विज्ञापन • ADVERTISEMENT
होम/राजनीति/तिहाड़ जेल में कैसे कटी CJP के सौरव दास और आशुतोष रांका की पहली रात? जमीन पर बिछाया कंबल और खानी पड़ी दाल-रोटी
राजनीतिपढ़ने में समय: 5 मिनट

तिहाड़ जेल में कैसे कटी CJP के सौरव दास और आशुतोष रांका की पहली रात? जमीन पर बिछाया कंबल और खानी पड़ी दाल-रोटी

सिटीजंस फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) के सौरव दास और आशुतोष रांका की तिहाड़ जेल में पहली रात काफी संघर्षपूर्ण रही। सुरक्षा कारणों से दोनों को अलग-अलग बैरक में रखा गया और उन्हें जमीन पर कंबल बिछाकर सोना पड़ा। जेल प्रशासन ने उन्हें सामान्य कैदियों की तरह दाल, रोटी और सब्जी परोसी, जिस पर हमारी ग्राउंड रिपोर्ट।
✍️
नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस
राष्ट्रीय संपादकीय ब्यूरो•15 अक्टूबर 2026 • अपडेटेड•30
🌐Read in English →
शेयर करें:
तिहाड़ जेल में कैसे कटी CJP के सौरव दास और आशुतोष रांका की पहली रात? जमीन पर बिछाया कंबल और खानी पड़ी दाल-रोटी
📷 तिहाड़ जेल में कैसे कटी CJP के सौरव दास और आशुतोष रांका की पहली रात? जमीन पर बिछाया कंबल और खानी पड़ी दाल-रोटी — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • सिटीजंस फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) के सौरव दास और आशुतोष रांका की तिहाड़ जेल में पहली रात काफी संघर्षपूर्ण रही। सुरक्षा कारणों से दोनों को अलग-अलग बैरक में रखा गया और उन्हें जमीन पर कंबल बिछाकर सोना पड़ा। जेल प्रशासन ने उन्हें सामान्य कैदियों की तरह दाल, रोटी और सब्जी परोसी, जिस पर हमारी ग्राउंड रिपोर्ट।
  • इस खबर से जुड़े सभी पहलुओं की जांच और निगरानी संबंधित विभागों द्वारा की जा रही है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार इस घटनाक्रम का आम जनता पर सीधा असर पड़ सकता है।

नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश की राजधानी की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली तिहाड़ जेल के अंदर से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। सिटीजंस फॉर जस्टिस एंड पीस यानी CJP से जुड़े सौरव दास और आशुतोष रांका की तिहाड़ जेल में पहली रात बेहद कठिन परिस्थितियों में बीती है। जेल के नियम और सुरक्षा के कड़े कायदों के बीच दोनों को आम कैदियों की तरह अपनी रात गुजारनी पड़ी। हमारे फील्ड रिपोर्टर ने इस मामले की अंदरूनी जानकारी जुटाई है कि जेल के अंदर उनकी पहली रात कैसी रही और उन्हें क्या-क्या सुविधाएं मिलीं।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, जेल प्रशासन ने सुरक्षा और नियमों का हवाला देते हुए दोनों कार्यकर्ताओं को एक ही वार्ड या सेल में रखने के बजाय अलग-अलग बैरकों में रखा है। तिहाड़ जेल की उच्च सुरक्षा व्यवस्था के तहत नए आने वाले कैदियों को पहले कुछ दिन क्वारंटीन या ऑब्जर्वेशन सेल में रखा जाता है। जेल के सूत्रों का कहना है कि सुरक्षा के लिहाज से दोनों पर खास नजर रखी जा रही है ताकि जेल के अंदर किसी भी तरह के विवाद या खतरे से बचा जा सके। जेल मैनुअल के मुताबिक दोनों को जेल के सामान्य वार्ड की तर्ज पर ही रखा गया है।

जमीन पर बिछाया गया कंबल और मिला सादा भोजन

तिहाड़ जेल की चारदीवारी के अंदर सौरव दास और आशुतोष रांका की रात जमीन पर कंबल बिछाकर कटी। जेल नियमों के अनुसार, शुरुआती दिनों में या सामान्य बैरकों में कैदियों को बिस्तर के रूप में केवल कंबल और चादर दी जाती है, और दोनों को भी यही बुनियादी चीजें उपलब्ध कराई गईं। खाने की बात करें तो जेल के भोजनालय से दोनों को कैदियों के तय मेनू के हिसाब से सामान्य दाल, रोटी और सब्जी दी गई। जेल अधिकारियों ने बताया कि दोनों ने बिना किसी विशेष मांग के सामान्य कैदियों की तरह ही जेल का खाना खाया और रात बिताई।

