नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ और वयोवृद्ध नेता लालकृष्ण आडवाणी से उनके आवास पर मुलाकात की है। सरकार के मुखिया के रूप में नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और प्रशासनिक सेवा के 25 साल पूरे हो चुके हैं। इस ऐतिहासिक और खास मौके पर प्रधानमंत्री ने आडवाणी से मिलकर उनका आशीर्वाद लिया। यह मुलाकात राजनीतिक गलियारों में खासी चर्चा का विषय बनी हुई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस मुलाकात के दौरान लालकृष्ण आडवाणी को पुष्पगुच्छ भेंट किया। दोनों नेताओं के बीच लंबी बातचीत हुई, जिसमें देश की राजनीति और पुराने दिनों की यादें भी शामिल रहीं। गुजरात के मुख्यमंत्री पद से लेकर देश के प्रधानमंत्री बनने तक का नरेंद्र मोदी का सफर इस साल 25वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। इसी महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंचकर उन्होंने अपने राजनीतिक गुरु और मार्गदर्शक माने जाने वाले आडवाणी से भेंट की।
गुजरात से दिल्ली तक का 25 साल का लंबा राजनीतिक सफर
नरेन्द्र मोदी ने साल 2001 में पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। उस समय देश के राजनीतिक पटल पर कई बड़े बदलाव हो रहे थे। गुजरात में आए भूकंप के बाद राज्य को संभालना और फिर उसे विकास के रास्ते पर लाना एक बड़ी चुनौती थी। लालकृष्ण आडवाणी उस दौर में पार्टी के सबसे बड़े नेताओं में शामिल थे और उन्होंने हमेशा नए नेतृत्व को आगे बढ़ाने का काम किया था।
मुख्यमंत्री के रूप में लंबा कार्यकाल पूरा करने के बाद नरेंद्र मोदी साल 2014 में देश के प्रधानमंत्री बने। उनका यह पूरा सफर लगभग ढाई दशकों का है जो अब 25 साल पूरे कर चुका है। इस दौरान देश की राजनीति में कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन आडवाणी और मोदी का राजनीतिक रिश्ता हमेशा मजबूत बना रहा। आडवाणी के आवास पर हुई इस मुलाकात की तस्वीरें सामने आते ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं।
वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी का देश के लिए अमूल्य योगदान
लालकृष्ण आडवाणी भारतीय राजनीति के उन चुनिंदा नेताओं में हैं जिन्होंने देश की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाई है। राम मंदिर आंदोलन से लेकर देश भर में जन जागरण यात्राएं निकालने तक, आडवाणी का राजनीतिक कद बहुत ऊंचा रहा है। देश के उप-प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के रूप में भी उन्होंने कई कड़े फैसले लिए। आज भी देश के तमाम बड़े नेता उनका सम्मान करते हैं और उनसे समय-समय पर मार्गदर्शन लेते रहते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कई मौकों पर सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार किया है कि उनके राजनीतिक जीवन को गढ़ने में आडवाणी जी का बहुत बड़ा हाथ है। जब भी कोई बड़ा राजनीतिक या व्यक्तिगत अवसर आता है, पीएम मोदी अक्सर आडवाणी से मिलने उनके घर जाते हैं। इस बार भी 25 साल पूरे होने की खुशी में उनका आशीर्वाद लेना उसी पुरानी परंपरा का हिस्सा है।
राजनीतिक हलकों में इस मुलाकात के क्या हैं मायने
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की मुलाकातें सिर्फ औपचारिक नहीं होतीं, बल्कि इनमें पुराने रिश्तों की गर्माहट और राजनीतिक संस्कृति की झलक मिलती है। आज की तेज-तर्रार राजनीति में वरिष्ठ नेताओं का सम्मान करना और उनके अनुभव से सीखना बहुत जरूरी माना जाता है। प्रधानमंत्री मोदी का यह कदम दिखाता है कि वे अपने पुराने साथियों और मार्गदर्शकों को कभी नहीं भूलते हैं।
आम जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच भी इस मुलाकात को लेकर काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली है। देश भर से लोग सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री मोदी और लालकृष्ण आडवाणी को इस सफर के लिए शुभकामनाएं दे रहे हैं। आने वाले दिनों में देश की राजनीति में इस तरह के संवाद और मेल-जोल की महत्ता और अधिक बढ़ जाती है।







