नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ ने पीएफ विड्रॉल के नए नियमों को जारी कर दिया है। पिछले कुछ दिनों से गूगल ट्रेंड्स पर यह विषय सबसे ऊपर बना हुआ है क्योंकि हर नौकरी करने वाला इंसान यह जानना चाहता है कि जरूरत पड़ने पर वह अपने पीएफ खाते से कितना पैसा निकाल सकता है। आजतक, जागरण और मनीकंट्रोल जैसी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर आपके पीएफ खाते में एक लाख या दो लाख रुपये जमा हैं, तो आपके लिए एडवांस निकालने के नियम पूरी तरह बदल चुके हैं।
आम तौर पर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि क्या वे अपनी जरूरत के हिसाब से पूरा पैसा निकाल सकते हैं या फिर कोई तय सीमा लागू होती है। नए अपडेट के अनुसार, ईपीएफओ ने ग्राहकों की सहूलियत के लिए एडवांस पैसे निकालने की प्रक्रिया को थोड़ा सा बदला है। अगर आपके खाते में एक लाख रुपये हैं, तो आप अपनी जरूरत के आधार पर पच्चीस हजार, पचास हजार या पचहत्तर हजार रुपये तक की राशि एडवांस के रूप में निकाल सकते हैं। यह नियम उन लोगों के लिए बहुत मददगार साबित होगा जो अचानक आने वाले मेडिकल खर्च या बच्चों की फीस जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
पीएफ खाते से एडवांस पैसा निकालने के नए नियम
मनीकंट्रोल और जी बिजनेस की रिपोर्ट्स पर गौर करें तो यदि आपके पीएफ खाते में दो लाख रुपये जमा हैं, तो भी आप तय फार्मूले के तहत ही एडवांस निकाल पाएंगे। पहले पीएफ का पैसा निकालने के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे और कई तरह के दस्तावेज जमा करने होते थे। लेकिन अब डिजिटल होने के बाद यह प्रक्रिया ऑनलाइन घर बैठे पूरी हो जाती है। हालांकि, आपको यह बात ध्यान रखनी होगी कि आप अपनी कुल जमा राशि का कितना हिस्सा किस काम के लिए निकाल सकते हैं। मेडिकल इमरजेंसी, घर की मरम्मत या शादी जैसे कामों के लिए अलग-अलग शर्तें तय की गई हैं जिनका पालन करना जरूरी होता है।
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि कई बार लोग बिना सोचे-समझे पीएफ का पैसा निकाल लेते हैं जिससे उनके बुढ़ापे की बचत पर असर पड़ता है। लेकिन जब घर में कोई बड़ी मुसीबत आ जाए, तब यही पीएफ का पैसा सबसे बड़ा सहारा बनता है। ईपीएफओ के इन नए दिशा-निर्देशों से लोगों को यह साफ पता चल जाएगा कि वे किस परिस्थिति में कितनी रकम निकाल सकते हैं। इससे भ्रम की स्थिति खत्म होती है और पारदर्शिता बढ़ती है। नौकरी करने वाले हर व्यक्ति को अपने यूएएन पोर्टल पर जाकर इन नए बदलावों को खुद भी जांच लेना चाहिए ताकि जरूरत के वक्त कोई परेशानी न आए।
टैक्स से बचने के लिए भरना होगा नया फॉर्म
न्यूज18 हिंदी की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर आप पीएफ का पैसा निकालते वक्त टैक्स की कटौती से बचना चाहते हैं, तो अब आपको एक नया फॉर्म भरना होगा। कई बार सही जानकारी न होने की वजह से लोगों के पीएफ विड्रॉल पर टीडीएस यानी टैक्स कट जाता है जिससे उनकी कमाई का एक हिस्सा कम हो जाता है। इस नए नियम से उन कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी जो टैक्स के झंझट से दूर रहना चाहते हैं। आपको बस ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर सही फॉर्म चुनना है और अपनी जरूरी जानकारी भरनी है।
हमारे फील्ड सर्वे में यह बात सामने आई है कि ज्यादातर कर्मचारियों को इन नए फॉर्म्स और टैक्स नियमों की पूरी जानकारी नहीं होती है। वे साइबर कैफे या एजेंटों के चक्कर में फंस जाते हैं और अपना पैसा कटवा बैठते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि आप किसी की बातों में आने के बजाय खुद ईपीएफओ की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और पूरी प्रक्रिया को समझें। सरकार का यह कदम डिजिटल और पारदर्शी व्यवस्था की तरफ एक बड़ा इशारा है, जिससे आम आदमी का काम आसान हो रहा है।
भविष्य की जरूरत और पीएफ सुरक्षा पर असर
द फ्रीलान्स की ग्राउंड पड़ताल बताती है कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन का यह नया अपडेट नौकरीपेशा वर्ग के बीच काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग सोशल मीडिया और इंटरनेट पर लगातार सर्च कर रहे हैं कि उनके खाते के हिसाब से उन्हें कितना एडवांस मिल सकता है। भले ही पैसा निकालना आसान कर दिया गया है, लेकिन वित्तीय जानकारों की सलाह यही है कि पीएफ का पैसा सिर्फ आपातकालीन स्थिति में ही निकाला जाना चाहिए। इसे जल्दी खत्म कर देने से भविष्य की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
आने वाले दिनों में ईपीएफओ अपनी इन सेवाओं को और अधिक डिजिटल और तेज बनाने की तैयारी में है ताकि किसी भी सदस्य को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़े। हमारी यह रिपोर्ट आपको सचेत करती है कि आप किसी भी फर्जी मैसेज या अफवाहों पर भरोसा न करें। हमेशा आधिकारिक पोर्टल से ही जानकारी जुटाएं और अपने भविष्य को सुरक्षित रखते हुए ही जरूरत पड़ने पर पैसे के लिए आवेदन करें।