जेल के अंदर सुरक्षा एक बहुत बड़ा मुद्दा होता है, खासकर जब चर्चित मामलों से जुड़े लोग अंदर आते हैं। सूत्रों के अनुसार, तिहाड़ जेल प्रशासन ने सौरव दास और आशुतोष रांका की सुरक्षा को लेकर कड़े इंतजाम किए हैं। जेल की बैरक के बाहर 24 घंटे सुरक्षा कर्मियों का पहरा लगाया गया है ताकि किसी भी अनहोनी या पुरानी रंजिश के खतरे को टाला जा सके। तिहाड़ जैसी बड़ी जेलों में कैदियों के बीच आपसी झड़प और ब्लेडबाजी का खतरा हमेशा बना रहता है, जिसे देखते हुए प्रशासन किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

राजनीतिक गलियारों और CJP के मामलों पर हलचल तेज

इस पूरी कार्रवाई और गिरफ्तारी के बाद से राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। CJP और विभिन्न संगठनों के बीच आपसी तालमेल तथा सामाजिक मुद्दों पर इनके रुख को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। खासकर उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों के आगामी राजनीतिक घटनाक्रमों पर इस पूरे प्रकरण का क्या असर पड़ेगा, इस पर विश्लेषक अपनी नजर बनाए हुए हैं। हालांकि, कानूनी जानकारों का कहना है कि मामला पूरी तरह से न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है और अदालत के निर्देशों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय होगी।

जेल के अंदर कैदियों के साथ आम दिनों की तरह ही व्यवहार किया जा रहा है और किसी भी तरह की वीआईपी सुविधा दिए जाने से साफ इनकार किया गया है। जेल मैनुअल के हर नियम का सख्ती से पालन करवाया जा रहा है ताकि कानून के सामने सब बराबर दिखें। परिवार के सदस्यों या वकीलों की मुलाकात के लिए भी जेल प्रशासन ने तय नियम बनाए हैं, जिसके तहत ही आगे मिलने की अनुमति दी जाएगी। द फ्रीलान्स की टीम इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और आगे भी जेल के अंदर से जुड़ी हर पुख्ता जानकारी आप तक पहुंचाती रहेगी।

सुरक्षा के कड़े पहरे में बीता समय और आगे की कानूनी राह

तिहाड़ जेल के सूत्रों का यह भी कहना है कि दोनों कार्यकर्ताओं के स्वास्थ्य पर जेल के डॉक्टरों की टीम लगातार नजर रख रही है। उम्र और स्वास्थ्य संबंधी प्राथमिक जांच के बाद उन्हें जरूरी दवाइयां और सलाह दी गई है। जेल के अंदर तनाव का माहौल न बने, इसके लिए संतरी और सुरक्षा गार्डों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। जैसे-जैसे मामले की अगली सुनवाई नजदीक आएगी, वकीलों की टीम कानूनी राहत के लिए उच्च अदालतों का रुख कर सकती है। तब तक तिहाड़ की सलाखों के पीछे दोनों का यह कठिन समय यूं ही बीतने की उम्मीद है।

प्रायोजित • SPONSORED
❤️
100% पाठक समर्थित मीडिया

निष्पक्ष व निडर पत्रकारिता को आपका साथ चाहिए

द फ्रीलांस बिना किसी कॉर्पोरेट या राजनीतिक दबाव के जनसरोकार की खबरें आप तक पहुँचाता है। आपका छोटा सा योगदान भी हमारी स्वतंत्रता की ताकत है।

संबंधित खबरें

आर श्रीलेखा की मुश्किलें बढ़ीं: पोक्सो मामले में केरल हाई कोर्ट से राहत, बीजेपी नेता और पूर्व डीजीपी पर क्या है आरोप

आर श्रीलेखा की मुश्किलें बढ़ीं: पोक्सो मामले में केरल हाई कोर्ट से राहत, बीजेपी नेता और पूर्व डीजीपी पर क्या है आरोप

यूपी मेगा सर्वे: मुख्यमंत्री की रेस में कौन आगे, जनता ने किसे माना सबसे दमदार नेता

यूपी मेगा सर्वे: मुख्यमंत्री की रेस में कौन आगे, जनता ने किसे माना सबसे दमदार नेता

ईरान पर अगले हमले में अमेरिका गिराएगा 'मदर ऑफ ऑल बॉम्ब', बन गई है योजना

ईरान पर अगले हमले में अमेरिका गिराएगा 'मदर ऑफ ऑल बॉम्ब', बन गई है योजना

सौरभ राजपूत हत्याकांड: मुस्कान को मेरठ नहीं मथुरा जेल में क्यों दी जा सकती है फांसी, जानिए वजह

सौरभ राजपूत हत्याकांड: मुस्कान को मेरठ नहीं मथुरा जेल में क्यों दी जा सकती है फांसी, जानिए वजह

