विज्ञापन • ADVERTISEMENT
होम/राजनीति/पलक्कड़ उपचुनाव में बागी पी. सरिन बने एलडीएफ के उम्मीदवार, कांग्रेस को हरियाणा जैसी हार की दी थी चेतावनी
राजनीतिपढ़ने में समय: 5 मिनट

पलक्कड़ उपचुनाव में बागी पी. सरिन बने एलडीएफ के उम्मीदवार, कांग्रेस को हरियाणा जैसी हार की दी थी चेतावनी

केरल के पलक्कड़ उपचुनाव में कांग्रेस से बगावत करने वाले डॉ. पी. सरिन को वाम मोर्चे यानी एलडीएफ ने अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। टिकट कटने से नाराज सरिन ने पहले ही पार्टी नेतृत्व को चेतावनी दी थी कि अगर उम्मीदवार नहीं बदले गए, तो पार्टी को हरियाणा जैसी हार का सामना करना पड़ सकता है। इस सियासी उठापटक से चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है और क्या सरिन यहां भाजपा के वोटों में सेंध लगा पाएंगे, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।
✍️
नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस
राष्ट्रीय संपादकीय ब्यूरो•12 अक्टूबर 2026 • अपडेटेड•45
🌐Read in English →
शेयर करें:
पलक्कड़ उपचुनाव में बागी पी. सरिन बने एलडीएफ के उम्मीदवार, कांग्रेस को हरियाणा जैसी हार की दी थी चेतावनी
📷 पलक्कड़ उपचुनाव में बागी पी. सरिन बने एलडीएफ के उम्मीदवार, कांग्रेस को हरियाणा जैसी हार की दी थी चेतावनी — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • केरल के पलक्कड़ उपचुनाव में कांग्रेस से बगावत करने वाले डॉ. पी. सरिन को वाम मोर्चे यानी एलडीएफ ने अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। टिकट कटने से नाराज सरिन ने पहले ही पार्टी नेतृत्व को चेतावनी दी थी कि अगर उम्मीदवार नहीं बदले गए, तो पार्टी को हरियाणा जैसी हार का सामना करना पड़ सकता है। इस सियासी उठापटक से चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है और क्या सरिन यहां भाजपा के वोटों में सेंध लगा पाएंगे, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।
  • इस खबर से जुड़े सभी पहलुओं की जांच और निगरानी संबंधित विभागों द्वारा की जा रही है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार इस घटनाक्रम का आम जनता पर सीधा असर पड़ सकता है।

केरल की राजनीति में इन दिनों पलक्कड़ उपचुनाव को लेकरवान गरमाया हुआ है। कांग्रेस पार्टी से बगावत करने वाले युवा नेता डॉक्टर पी. सरिन अब वाम मोर्चे यानी एलडीएफ के पाले में खड़े नजर आ रहे हैं। कांग्रेस नेतृत्व द्वारा टिकट न दिए जाने से नाराज चल रहे सरिन को एलडीएफ ने पलक्कड़ सीट से अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर दिया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब कुछ दिन पहले ही सरिन ने कांग्रेस पार्टी के अंदरूनी कामकाज पर तीखा सवाल उठाया था और राज्य नेतृत्व को खुली चेतावनी दी थी।

अपनी बगावत के दौरान डॉक्टर पी. सरिन ने मीडिया से खुलकर बात की थी। उन्होंने पार्टी आलाकमान को साफ शब्दों में चेताया था कि उम्मीदवारों की सूची में तुरंत बदलाव किया जाए। सरिन का कहना था कि अगर मनमाने तरीके से टिकट बांटे गए, तो कांग्रेस को हरियाणा विधानसभा चुनाव जैसी बुरी हार का सामना पलक्कड़ में भी करना पड़ सकता है। उनकी इस सीधी चेतावनी के बाद कांग्रेस में हड़कंप मच गया था। पार्टी नेताओं ने फौरन कार्रवाई करते हुए उन्हें अनुशासनात्मक कारणों का हवाला देकर पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था।

कांग्रेस की अनदेखी के बाद वाम मोर्चे का दांव

डॉक्टर पी. सरिन लंबे समय से कांग्रेस के सक्रिय और मुखर नेताओं में गिने जाते थे। युवा कांग्रेस और पार्टी के अन्य मंचों पर उन्होंने हमेशा अपनी बात मजबूती से रखी थी। लेकिन पलक्कड़ उपचुनाव के लिए जब उम्मीदवारों के नाम तय हो रहे थे, तब उनकी दावेदारी को दरकिनार कर दिया गया। अपनी अनदेखी से आहत सरिन ने सार्वजनिक रूप से पार्टी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। उनका मानना था कि जमीनी कार्यकर्ताओं की राय को दरकिनार करके फैसले लिए जा रहे हैं, जिससे आम कार्यकर्ताओं का मनोबल टूट रहा है।

कांग्रेस से निष्कासन के बाद वाम मोर्चे यानी एलडीएफ ने इस मौके को भुनाने में देर नहीं लगाई। एलडीएफ ने तुरंत रणनीति बदलते हुए डॉक्टर पी. सरिन को अपने पाले में खींच लिया और उन्हें पलक्कड़ से चुनावी मैदान में उतार दिया। वाम दलों का मानना है कि सरिन की छवि एक साफ-सुथरे और युवा नेता की है, जिसका फायदा उन्हें चुनाव में मिल सकता है। एलडीएफ के इस कदम से पलक्कड़ का राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गया है और मुकाबला अब त्रिकोणीय हो गया है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

क्या भाजपा के वोटों में सेंध लगा पाएंगे सरिन?

