Home/lifestyle/Indian Wildlife Sanctuaries: Royal Bengal Tigers and the Splendor of the Wild
lifestyle

Indian Wildlife Sanctuaries: Royal Bengal Tigers and the Splendor of the Wild

A vivid photographic retrospective celebrating the majesty of the Royal Bengal Tiger and pristine biodiversity across premier national parks.

Indian Wildlife Sanctuaries: Royal Bengal Tigers and the Splendor of the Wild
तस्वीर 1 / 10Scroll Down
1. जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क, उत्तराखंड - रॉयल बंगाल टाइगर का साम्राज्य

1. जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क, उत्तराखंड - रॉयल बंगाल टाइगर का साम्राज्य

उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित जिम कॉर्बेट भारत का सबसे पहला राष्ट्रीय उद्यान है, जिसे 1936 में स्थापित किया गया था। रामगंगा नदी के किनारे बसे इस घने साल के जंगल में रॉयल बंगाल टाइगर, एशियाई हाथी और 600 से अधिक दुर्लभ पक्षियों की प्रजातियां पाई जाती हैं। सुबह की धुंधली धूप में ढिकाला जोन में घास के मैदानों में बाघ का दीदार होना वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक जादुई अनुभव होता है।

ADVERTISEMENT
300x250 Ad
तस्वीर 2 / 10Scroll Down
2. काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान, असम - एक सींग वाले गैंडे की शरणस्थली

2. काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान, असम - एक सींग वाले गैंडे की शरणस्थली

असम के गोलाघाट और नागांव जिलों में फैला काजीरंगा यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है, जो दुनिया के दो-तिहाई एक सींग वाले भारतीय गैंडों (One-horned Rhinos) का घर है। ब्रह्मपुत्र नदी की बाढ़ से सिंचित विशाल दलदली घास के मैदानों में गैंडों के अलावा दलदली हिरण, जंगली जल भैंसे और बड़ी संख्या में प्रवासी सारस स्वच्छंद रूप से घूमते नजर आते हैं। हाथी सफारी यहां का सबसे बड़ा आकर्षण है।

तस्वीर 3 / 10Scroll Down
3. गिर राष्ट्रीय उद्यान, गुजरात - एशियाई बब्बर शेरों का एकमात्र घर

3. गिर राष्ट्रीय उद्यान, गुजरात - एशियाई बब्बर शेरों का एकमात्र घर

गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में स्थित गिर वन्यजीव अभयारण्य पूरे एशिया में एकमात्र ऐसा स्थान है जहां खुले जंगलों में एशियाई बब्बर शेर (Asiatic Lion) पाए जाते हैं। शुष्क पर्णपाती जंगलों और कंटीली झाड़ियों से घिरा यह उद्यान शेरों के सफल संरक्षण की ऐतिहासिक मिसाल है। यहां शेरों के प्राइड (परिवार) को झाड़ियों के बीच आराम करते हुए बहुत करीब से देखा जा सकता है।

ADVERTISEMENT
300x250 Ad
तस्वीर 4 / 10Scroll Down
4. रणथंभौर टाइगर रिजर्व, राजस्थान - किलों के साए में बाघों का डेरा

4. रणथंभौर टाइगर रिजर्व, राजस्थान - किलों के साए में बाघों का डेरा

राजस्थान के सवाई माधोपुर में स्थित रणथंभौर अपनी ऐतिहासिक विरासत और बाघों के अद्भुत संगम के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। 10वीं शताब्दी के रणथंभौर किले के खंडहरों, पदम तालाब और विशाल बरगद के पेड़ों के बीच शिकार की तलाश में घूमते बाघों का दृश्य फोटोग्राफर्स के लिए किसी सपने जैसा होता है। यह दिन के उजाले में बाघों को देखने के लिए सबसे मुफीद पार्क माना जाता है।

तस्वीर 5 / 10Scroll Down
5. पेरियार राष्ट्रीय उद्यान, केरल - पश्चिमी घाट में हाथियों का जलक्रीड़ा स्थल

5. पेरियार राष्ट्रीय उद्यान, केरल - पश्चिमी घाट में हाथियों का जलक्रीड़ा स्थल

केरल के थेक्कडी में पश्चिमी घाट की हरी-भरी पहाड़ियों के बीच बसा पेरियार वन्यजीव अभयारण्य शांत पेरियार झील के लिए प्रसिद्ध है। यहां नाव से सफारी करते हुए झील के किनारे पानी पीने और अठखेलियां करने आते जंगली हाथियों के झुंड, गौर (भारतीय बाइसन), सांभर और नीलगिरी लंगूर को देखा जा सकता है। यह क्षेत्र चाय और मसालों के बागानों से घिरा एक शांत पर्यावरण-पर्यटन स्थल है।