विद्या बालन की नई फिल्म को लेकर गूगल पर क्यों मचा है बवाल

विद्या बालन की नई फिल्म को लेकर गूगल पर क्यों मचा है बवाल

केरल की बेटी अरुंधति ने सीएम योगी को लिखा भावुक खत, शादी में बुलाया और बताया अपना बड़ा भाई

केरल की बेटी अरुंधति ने सीएम योगी को लिखा भावुक खत, शादी में बुलाया और बताया अपना बड़ा भाई

दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के नाम पर अराजकता: यूट्यूबर ने सुरक्षा में तैनात महिला जवान को जड़ा थप्पड़, वीडियो वायरल

दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के नाम पर अराजकता: यूट्यूबर ने सुरक्षा में तैनात महिला जवान को जड़ा थप्पड़, वीडियो वायरल

रामलीला मैदान में एक नवंबर को बड़ी रैली करेगी कांग्रेस, दिल्ली पुलिस से मिली हरी झंडी और एनओसी

रामलीला मैदान में एक नवंबर को बड़ी रैली करेगी कांग्रेस, दिल्ली पुलिस से मिली हरी झंडी और एनओसी

✍️

नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस

सत्यापित संपादकीय डेस्क

राजनीतिक, नीतिगत एवं राष्ट्रीय सरोकार रिपोर्टिंग टीम

द फ्रीलांस की राष्ट्रीय संपादकीय डेस्क देश की राजनीति, संसद, नीतिगत फैसलों, केंद्रीय योजनाओं और जनसरोकार से जुड़े बड़े मुद्दों पर 24/7 निष्पक्ष, तथ्यपरक और खोजी रिपोर्टिंग करती है। यह टीम दोहरे तथ्य-सत्यापन के कठोर सिद्धांतों का पालन करती है। हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की जाती है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित विजुअल स्टोरीज (Web Stories)

TAP TO VIEW

‘तिहाड़ जेल’ व राजनीति से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें

आर श्रीलेखा की मुश्किलें बढ़ीं: पोक्सो मामले में केरल हाई कोर्ट से राहत, बीजेपी नेता और पूर्व डीजीपी पर क्या है आरोपPOLITICS

आर श्रीलेखा की मुश्किलें बढ़ीं: पोक्सो मामले में केरल हाई कोर्ट से राहत, बीजेपी नेता और पूर्व डीजीपी पर क्या है आरोप

16 अक्टू॰51
यूपी मेगा सर्वे: मुख्यमंत्री की रेस में कौन आगे, जनता ने किसे माना सबसे दमदार नेताPOLITICS

यूपी मेगा सर्वे: मुख्यमंत्री की रेस में कौन आगे, जनता ने किसे माना सबसे दमदार नेता

16 अक्टू॰39
ईरान पर अगले हमले में अमेरिका गिराएगा 'मदर ऑफ ऑल बॉम्ब', बन गई है योजनाPOLITICS

ईरान पर अगले हमले में अमेरिका गिराएगा 'मदर ऑफ ऑल बॉम्ब', बन गई है योजना

16 अक्टू॰27
सौरभ राजपूत हत्याकांड: मुस्कान को मेरठ नहीं मथुरा जेल में क्यों दी जा सकती है फांसी, जानिए वजहPOLITICS

सौरभ राजपूत हत्याकांड: मुस्कान को मेरठ नहीं मथुरा जेल में क्यों दी जा सकती है फांसी, जानिए वजह

17 अक्टू॰31
विद्या बालन की नई फिल्म को लेकर गूगल पर क्यों मचा है बवालPOLITICS

विद्या बालन की नई फिल्म को लेकर गूगल पर क्यों मचा है बवाल

16 अक्टू॰39
केरल की बेटी अरुंधति ने सीएम योगी को लिखा भावुक खत, शादी में बुलाया और बताया अपना बड़ा भाईPOLITICS

केरल की बेटी अरुंधति ने सीएम योगी को लिखा भावुक खत, शादी में बुलाया और बताया अपना बड़ा भाई

17 अक्टू॰47
दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के नाम पर अराजकता: यूट्यूबर ने सुरक्षा में तैनात महिला जवान को जड़ा थप्पड़, वीडियो वायरलPOLITICS

दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के नाम पर अराजकता: यूट्यूबर ने सुरक्षा में तैनात महिला जवान को जड़ा थप्पड़, वीडियो वायरल

17 अक्टू॰28
रामलीला मैदान में एक नवंबर को बड़ी रैली करेगी कांग्रेस, दिल्ली पुलिस से मिली हरी झंडी और एनओसीPOLITICS

रामलीला मैदान में एक नवंबर को बड़ी रैली करेगी कांग्रेस, दिल्ली पुलिस से मिली हरी झंडी और एनओसी

17 अक्टू॰36
विज्ञापन • ADVERTISEMENT