पलक्कड़ सीट पर इस समय राजनीतिक गलियारों में एक ही सवाल सबसे ज्यादा पूछा जा रहा है कि क्या डॉक्टर पी. सरिन यहां भाजपा के वोटों में बड़ी सेंध लगा पाएंगे। स्थानीय जानकारों का मानना है कि सरिन के आने से कांग्रेस के पारंपरिक वोटों के साथ-साथ कुछ तटस्थ वोट भी प्रभावित हो सकते हैं। चूंकि वे पहले कांग्रेस में थे, इसलिए पार्टी के भीतर उनकी अच्छी पकड़ और पहचान है। ऐसे में वे कांग्रेस के कुछ वोट अपने पाला खींच सकते हैं, जिससे सीधा नुकसान कांग्रेस को उठाना पड़ सकता है।

दूसरी तरफ, भाजपा भी इस सीट पर अपनी पूरी ताकत झोंक रही है। पलक्कड़ में भाजपा का अच्छा खासा जनाधार माना जाता है। राजनीतिक विश्लेषकों का यह भी आकलन है कि अगर सरिन चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो इससे भाजपा और कांग्रेस दोनों के समीकरण बिगड़ सकते हैं। चुनाव प्रचार का दौर जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, सरिन की मौजूदगी ने सभी दलों की नींद उड़ा दी है। अब देखना यह होगा कि पलक्कड़ की जनता इस बगावत और राजनीतिक उठापटक पर क्या फैसला सुनाती है।

मैदान में उतरीं सभी पार्टियों की नई चुनावी रणनीतियां

पलक्कड़ उपचुनाव के मद्देनजर सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति में बदलाव करना शुरू कर दिया है। कांग्रेस पार्टी के लिए यह सीट बचाना प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है, क्योंकि अपने ही बागी नेता के खिलाफ उन्हें अब जमीन पर उतरकर संघर्ष करना पड़ रहा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता लगातार निर्वाचन क्षेत्र में डेरा डाले हुए हैं और मतदाताओं को यह समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि पार्टी सर्वोपरि है। वहीं, एलडीएफ खेमा डॉक्टर पी. सरिन की उम्मीदवारी के सहारे अपनी जीत की जमीन तैयार करने में जुटा हुआ है।

द फ्रीलान्स की जमीनी पड़ताल बताती है कि पलक्कड़ के मतदाता इस बार काफी सोच-समझकर अपने मताधिकार का प्रयोग करने के मूड में हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अचानक हुए इन राजनीतिक घटनाक्रमों ने चुनाव को बहुत दिलचस्प बना दिया है। हर गली और नुक्कड़ पर बस इसी बात की चर्चा है कि बगावत का यह दांव किसके पक्ष में जाएगा। जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, सियासी दलों के बीच जुबानी जंग और तेज होती जा रही है।

प्रायोजित • SPONSORED
❤️
100% पाठक समर्थित मीडिया

निष्पक्ष व निडर पत्रकारिता को आपका साथ चाहिए

द फ्रीलांस बिना किसी कॉर्पोरेट या राजनीतिक दबाव के जनसरोकार की खबरें आप तक पहुँचाता है। आपका छोटा सा योगदान भी हमारी स्वतंत्रता की ताकत है।

संबंधित खबरें

आर श्रीलेखा की मुश्किलें बढ़ीं: पोक्सो मामले में केरल हाई कोर्ट से राहत, बीजेपी नेता और पूर्व डीजीपी पर क्या है आरोप

आर श्रीलेखा की मुश्किलें बढ़ीं: पोक्सो मामले में केरल हाई कोर्ट से राहत, बीजेपी नेता और पूर्व डीजीपी पर क्या है आरोप

यूपी मेगा सर्वे: मुख्यमंत्री की रेस में कौन आगे, जनता ने किसे माना सबसे दमदार नेता

यूपी मेगा सर्वे: मुख्यमंत्री की रेस में कौन आगे, जनता ने किसे माना सबसे दमदार नेता

रामलीला मैदान में एक नवंबर को बड़ी रैली करेगी कांग्रेस, दिल्ली पुलिस से मिली हरी झंडी और एनओसी

रामलीला मैदान में एक नवंबर को बड़ी रैली करेगी कांग्रेस, दिल्ली पुलिस से मिली हरी झंडी और एनओसी