ADVERTISEMENT
300x250 Ad
तस्वीर 6 / 10Scroll Down
6. सुंदरबन नेशनल पार्क, पश्चिम बंगाल - ज्वारीय मैंग्रोव और तैराक बाघ

6. सुंदरबन नेशनल पार्क, पश्चिम बंगाल - ज्वारीय मैंग्रोव और तैराक बाघ

गंगा, ब्रह्मपुत्र और मेघना नदियों के डेल्टा पर बना सुंदरबन दुनिया का सबसे बड़ा मैंग्रोव वन है। यह यूनेस्को धरोहर स्थल अपने आदमखोर माने जाने वाले रॉयल बंगाल टाइगर्स के लिए जाना जाता है, जो खारे पानी में तैरने में माहिर होते हैं। ज्वार-भाटे के पानी में चलने वाली नावों से ही यहां सफारी की जाती है, जहां एस्चुअरी मगरमच्छ, चित्तीदार हिरण और दुर्लभ किंगफिशर पक्षी बहुतायत में मिलते हैं।

तस्वीर 7 / 10Scroll Down
7. हेमिस नेशनल पार्क, लद्दाख - बर्फ से ढकी चोटियों पर हिम तेंदुए की तलाश

7. हेमिस नेशनल पार्क, लद्दाख - बर्फ से ढकी चोटियों पर हिम तेंदुए की तलाश

समुद्र तल से 3,000 से 6,000 मीटर की ऊंचाई पर लद्दाख में स्थित हेमिस दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान है। यह दुनिया भर में रहस्यमयी और शर्मीले 'हिम तेंदुए' (Snow Leopard) की सबसे घनी आबादी के लिए विख्यात है। कड़ाके की सर्दियों में माइनस 20 डिग्री तापमान के बीच बर्फीली चट्टानों पर ट्रैकिंग करते हुए वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट्स इस दुर्लभ शिकारी को अपने कैमरे में कैद करने आते हैं।

ADVERTISEMENT
300x250 Ad
तस्वीर 8 / 10Scroll Down
8. केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (भरतपुर), राजस्थान - प्रवासी पक्षियों का स्वर्ग

8. केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (भरतपुर), राजस्थान - प्रवासी पक्षियों का स्वर्ग

भरतपुर का केवलादेव घाना पक्षी अभयारण्य दुनिया के सबसे समृद्ध पक्षी आवासों में गिना जाता है। सर्दियों के मौसम में साइबेरिया, मंगोलिया और मध्य एशिया से हजारों किलोमीटर उड़कर आने वाले 370 से अधिक प्रजातियों के प्रवासी पक्षी यहां प्रजनन करते हैं। रिक्शा या साइकिल से की जाने वाली यह पक्षी सफारी फोटोग्राफर्स और पर्यावरण प्रेमियों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव है।

तस्वीर 9 / 10Scroll Down
9. कान्हा नेशनल पार्क, मध्य प्रदेश - 'जंगल बुक' की धरती और बारहसिंगा

9. कान्हा नेशनल पार्क, मध्य प्रदेश - 'जंगल बुक' की धरती और बारहसिंगा

मध्य प्रदेश के सतपुड़ा पर्वत श्रृंखला में फैला कान्हा टाइगर रिजर्व प्रसिद्ध लेखक रुडयार्ड किपलिंग की कालजयी कृति 'द जंगल बुक' की प्रेरणा भूमि रहा है। यहां के विशाल सालेह और बांस के जंगल भारत के विलुप्तप्राय 'हार्डग्राउंड बारहसिंगा' का एकमात्र प्राकृतिक शरणस्थल हैं। बाघ, तेंदुए और जंगली कुत्तों (ढोल) की मौजूदगी इस पार्क को जैव-विविधता का अनूठा खजाना बनाती है।

ADVERTISEMENT
300x250 Ad
तस्वीर 10 / 10Scroll Down
10. बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान, कर्नाटक - नीलगिरी की वादियों में समृद्ध वन्यजीवन

10. बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान, कर्नाटक - नीलगिरी की वादियों में समृद्ध वन्यजीवन

कर्नाटक में पश्चिमी और पूर्वी घाट के मिलन बिंदु पर स्थित बांदीपुर टाइगर रिजर्व प्रसिद्ध नीलगिरी बायोस्फीयर का महत्वपूर्ण अंग है। मैसूर और ऊटी के बीच स्थित यह पार्क बड़ी संख्या में हाथियों, तेंदुओं और सांभर के लिए जाना जाता है। घने पर्णपाती जंगलों और शांत वातावरण के बीच यहां की वन्यजीव सफारी पर्यटकों को दक्षिण भारत की प्राकृतिक सुंदरता का साक्षात अनुभव कराती है।