दरभंगा फोरलेन पर व्यापारी को बनाया गया था निशाना
रात के सन्नाटे में सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हुए अपराधियों ने एक बार फिर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई थी। मामला मुजफ्फरपुर के व्यस्त और संवेदनशील माने जाने वाले दरभंगा फोरलेन इलाके का है। यहां सत्संग भवन के पास अपराधियों ने एक स्थानीय व्यापारी को अपना आसान शिकार बनाया। पीड़ित व्यापारी राजीव कुमार अपनी रोजमर्रा की तरह काम निपटाकर स्कूटी से अपने घर की ओर लौट रहे थे। सुनसान सड़क का फायदा उठाकर घात लगाए बैठे बदमाशों ने उनकी राह रोक ली और चंद मिनटों में पूरी वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।
इस सनसनीखेज वारदात के बाद से इलाके के व्यापारियों में भारी रोष और दहशत का माहौल था। कारोबारियों का कहना है कि रात के समय मुख्य मार्गों पर पुलिस गश्त न होने के कारण अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई और मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन जांच के आदेश दिए गए। पुलिस अधिकारियों ने मौके का मुआयना किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालना शुरू किए ताकि अपराधियों का कोई सुराग हाथ लग सके।
चाकू की नोक पर की गई थी लूटपाट
प्राथमिक जांच में सामने आया कि पीड़ित राजीव कुमार जब अपनी स्कूटी से गुजर रहे थे, तब अपाचे या इसी तरह की एक अन्य बाइक पर सवार तीन बदमाशों ने उन्हें ओवरटेक कर रोक लिया। बदमाशों ने बिना किसी देरी के व्यापारी पर चाकू तान दिया और जान से मारने की धमकी देने लगे। डर के माहौल के बीच बदमाशों ने व्यापारी की जेब से 22 हजार रुपये नकद, गले से सोने की चेन और उनका कीमती मोबाइल फोन जबरन छीन लिया। विरोध करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई, जिससे घबराए व्यापारी ने चुपचाप अपनी जान बचाना ही बेहतर समझा।
वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश मौके से हवा हो गए। पीड़ित ने किसी तरह घर पहुंचकर अपने परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी और इसके बाद थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश के लिए विशेष टीमों का गठन किया। इस तरह की वारदातों से स्थानीय कारोबारियों में असुरक्षा की भावना घर कर गई थी, जिसके कारण पुलिस पर जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़ने का भारी दबाव था।
विशेष पुलिस टीम ने ऐसे बिछाया जाल
व्यापारी से हुई लूट की इस घटना को चुनौती के रूप में लेते हुए जिला प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने एक विशेष जांच दल (Special Team) का गठन किया। ग्रामीण एसपी के निर्देशन और स्थानीय पुलिस की सक्रियता के बूते पुलिस टीम ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर तंत्र का जाल बिछाया। लूटे गए मोबाइल फोन की लोकेशन को ट्रैक किया जाने लगा और उस रास्ते पर आने-जाने वाले संदिग्ध वाहनों की शिनाख्त की गई।
पुलिस की इस संयुक्त कार्रवाई के दौरान कई संदिग्धों से पूछताछ की गई, जिसके बाद कड़ियां जुड़ती चली गईं। टीम ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और लोकल इंटेलिजेंस की मदद से अपराधियों के छिपने के ठिकानों का पता लगा लिया। पुलिस की यह रणनीति आखिरकार रंग लाई और वारदात के छह दिनों के भीतर ही मुख्य अपराधियों तक पहुंचने में सफलता हासिल हो गई।
बोचहां और गरहां से हुई आरोपियों की गिरफ्तारी
छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो शातिर बदमाशों को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों की पहचान बोचहां थाना क्षेत्र के रहने वाले इंद्रजीत कुमार उर्फ अंजीत कुमार और गरहां इलाके के रोहित कुमार उर्फ भाऊ के रूप में हुई है। पुलिस ने जब इनसे कड़ाई से पूछताछ की, तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने लूटा गया मोबाइल फोन और घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है।
"व्यापारी से लूट की इस घटना को हमारी विशेष टीमों ने तत्परता से काम करते हुए सुलझा लिया है। दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से लूटा गया सामान और बाइक बरामद कर ली गई है। फरार चल रहे तीसरे आरोपी की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है और उसे भी जल्द ही सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।" — राजेश सिंह प्रभाकर, ग्रामीण एसपी
कानून व्यवस्था और आगे की कार्रवाई
इस सफल खुलासे के बाद पुलिस अब इस गिरोह के अन्य आपराधिक इतिहास को खंगालने में जुट गई है। अधिकारियों का मानना है कि ये दोनों शातिर बदमाश पहले भी इस तरह की कई अन्य वारदातों में शामिल रहे होंगे। पूछताछ के दौरान इन्होंने कई और खुलासे किए हैं, जिनके आधार पर इनके अन्य साथियों की तलाश की जा रही है। पुलिस का यह भी कहना है कि शहर में रात के समय गश्त को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा ताकि इस तरह की घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है, लेकिन साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद करने की मांग भी की है। फिलहाल गिरफ्तार दोनों बदमाशों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है, और पुलिस का पूरा फोकस फरार चल रहे तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी पर है ताकि इस पूरे आपराधिक नेटवर्क का पूरी तरह से पर्दाफाश किया जा सके।