न्याय की गुहार: सीबीआई जांच की मांग को लेकर अंकिता भंडारी के माता-पिता ने दिल्ली में टेके हाथ

न्याय की गुहार: सीबीआई जांच की मांग को लेकर अंकिता भंडारी के माता-पिता ने दिल्ली में टेके हाथ

अंकिता भंडारी हत्याकांड: दिल्ली में CBI अधिकारियों से मिले माता-पिता, उत्तराखंड में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन

अंकिता भंडारी हत्याकांड: दिल्ली में CBI अधिकारियों से मिले माता-पिता, उत्तराखंड में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन

विद्या बालन की नई फिल्म को लेकर गूगल पर क्यों मचा है बवाल

विद्या बालन की नई फिल्म को लेकर गूगल पर क्यों मचा है बवाल

केरल की बेटी अरुंधति ने सीएम योगी को लिखा भावुक खत, शादी में बुलाया और बताया अपना बड़ा भाई

केरल की बेटी अरुंधति ने सीएम योगी को लिखा भावुक खत, शादी में बुलाया और बताया अपना बड़ा भाई

दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के नाम पर अराजकता: यूट्यूबर ने सुरक्षा में तैनात महिला जवान को जड़ा थप्पड़, वीडियो वायरल

दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के नाम पर अराजकता: यूट्यूबर ने सुरक्षा में तैनात महिला जवान को जड़ा थप्पड़, वीडियो वायरल

✍️

नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस

सत्यापित संपादकीय डेस्क

राजनीतिक, नीतिगत एवं राष्ट्रीय सरोकार रिपोर्टिंग टीम

द फ्रीलांस की राष्ट्रीय संपादकीय डेस्क देश की राजनीति, संसद, नीतिगत फैसलों, केंद्रीय योजनाओं और जनसरोकार से जुड़े बड़े मुद्दों पर 24/7 निष्पक्ष, तथ्यपरक और खोजी रिपोर्टिंग करती है। यह टीम दोहरे तथ्य-सत्यापन के कठोर सिद्धांतों का पालन करती है। हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की जाती है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित विजुअल स्टोरीज (Web Stories)

TAP TO VIEW

‘पी सरिन’ व राजनीति से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें

आर श्रीलेखा की मुश्किलें बढ़ीं: पोक्सो मामले में केरल हाई कोर्ट से राहत, बीजेपी नेता और पूर्व डीजीपी पर क्या है आरोपPOLITICS

आर श्रीलेखा की मुश्किलें बढ़ीं: पोक्सो मामले में केरल हाई कोर्ट से राहत, बीजेपी नेता और पूर्व डीजीपी पर क्या है आरोप

16 अक्टू॰51
यूपी मेगा सर्वे: मुख्यमंत्री की रेस में कौन आगे, जनता ने किसे माना सबसे दमदार नेताPOLITICS

यूपी मेगा सर्वे: मुख्यमंत्री की रेस में कौन आगे, जनता ने किसे माना सबसे दमदार नेता

16 अक्टू॰39
रामलीला मैदान में एक नवंबर को बड़ी रैली करेगी कांग्रेस, दिल्ली पुलिस से मिली हरी झंडी और एनओसीPOLITICS

रामलीला मैदान में एक नवंबर को बड़ी रैली करेगी कांग्रेस, दिल्ली पुलिस से मिली हरी झंडी और एनओसी

17 अक्टू॰36
न्याय की गुहार: सीबीआई जांच की मांग को लेकर अंकिता भंडारी के माता-पिता ने दिल्ली में टेके हाथPOLITICS

न्याय की गुहार: सीबीआई जांच की मांग को लेकर अंकिता भंडारी के माता-पिता ने दिल्ली में टेके हाथ

17 अक्टू॰44
अंकिता भंडारी हत्याकांड: दिल्ली में CBI अधिकारियों से मिले माता-पिता, उत्तराखंड में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शनPOLITICS

अंकिता भंडारी हत्याकांड: दिल्ली में CBI अधिकारियों से मिले माता-पिता, उत्तराखंड में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन

17 अक्टू॰51
विद्या बालन की नई फिल्म को लेकर गूगल पर क्यों मचा है बवालPOLITICS

विद्या बालन की नई फिल्म को लेकर गूगल पर क्यों मचा है बवाल

16 अक्टू॰39
केरल की बेटी अरुंधति ने सीएम योगी को लिखा भावुक खत, शादी में बुलाया और बताया अपना बड़ा भाईPOLITICS

केरल की बेटी अरुंधति ने सीएम योगी को लिखा भावुक खत, शादी में बुलाया और बताया अपना बड़ा भाई

17 अक्टू॰47
दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के नाम पर अराजकता: यूट्यूबर ने सुरक्षा में तैनात महिला जवान को जड़ा थप्पड़, वीडियो वायरलPOLITICS

दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के नाम पर अराजकता: यूट्यूबर ने सुरक्षा में तैनात महिला जवान को जड़ा थप्पड़, वीडियो वायरल

17 अक्टू॰28
विज्ञापन • ADVERTISEMENT