उत्तराखंड की सियासत में भूचाल, मंत्री रेखा आर्या और पति का विवाद गहराया
उत्तराखंड की राजनीति में इस समय एक ऐसा पारिवारिक और राजनीतिक तूफान उठा है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच का आपसी मनमुटाव अब छुपा नहीं रहा है, बल्कि यह सीधे पुलिस थाने और राजनीतिक बयानों के जरिए जनता के सामने आ गया है। इस पूरे घटनाक्रम ने न केवल सत्ता के गलियारों में हलचल मचा दी है, बल्कि राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले की शुरुआत तब हुई जब मंत्री रेखा आर्या ने देहरादून के कैंट कोतवाली में अपने पति के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया। मंत्री की शिकायत के बाद पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया क्योंकि मामला एक मौजूदा कैबिनेट मंत्री से जुड़ा हुआ है। इसके तुरंत बाद राजनीति भी गर्मा गई और विपक्षी दलों को सरकार पर हमला करने का एक बड़ा मौका मिल गया है।
पति गिरधारी लाल साहू का पलटवार, वायरल ऑडियो को बताया एआई जनरेटेड
अपनी पत्नी और कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमों के बाद गिरधारी लाल साहू (जिन्हें पप्पू गिरधारी के नाम से भी जाना जाता है) ने चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने एक वीडियो जारी कर अपनी सफाई दी है और रेखा आर्या द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। साहू का दावा है कि उनके खिलाफ और उनसे जुड़ी जो बातें सामने आ रही हैं, वे निराधार हैं।
गिरधारी लाल साहू ने उस वायरल ऑडियो को लेकर बड़ा दावा किया है जिसके आधार पर यह पूरा विवाद तूल पकड़ रहा है। साहू का कहना है कि वह ऑडियो असली नहीं है, बल्कि उसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई तकनीक की मदद से तैयार किया गया है। उनके मुताबिक, यह सब उनके परिवार और दांपत्य जीवन में दरार डालने के लिए एक सोची-समझी साजिश के तहत किया गया है। उन्होंने अपनी पत्नी से मांग की है कि वह पुलिस में दी गई अपनी तहरीर को तुरंत वापस लें।
ऑडियो में छिपे थे रिश्तों के राज और संपत्ति के बंटवारे के दावे
यह पूरा विवाद एक ऑडियो रिकॉर्डिंग के इर्द-गिर्द घूमता नजर आ रहा है, जिसके सामने आने के बाद मंत्री रेखा आर्या ने सुरक्षा की गुहार लगाई थी। इस ऑडियो में एक महिला और एक पुरुष के बीच बातचीत सुनाई देती है, जिसमें कथित तौर पर संपत्ति के बंटवारे, कानूनी मामलों और राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चा हो रही है। बातचीत में यह भी जिक्र किया गया है कि मंत्री पद कितने समय के लिए है और किस तरह से आर्थिक लेन-देन की बात चल रही है।
हालांकि पति गिरधारी लाल साहू इन तमाम बातों को झूठ बता रहे हैं, लेकिन इस ऑडियो के सार्वजनिक होने के बाद से ही प्रशासनिक हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि आखिर इस ऑडियो की सच्चाई क्या है और इसे किसने रिकॉर्ड या प्रसारित किया है।
मंत्री रेखा आर्या के गंभीर आरोप और पुलिसिया कार्रवाई
इससे पहले मंत्री रेखा आर्या ने पुलिस में दी गई अपनी शिकायत में पति पर कई डरावने और गंभीर आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि उनके पति ने अपनी पहली शादी की बात उनसे छिपाई थी। जब उन्होंने इस बात का विरोध किया तो उनके साथ मारपीट की गई, गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकियां दी गईं। मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी आवास पर स्टाफ के सामने उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया।
रेखा आर्या की इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ एससी-एसटी एक्ट के तहत भी मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून के मुताबिक हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
विपक्ष ने धामी सरकार को घेरा, भ्रष्टाचार के लग रहे हैं गंभीर आरोप
इस पारिवारिक कलह ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है। कांग्रेस पार्टी ने इस पूरे प्रकरण को लेकर उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने सवाल उठाया है कि क्या मुख्यमंत्री को इस बात की जानकारी नहीं थी कि उनकी ही कैबिनेट की एक महिला मंत्री घरेलू स्तर पर किन प्रताड़नाओं से गुजर रही है। उन्होंने पति द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी है।
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी इस मामले में अपनी बात रखते हुए कहा कि जब राज्य की एक जिम्मेदार मंत्री खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है, तो आम जनता की सुरक्षा का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले के पीछे पैसों के लेनदेन और लूट से जुड़े गहरे तार हैं, जिसकी उच्च स्तर पर निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सारा सच जनता के सामने आ सके।
"जब एक कैबिनेट मंत्री को अपने ही घर में इस तरह की परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें अपनी सुरक्षा की गुहार लगानी पड़ रही है, तो यह प्रदेश की कानून व्यवस्था और प्रशासनिक स्थिति पर एक बहुत बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है। मुख्यमंत्री को इस मामले का संज्ञान लेकर स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर पर्दे के पीछे क्या खेल चल रहा है।" — राजनीतिक विश्लेषक एवं विपक्षी नेता
फिलहाल यह पूरा मामला उत्तराखंड की राजनीति का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है। एक तरफ जहां पुलिस कानूनी दांव-पेंच और तकनीकी जांच में जुटी है, वहीं दूसरी तरफ पति-पत्नी के इस सार्वजनिक विवाद ने कई अनछुए पहलुओं को उजागर कर दिया है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की पूरी संभावना जताई जा रही है।








