देशभर में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है और देखते ही देखते ठंड का असर लौटने लगा है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों तक मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अचानक तेज आंधी चली और झमाझम बारिश के साथ ओले भी गिरे। किसानों की चिंता इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से बढ़ गई है क्योंकि इससे रबी की फसलों को नुकसान की आशंका पैदा हो गई है। मौसम विभाग का कहना है कि चक्रवाती हवाओं के रुख में बदलाव के कारण यह स्थिति बनी है जिससे तापमान में अचानक गिरावट दर्ज की गई है।
मैदानी राज्यों की बात करें तो राजस्थान में भी मौसम का यही हाल देखने को मिला है। राज्य के कई हिस्सों में अचानक काले बादल छा गए और कई जगहों पर ओले गिरने की खबर सामने आई है। इसके अलावा मध्य प्रदेश और बिहार में भी बारिश का अलर्ट जारी कर दिया गया है जिससे लोगों को गर्मी से राहत तो मिली है, लेकिन ठिठुरन फिर से बढ़ गई है। झारखंड और आसपास के इलाकों में भी मॉनसून जैसे बादल मंडराने लगे हैं जिससे आने वाले दिनों में मौसम के और ज्यादा बिगड़ने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
पहाड़ों पर भारी बर्फबारी और पर्यटकों की मुश्किलें
पहाड़ी राज्यों की बात करें तो उत्तराखंड के प्रसिद्ध धाम केदारनाथ, बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब में बर्फबारी का दौर फिर से शुरू हो गया है। इन चारों धामों की चोटियां बर्फ की सफेद चादर से ढक चुकी हैं जिससे मंदिर परिसरों और आसपास के इलाकों में तापमान शून्य से नीचे चला गया है। हरिद्वार और मैदानी जिलों में भी हल्की बारिश के साथ ओले गिरने से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को मौसम खराब होने की वजह से पूरी सावधानी बरतने की सलाह दी है ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।
उधर जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भी बर्फबारी के बाद हालात चुनौतीपूर्ण हो गए हैं। जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी के बाद फंसे करीब 25 लोगों को सुरक्षा बलों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति और शिमला में भी पारा लुढ़क गया है। लाहौल-स्पीति में तापमान गिरकर माइनस शून्य दशमलव पांच डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। शिमला की सड़कों और छतों पर तीन इंच तक बर्फ जम चुकी है जिसे हटाने के लिए प्रशासन लगातार काम कर रहा है ताकि गाड़ियां आराम से निकल सकें।
पंजाब और मध्य भारत में कोहरे और बारिश का असर
उत्तर भारत के एक अन्य बड़े राज्य पंजाब में भी मौसम का अलग ही रूप देखने को मिल रहा है। सुबह के वक्त कई इलाकों में घना कोहरा छाया रहा जिससे सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई। विजिबिलिटी कम होने की वजह से ड्राइवरों को लाइट जलाकर चलना पड़ा। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की वजह से यह पूरा बदलाव आया है जो अगले दो से तीन दिनों तक ऐसा ही बना रह सकता है। मध्य प्रदेश और राजस्थान के कुछ चुनिंदा जिलों में भी अगले तीन दिनों तक ओले गिरने की चेतावनी दी गई है।
आम जनता और स्थानीय किसानों के लिए यह मौसम चिंता का विषय बन गया है। खेतों में खड़ी फसलें इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि की चपेट में आ रही हैं जिससे अन्नदाताओं के चेहरे पर शिकस्त साफ देखी जा सकती है। राज्य सरकारों और कृषि विभागों ने हालात पर नजर रखना शुरू कर दिया है ताकि नुकसान का आकलन समय रहते किया जा सके। द फ्रीलान्स की टीम लगातार मैदानी और पहाड़ी इलाकों से इस बदले मौसम के हर अपडेट पर कड़ी नजर बनाए हुए है।
प्रशासन की सतर्कता और आगे की चेतावनी
बदलते मौसम के मद्देनजर सभी संबंधित राज्यों के जिला प्रशासन को अलर्ट कर दिया गया है। पहाड़ी रास्तों पर बर्फ हटाने वाली मशीनों को तैनात कर दिया गया है ताकि सड़कों पर जाम न लगे। पर्यटकों से बार-बार अपील की जा रही है कि वे मौसम की स्थिति देखकर ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चौबीस घंटों के दौरान हवा की रफ्तार तेज रह सकती है और कुछ और नए इलाकों में भी हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है।







