नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश भर के लाखों युवाओं का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। भारतीय डाक विभाग ने ग्रामीण डाक सेवक यानी जीडीएस भर्ती की पहली मेरिट लिस्ट आधिकारिक रूप से जारी कर दी है। इस बार जुलाई सेशन के तहत कुल 23,757 खाली पदों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाना है। जिन नौजवानों ने इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था, वे अब अपनी किस्मत आजमा सकते हैं और मेरिट लिस्ट में अपना नाम देख सकते हैं। डाक विभाग ने सभी राज्यों के लिए अलग-अलग पीडीएफ फाइलें अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दी हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह पहली मेरिट लिस्ट पूरी तरह से हाई स्कूल यानी दसवीं कक्षा के प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार की गई है। विभाग ने किसी भी प्रकार की लिखित परीक्षा का आयोजन नहीं किया था। मेरिट लिस्ट में जिन अभ्यर्थियों का नाम आया है, उन्हें अब आगे की प्रक्रिया से गुजरना होगा। उम्मीदवारों को अपने सभी मूल दस्तावेजों के साथ निर्धारित तारीख तक संबंधित अधिकारियों के सामने पेश होना होगा। चयन सूची देखने के बाद छात्रों में खुशी का माहौल है और वे अपने दस्तावेजों को दुरुस्त करने में जुट गए हैं।
ऐसे डाउनलोड करें अपने राज्य की मेरिट लिस्ट
अपना नाम और रोल नंबर चेक करने के लिए उम्मीदवारों को सबसे पहले इंडिया पोस्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। होमपेज पर दिए गए जीडीएस ऑनलाइन पोर्टल के लिंक पर क्लिक करना होगा। इसके बाद अपने राज्य के विकल्प का चुनाव करना होगा, जहां से आपने आवेदन किया था। राज्य के लिंक पर क्लिक करते ही आपके सामने पहली मेरिट लिस्ट की पीडीएफ डाउनलोड हो जाएगी। इस पीडीएफ फाइल को खोलने के बाद आप अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या नाम खोज सकते हैं। यदि आपका नाम इस सूची में शामिल है, तो समझ लीजिए कि आपने चयन प्रक्रिया का पहला बड़ा पड़ाव पार कर लिया है।
छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे पीडीएफ डाउनलोड करने के बाद अपना पंजीकरण नंबर और अंक बहुत सावधानी से मिलाएं। कई बार एक जैसे नाम होने के कारण भ्रम की स्थिति बन जाती है। इसलिए अपने रोल नंबर और रजिस्ट्रेशन नंबर से ही अंतिम मिलान करें। अगर आपका नाम इस पहली सूची में नहीं आया है, तो आपको निराश होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। विभाग द्वारा आने वाले दिनों में दूसरी और तीसरी मेरिट लिस्ट भी जारी की जा सकती है, जिसके जरिए खाली बचे पदों को भरा जाएगा।
27 अक्टूबर तक पूरा करना होगा डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन
मेरिट लिस्ट में नाम आने के बाद असली काम शुरू होता है, जो कि दस्तावेज सत्यापन यानी डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन का है। विभाग के ताजा निर्देशों के अनुसार, चयनित उम्मीदवारों को 27 अक्टूबर तक हर हाल में अपने दस्तावेजों की जांच करवानी होगी। इसके लिए उम्मीदवारों को उनके डिवीजनल हेड यानी प्रवर अधीक्षक या अधीक्षक डाकघर के कार्यालय में उपस्थित होना होगा। समय सीमा बहुत कम है, इसलिए किसी भी प्रकार की कोताही भारी पड़ सकती है। तय तारीख के भीतर सत्यापन न करवाने पर आपका अभ्यर्थित्व रद्द किया जा सकता है और आपकी जगह प्रतीक्षा सूची वाले उम्मीदवार को मौका मिल जाएगा।
दस्तावेज सत्यापन के समय उम्मीदवारों को अपने साथ कई अहम कागजात ले जाने होंगे। इसमें दसवीं कक्षा की मूल अंकसूची, जन्म प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, कंप्यूटर योग्यता प्रमाण पत्र और आधार कार्ड शामिल हैं। सभी दस्तावेजों की मूल प्रतियों के साथ कम से कम दो सेट फोटोकॉपी भी साथ ले जानी जरूरी है। इसके अलावा पासपोर्ट साइज रंगीन फोटोग्राफ भी अपने साथ रखें। हमारे रिपोर्टर ने जब कुछ स्थानीय डाक कार्यालयों का दौरा किया, तो पाया कि अधिकारीयों ने वेरिफिकेशन प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए विशेष काउंटर बनाए हैं ताकि छात्रों को लंबी लाइनों में परेशान न होना पड़े।
भविष्य की प्रक्रिया और ग्रामीण डाक सेवक की जिम्मेदारी
ग्रामीण डाक सेवक का यह पद ग्रामीण भारत में डाक सेवाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इसमें ब्रांच पोस्ट मास्टर और असिस्टेंट ब्रांच पोस्ट मास्टर जैसे पद शामिल होते हैं। चयनित होने वाले युवाओं को अपने ही क्षेत्र या आसपास के गांवों में डाक विभाग की योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाना होता है। जिन लोगों का नाम इस पहली सूची में आ चुका है, वे अपनी कागजी कार्रवाई समय पर पूरी कर लें ताकि नियुक्ति पत्र मिलने में कोई रुकावट न आए। द फ्रीलान्स की टीम इस पूरी प्रक्रिया पर लगातार नजर बनाए रखेगी और आगे आने वाली सूचियों की अपडेट भी आप तक सबसे पहले पहुंचाती रहेगी।








