नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — भारतीय क्रिकेट में इन दिनों बदलाव का दौर चल रहा है और इसी बीच मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर का कार्यकाल समाप्त हो गया है। उनके इस सफर के पूरा होने पर टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने दिल खोलकर अपनी बात रखी है। गौतम गंभीर ने सोशल मीडिया पर एक खास पोस्ट साझा किया है जिसमें उन्होंने अजीत अगरकर के साथ अपने काम करने के अनुभव को बेहद खास बताया है। गंभीर ने साफ शब्दों में कहा है कि अजीत अगरकर का काम ऐसा था जिसके लिए आने वाला समय और इतिहास उनके साथ पूरी तरह नरमी बरतेगा और उन्हें एक सफल चयनकर्ता के रूप में याद रखेगा।
गौतम गंभीर ने अपने संदेश में अजीत अगरकर की मेहनत और उनकी उपलब्धियों की खुलकर तारीफ की है। गंभीर ने कहा कि अजीत अगरकर के मुख्य चयनकर्ता रहते हुए भारतीय टीम ने जो सफलता हासिल की है, वह किसी से छिपी नहीं है। उनके कार्यकाल के दौरान भारतीय क्रिकेट ने कई बड़े मुकाम हासिल किए हैं। कोच गंभीर ने अपने बयान में इस बात पर भी जोर दिया कि जब आप देश के लिए इतने बड़े पद पर काम करते हैं, तो आलोचनाएं भी मिलती हैं लेकिन नतीजे सब कुछ साफ कर देते हैं। उन्होंने माना कि अजीत अगरकर ने हमेशा भारतीय क्रिकेट के भविष्य को ध्यान में रखकर फैसले लिए हैं।
तीन आईसीसी ट्रॉफियां हैं सबसे बड़ा सबूत
गौतम गंभीर ने अपने इस भावुक संदेश में इस बात का खास तौर पर जिक्र किया कि अजीत अगरकर के कार्यकाल के दौरान भारतीय टीमों ने कुल तीन आईसीसी ट्रॉफियां अपने नाम की हैं। गंभीर के मुताबिक, ये तीनों आईसीसी ट्रॉफियां इस बात का सबसे बड़ा और ठोस सबूत हैं कि अजीत अगरकर ने चयन समिति के प्रमुख के रूप में कितना शानदार काम किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी खेल प्रशासक के लिए यह बहुत बड़ी बात होती है कि उसके कार्यकाल में देश की टीम विश्व स्तर पर इतने सारे खिताब जीते। इन ट्रॉफियों ने यह साबित कर दिया है कि अगरकर की अगुवाई में चुनी गई टीमें कितनी मजबूत और संतुलित थीं।
कोच गंभीर ने यह भी बताया कि अजीत अगरकर के साथ ड्रेसिंग रूम और बैठकों में तालमेल बिठाना उनके लिए बहुत ही अच्छा अनुभव रहा है। क्रिकेट के मैदान पर दोनों ने देश के लिए साथ में काफी क्रिकेट खेला है और अब चयन समिति और कोचिंग स्टाफ के रूप में साथ काम करना उनके लिए एक सम्मान की बात थी। गंभीर ने लिखा कि अजीत अगरकर ने हमेशा दबाव के पलों में शांत रहकर सही फैसले लिए हैं। उन्होंने कभी भी निजी प्राथमिकताओं को आगे नहीं रखा बल्कि हमेशा टीम इंडिया की जरूरत को ही सबसे ऊपर स्थान दिया।
इतिहास आपको हमेशा अच्छे शब्दों में याद रखेगा
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए गौतम गंभीर ने कहा कि खेल की दुनिया में लोगों की राय जल्दी बदलती है लेकिन असली मूल्यांकन समय के साथ होता है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में जब इस दौर के क्रिकेट इतिहास को लिखा जाएगा, तो अजीत अगरकर का नाम बहुत सम्मान के साथ लिया जाएगा। गंभीर ने लिखा कि इतिहास आपके साथ पूरी तरह नरमी बरतेगा क्योंकि आपके द्वारा लिए गए फैसलों के नतीजे सबके सामने हैं। एक चयनकर्ता की नौकरी सबसे मुश्किल नौकरियों में से एक होती है क्योंकि हर मैच के बाद नए सवाल उठते हैं लेकिन अगरकर ने इन सभी चुनौतियों का डटकर सामना किया।
खेल प्रेमियों और क्रिकेट विशेषज्ञों के बीच भी गौतम गंभीर के इस संदेश की काफी चर्चा हो रही है। सोशल मीडिया पर फैंस लगातार अजीत अगरकर के कार्यकाल को याद कर रहे हैं और उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दे रहे हैं। अजीत अगरकर के इस कार्यकाल के दौरान भारतीय क्रिकेट ने कई युवा खिलाड़ियों को मौका दिया जिन्होंने आगे चलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक अलग पहचान बनाई। चयन समिति और कोचिंग स्टाफ के बीच का यह तालमेल ही था जिसने भारतीय टीम को इस मुकाम तक पहुंचाया।
भारतीय क्रिकेट में अब नए बदलाव की तैयारी
अजीत अगरकर का कार्यकाल पूरा होने के बाद अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई आगे की रूपरेखा तैयार कर रहा है। आने वाले दिनों में नए चयनकर्ताओं के नामों पर मुहर लग सकती है और बोर्ड नए सिरे से अपनी रणनीति बनाएगा। हालांकि, वर्तमान कोचिंग स्टाफ और अजीत अगरकर के बीच की इस जुगलबंदी को हमेशा भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल दौर में से एक माना जाएगा। गौतम गंभीर के इस खुले बयान ने यह साफ कर दिया है कि पर्दे के पीछे टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ताओं के बीच आपसी तालमेल कितना मजबूत था।
द फ्रीलान्स की टीम द्वारा जुटाई गई जानकारी के अनुसार, अजीत अगरकर ने अपने इस कार्यकाल में कई कड़े और बड़े फैसले लिए थे, जिन्हें शुरुआत में कुछ लोगों ने चुनौती भी दी थी। लेकिन समय के साथ उन फैसलों के सकारात्मक परिणाम मैदान पर नजर आए। अब जबकि उनका यह कार्यकाल पूरा हो चुका है, तो कोच गौतम गंभीर का यह सार्वजनिक संदेश इस बात की गवाही देता है कि टीम के अंदर आपसी सम्मान और एकजुटता कितनी गहरी थी। भारतीय क्रिकेट प्रशंसक भी अब यह उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाला नया दौर भी देश के लिए उतनी ही सफलताएं लेकर आएगा।






