विज्ञापन • ADVERTISEMENT
होम/देश/भारत के प्रदर्शनों पर हरीश साल्वे का बड़ा बयान, जंतर-मंतर के नियम बदलने से राजनीति गरमाई
देशपढ़ने में समय: 4 मिनट

भारत के प्रदर्शनों पर हरीश साल्वे का बड़ा बयान, जंतर-मंतर के नियम बदलने से राजनीति गरमाई

देश में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों को लेकर वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने विदेशी फंडिंग और दखल का गंभीर आरोप लगाया है। दूसरी ओर, गृह मंत्रालय ने दिल्ली में धरने के लिए जंतर-मंतर के नियम बदलते हुए नए स्थान तय कर दिए हैं। इस बीच राजनीतिक दलों और नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी जारी है।
✍️
नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस
राष्ट्रीय संपादकीय ब्यूरो•12 अक्टूबर 2026 • अपडेटेड•33
🌐Read in English →
शेयर करें:
भारत के प्रदर्शनों पर हरीश साल्वे का बड़ा बयान, जंतर-मंतर के नियम बदलने से राजनीति गरमाई
📷 भारत के प्रदर्शनों पर हरीश साल्वे का बड़ा बयान, जंतर-मंतर के नियम बदलने से राजनीति गरमाई — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • देश में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों को लेकर वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने विदेशी फंडिंग और दखल का गंभीर आरोप लगाया है। दूसरी ओर, गृह मंत्रालय ने दिल्ली में धरने के लिए जंतर-मंतर के नियम बदलते हुए नए स्थान तय कर दिए हैं। इस बीच राजनीतिक दलों और नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी जारी है।
  • इस खबर से जुड़े सभी पहलुओं की जांच और निगरानी संबंधित विभागों द्वारा की जा रही है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार इस घटनाक्रम का आम जनता पर सीधा असर पड़ सकता है।

नई दिल्ली से ग्राउंड रिपोर्ट — देश की राजधानी में विरोध-प्रदर्शनों और भाषणबाजी का दौर इन दिनों एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। देश के जाने-माने वकील हरीश साल्वे ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि भारत में हो रहे कुछ विरोध-प्रदर्शनों के पीछे विदेशी फंडिंग और बाहरी दखल शामिल है। उन्होंने साफ शब्दों में मांग की है कि भारत सरकार को इस पूरे मामले की गहराई से जांच करवानी चाहिए। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस छिड़ गई है और यह मुद्दा सोशल मीडिया पर भी लगातार ट्रेंड कर रहा है।

एक तरफ जहां विदेशी दखल और फंडिंग को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों की जगह तय करने को लेकर प्रशासनिक नियम भी बदल दिए गए हैं। केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय के नए फरमान के मुताबिक अब ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर हर तरह के धरना-प्रदर्शन आसानी से नहीं हो सकेंगे। सरकार ने दिल्ली के भीतर विरोध-प्रदर्शन करने के लिए तीन नए स्थान तय कर दिए हैं। इस कदम के बाद से स्थानीय प्रशासन और आंदोलन करने वाले संगठनों के बीच तनाव की स्थिति बनती दिख रही है।

जंतर-मंतर के नियम बदलने पर आमने-सामने सरकार और संगठन

गृह मंत्रालय के इस नए निर्देश के बाद विरोध प्रदर्शन करने वाले संगठनों ने प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया है। सिविल सोसाइटीज और अधिकारों के लिए लड़ने वाले समूहों ने दिल्ली पुलिस को अल्टीमेटम देना शुरू कर दिया है। CJP यानी सिटिजंस फॉर जस्टिस एंड पीस ने दिल्ली पुलिस को साफ अल्टीमेटम दिया है कि वह जंतर-मंतर या तयशुदा जगहों पर प्रदर्शन के लिए तारीख और समय जल्द से जल्द तय करे। संगठनों का कहना है कि अपनी बात कहने का अधिकार लोकतांत्रिक देश में हर नागरिक का है और नियमों के नाम पर आवाज को दबाया नहीं जा सकता है।

दूसरी ओर, सुरक्षा एजेंसियों और सरकार का मानना है कि राजधानी की कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए भीड़भाड़ वाले इलाकों में कड़े नियम जरूरी हैं। अधिकारियों का कहना है कि कई बार छोटे-छोटे धरनों की वजह से आम जनता को भारी जाम और परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या से निपटने के लिए दिल्ली के दूसरे कोनों में नए प्रोटेस्ट साइट्स बनाए गए हैं, ताकि शहर का ट्रैफिक भी सुचारू रूप से चलता रहे और प्रदर्शनकारियों को भी अपनी बात रखने की जगह मिल सके।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

