वाराणसी — 'द फ्रीलान्स' के ऑन-द-ग्राउंड कवरेज के मुताबिक, बाबा विश्वनाथ की नगरी वाराणसी में मौसम ने अचानक करवट ली है। दोपहर तक खिली धूप और उमस से परेशान लोगों को राहत तब मिली जब आसमान में काले बादल छा गए। एक बड़ी राजनीतिक जनसभा के समाप्त होते ही शहर में तेज हवाएं चलने लगीं और देखते ही देखते झमाझम बारिश शुरू हो गई। मौसम के इस अचानक बदलाव ने स्थानीय प्रशासन और आम जनता को पूरी तरह चौंका दिया है।
शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, इस अचानक आई आंधी और बारिश से शहर के कई इलाकों में बिजली गुल हो गई है। कई जगह सड़कों पर जलजमाव होने से लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नगर निगम की टीमें पानी निकासी के काम में जुट गई हैं, लेकिन ट्रैफिक की रफ्तार धीमी पड़ गई है। दफ्तरों से घर लौट रहे लोगों को रास्ते में भारी जाम का सामना करना पड़ा है क्योंकि कई मुख्य मार्गों पर पेड़ की डालियां टूटकर गिर गई हैं।
बाabatपुर एयरपोर्ट पर विमानों की लैंडिंग प्रभावित
खराब मौसम का सबसे ज्यादा असर लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर देखने को मिला है। आसमान में छाई घनी आंधी और कम विजिबिलिटी के कारण तीन उड़ानों की सुरक्षित लैंडिंग नहीं हो सकी। एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने सुरक्षा कारणों से इन विमानों को लखनऊ एयरपोर्ट के लिए डायवर्ट कर दिया है। विमानों के समय पर लैंड न होने से यात्रियों को एयरपोर्ट पर ही घंटों इंतजार करना पड़ा, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इस अचानक हुई बारिश से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। पारा 31 डिग्री सेल्सियस से लुढ़क कर सीधे 26 डिग्री पर आ गया है, जिससे उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली है। हालांकि, ग्रामीण इलाकों से मिल रही खबरों के अनुसार हरहुआ और उसके आसपास के क्षेत्रों में हल्की ओलावृष्टि भी दर्ज की गई है, जिससे धान और सब्जियों की खड़ी फसलों को हल्के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
पूर्वांचल के दस जिलों में बारिश का नया अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र ने पहले ही अंदेशा जताया था कि मानसून की विदाई से ठीक पहले एक बार फिर मौसम करवट लेगा। वाराणसी के अलावा बलिया, गाजीपुर, जौनपुर और मीरजापुर समेत कुल दस जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण ऊपरी वायुमंडल में नमी बढ़ी है, जिसकी वजह से इस तरह की अचानक गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बेमौसम बारिश ने त्योहारी सीजन से पहले की तैयारियों पर थोड़ा असर डाला है। बाजारों में खरीदारी करने निकले लोग अचानक भीग गए और दुकानदारों को भी सामान समेटने का मौका नहीं मिला। हालांकि, लंबे समय से पड़ रही उमस भरी गर्मी के बाद ठंडी हवाओं के चलने से मौसम सुहाना हो गया है और लोगों ने राहत की सांस ली है।
प्रशासन की अपील और आगे की स्थिति
जिला प्रशासन ने शहरवासियों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान पुराने पेड़ों या कमजोर बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। आपदा प्रबंधन विभाग को पूरी तरह सतर्क कर दिया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। 'द फ्रीलान्स' की टीम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जैसे ही मौसम विभाग से कोई नया अपडेट आएगा, पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाया जाएगा।





