नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश भर के करोड़ों नौकरीपेशा लोगों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ से जुड़ी खबरें इन दिनों सबसे ज्यादा सर्च की जा रही हैं। गूगल ट्रेंड्स पर अचानक इस विषय को लेकर लोगों की दिलचस्पी बहुत बढ़ गई है। हर कोई यह जानना चाहता है कि उनके पीएफ खाते, ब्याज के पैसों और ऑनलाइन सेवाओं में क्या नया बदलाव हुआ है। हमारी टीम ने इस मामले की तह तक जाने के लिए दिल्ली से लेकर अलग-अलग शहरों तक पड़ताल की है। नौकरी करने वाले हर व्यक्ति के लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि उनका पैसा और उनका भविष्य निधि खाता पूरी तरह सुरक्षित है या नहीं।
पिछले कुछ दिनों में ईपीएफओ के पोर्टल पर तकनीकी दिक्कतों और नए नियमों को लेकर काफी चर्चा देखने को मिली है। बहुत से कर्मचारियों को अपने पैसे निकालने यानी एडवांस क्लेम करने में परेशानी आ रही है। जब हमारे रिपोर्टर ने क्षेत्रीय दफ्तरों का दौरा किया तो पता चला कि सर्वर धीमा होने की वजह से काम अटक जाता है। लोग सुबह से लाइन में खड़े होकर अपनी समस्या का समाधान ढूंढ रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि सिस्टम को बेहतर बनाने का काम चल रहा है ताकि आने वाले दिनों में किसी को भी दिक्कत न उठानी पड़े।
पीएफ खातों में ब्याज के पैसे और नए नियम
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के हर सदस्य के मन में सबसे बड़ा सवाल ब्याज के पैसों को लेकर रहता है। पिछले वित्त वर्ष का ब्याज खातों में पहुंचना शुरू हो गया है लेकिन कई लोगों को अभी तक मैसेज नहीं मिला है। बैंक खाते और आधार कार्ड की जानकारी सही न होने के कारण भी कई बार पैसा अटक जाता है। विभाग के जानकारों का कहना है कि जिन लोगों ने अपने दस्तावेज पूरे कर लिए हैं उनके खातों में रकम समय पर भेजी जा रही है। अगर किसी का पैसा रुका है तो उसे तुरंत अपने ऑफिस के जरिए पोर्टल पर सही जानकारी अपडेट करनी चाहिए।
ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार के बाद अब ज्यादातर काम घर बैठे ही मोबाइल या कंप्यूटर से हो जाते हैं। इसके बावजूद कई बार तकनीकी खामियों के कारण पासबुक नहीं खुलती या यूएएन पासवर्ड रीसेट करने में दिक्कत आती है। सोशल मीडिया पर भी इन दिनों इन परेशानियों को लेकर लोग अपनी बात रख रहे हैं। हमारी पड़ताल में सामने आया कि छोटे शहरों के कर्मचारियों को जानकारी के अभाव में ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ती है। कई फर्जी वेबसाइट्स भी लोगों को ठगने के लिए सक्रिय हो जाती हैं जो ग्राहकों से उनकी निजी जानकारी मांगती हैं।
फ्रॉड कॉल और फर्जी संदेशों से बचने की सलाह
ईपीएफओ ने अपने सभी सदस्यों के लिए एक जरूरी चेतावनी जारी की है जिसमें साफ कहा गया है कि विभाग कभी भी फोन पर पासवर्ड या ओटीपी नहीं मांगता। आजकल साइबर ठग बैंक खाते या पीएफ का पैसा निकालने के नाम पर लोगों को फोन कर रहे हैं। वे कर्मचारियों को डराकर उनकी गोपनीय जानकारी चुरा लेते हैं और पलभर में खाता खाली कर देते हैं। हमारी ग्राउंड टीम ने पाया कि जागरूक न होने के कारण कई भोले-भाले लोग इन ठगों के जाल में फंस जाते हैं। पुलिस और साइबर सेल लगातार ऐसे मामलों में कार्रवाई कर रही है लेकिन सावधानी रखना सबसे बड़ा बचाव है।
देश के लाखों प्राइवेट और सरकारी संस्थानों में काम करने वाले लोग अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए पीएफ पर ही भरोसा करते हैं। ऐसे में संगठन की जिम्मेदारी बनती है कि वह अपनी सेवाओं को और अधिक पारदर्शी और आसान बनाए। कर्मचारी चाहते हैं कि बिना किसी चक्कर के उनके छोटे-छोटे काम ऑनलाइन ही तुरंत हो जाएं। द फ्रीलान्स की इस विशेष पड़ताल से यह साफ होता है कि सिस्टम में सुधार की गुंजाइश अभी भी काफी बाकी है। हम इस पूरे मामले पर आगे भी अपनी पैनी नजर बनाए रखेंगे और हर नया अपडेट आप तक सबसे पहले पहुंचाएंगे।