विदेशी फंडिंग और राजनीतिक बयानों का नया दौर

हरीश साल्वे के बयान के बाद राजनीतिक दलों में भी जुबानी जंग तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर सरकार और सत्ताधारी दल पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि देश में खास विचारधारा के संगठनों को पूरी छूट दी जा रही है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि पुलिस प्रशासन को युवाओं की पिटाई करने तक के आदेश दिए गए हैं। विपक्षी दल इन बयानों के जरिए सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं और कह रहे हैं कि लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचला जा रहा है।

इन घरेलू विवादों के बीच अंतरराष्ट्रीय मंचों और बयानों पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग और न्यूयॉर्क टाइम्स जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय प्रकाशनों की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा है कि भारत के आंतरिक मामलों पर सवाल उठाने वाले संस्थान दुनिया के दूसरे हिस्सों में होने वाली घटनाओं पर चुप क्यों रहते हैं। उन्होंने इसे पश्चिमी मीडिया और संस्थाओं की दोहरी नीति करार दिया है।

द फ्रीलान्स की अंतिम ग्राउंड पड़ताल

हमारी जमीनी पड़ताल बताती है कि देश में एक तरफ जहां कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर विरोध प्रदर्शनों के तौर-तरीके बदले जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ वैचारिक लड़ाई तेज हो गई है। विदेशी फंडिंग के दावों की जांच होगी या नहीं, यह तो आने वाला वक्त बताएगा, लेकिन राजधानी में धरने-प्रदर्शनों की जगह बदलना और उस पर राजनीति गरमाना तय है। आम जनता इस पूरे घटनाक्रम में अपनी रोजमर्रा की परेशानियों और राजनीतिक बयानों के बीच पिसती नजर आ रही है।

प्रायोजित • SPONSORED
❤️
100% पाठक समर्थित मीडिया

निष्पक्ष व निडर पत्रकारिता को आपका साथ चाहिए

द फ्रीलांस बिना किसी कॉर्पोरेट या राजनीतिक दबाव के जनसरोकार की खबरें आप तक पहुँचाता है। आपका छोटा सा योगदान भी हमारी स्वतंत्रता की ताकत है।

संबंधित खबरें

CJP प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट की तीखी टिप्पणी, जंतर-मंतर पर बवाल और व्यापारियों का बड़ा दर्द

CJP प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट की तीखी टिप्पणी, जंतर-मंतर पर बवाल और व्यापारियों का बड़ा दर्द

हरीश साल्वे को चुनौती दे रहे हैं अभिजीत दीपके, फंडिंग पर सबके सामने दिया रिप्लाई

हरीश साल्वे को चुनौती दे रहे हैं अभिजीत दीपके, फंडिंग पर सबके सामने दिया रिप्लाई

अभिजीत दीपके का हरीश साल्वे को चैलेंज, फंडिंग वाली बात; नेपाल जैसी साजिश के आरोप

अभिजीत दीपके का हरीश साल्वे को चैलेंज, फंडिंग वाली बात; नेपाल जैसी साजिश के आरोप

प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा और 'दफा हो जाओ' के नारे, नेहा बोरा के आंदोलन पर गरमाई राजनीति

प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा और 'दफा हो जाओ' के नारे, नेहा बोरा के आंदोलन पर गरमाई राजनीति

टाटा ग्रुप में बड़ा अंदरूनी संग्राम: देश के दो दिग्गज वकील हरीश साल्वे और अभिषेक मनु सिंघवी आमने-सामने

टाटा ग्रुप में बड़ा अंदरूनी संग्राम: देश के दो दिग्गज वकील हरीश साल्वे और अभिषेक मनु सिंघवी आमने-सामने

तेलंगाना में राजनीतिक हलचल और मीडिया जगत की बदलती तस्वीर, 'नमा तेलंगाना' क्यों बना चर्चा का विषय

तेलंगाना में राजनीतिक हलचल और मीडिया जगत की बदलती तस्वीर, 'नमा तेलंगाना' क्यों बना चर्चा का विषय

कौन थीं रचना श्रॉफ? भारतीय-अमेरिकी वैज्ञान‍िक जिस कैंसर का ढूढ़ रही थीं इलाज, उसी से हुई मौत

