुभावने प्रस्तावों के झांसे में न आएं। नौकरी के लिए हमेशा अधिकृत और वैध सरकारी माध्यमों का ही इस्तेमाल करें, ताकि किसी भी तरह की धोखाधड़ी या मानव तस्करी के जाल से बचा जा सके।
पुलिस अब दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि अब तक कुल कितने युवाओं को इस खतरनाक डंकी रूट के जरिए विदेशों में भेजा जा चुका है और इस अवैध कारोबार से कितनी संपत्ति अर्जित की गई है।