कौन थीं रचना श्रॉफ? भारतीय-अमेरिकी वैज्ञान‍िक जिस कैंसर का ढूढ़ रही थीं इलाज, उसी से हुई मौत

भारत और वेस्टइंडीज के बीच क्रिकेट का नया महासंग्राम, अक्टूबर 2026 में टी-20 सीरीज और ताजा स्क्वाड पर बड़ा अपडेट

भारत और वेस्टइंडीज के बीच क्रिकेट का नया महासंग्राम, अक्टूबर 2026 में टी-20 सीरीज और ताजा स्क्वाड पर बड़ा अपडेट

✍️

नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस

सत्यापित संपादकीय डेस्क

राजनीतिक, नीतिगत एवं राष्ट्रीय सरोकार रिपोर्टिंग टीम

द फ्रीलांस की राष्ट्रीय संपादकीय डेस्क देश की राजनीति, संसद, नीतिगत फैसलों, केंद्रीय योजनाओं और जनसरोकार से जुड़े बड़े मुद्दों पर 24/7 निष्पक्ष, तथ्यपरक और खोजी रिपोर्टिंग करती है। यह टीम दोहरे तथ्य-सत्यापन के कठोर सिद्धांतों का पालन करती है। हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की जाती है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित विजुअल स्टोरीज (Web Stories)

TAP TO VIEW

‘हरीश साल्वे’ व देश से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें

CJP प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट की तीखी टिप्पणी, जंतर-मंतर पर बवाल और व्यापारियों का बड़ा दर्दNATIONAL

CJP प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट की तीखी टिप्पणी, जंतर-मंतर पर बवाल और व्यापारियों का बड़ा दर्द

16 अक्टू॰40
हरीश साल्वे को चुनौती दे रहे हैं अभिजीत दीपके, फंडिंग पर सबके सामने दिया रिप्लाईPOLITICS

हरीश साल्वे को चुनौती दे रहे हैं अभिजीत दीपके, फंडिंग पर सबके सामने दिया रिप्लाई

15 अक्टू॰44
अभिजीत दीपके का हरीश साल्वे को चैलेंज, फंडिंग वाली बात; नेपाल जैसी साजिश के आरोपPOLITICS

अभिजीत दीपके का हरीश साल्वे को चैलेंज, फंडिंग वाली बात; नेपाल जैसी साजिश के आरोप

15 अक्टू॰48
प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा और 'दफा हो जाओ' के नारे, नेहा बोरा के आंदोलन पर गरमाई राजनीतिNATIONAL

प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा और 'दफा हो जाओ' के नारे, नेहा बोरा के आंदोलन पर गरमाई राजनीति

16 अक्टू॰42
टाटा ग्रुप में बड़ा अंदरूनी संग्राम: देश के दो दिग्गज वकील हरीश साल्वे और अभिषेक मनु सिंघवी आमने-सामनेPOLITICS

टाटा ग्रुप में बड़ा अंदरूनी संग्राम: देश के दो दिग्गज वकील हरीश साल्वे और अभिषेक मनु सिंघवी आमने-सामने

21 सित॰53
तेलंगाना में राजनीतिक हलचल और मीडिया जगत की बदलती तस्वीर, 'नमा तेलंगाना' क्यों बना चर्चा का विषयNATIONAL

तेलंगाना में राजनीतिक हलचल और मीडिया जगत की बदलती तस्वीर, 'नमा तेलंगाना' क्यों बना चर्चा का विषय

16 अक्टू॰37
कौन थीं रचना श्रॉफ? भारतीय-अमेरिकी वैज्ञान‍िक जिस कैंसर का ढूढ़ रही थीं इलाज, उसी से हुई मौतNATIONAL

कौन थीं रचना श्रॉफ? भारतीय-अमेरिकी वैज्ञान‍िक जिस कैंसर का ढूढ़ रही थीं इलाज, उसी से हुई मौत

16 अक्टू॰24
भारत और वेस्टइंडीज के बीच क्रिकेट का नया महासंग्राम, अक्टूबर 2026 में टी-20 सीरीज और ताजा स्क्वाड पर बड़ा अपडेटNATIONAL

भारत और वेस्टइंडीज के बीच क्रिकेट का नया महासंग्राम, अक्टूबर 2026 में टी-20 सीरीज और ताजा स्क्वाड पर बड़ा अपडेट

16 अक्टू॰24
विज्ञापन • ADVERTISEMENT