नई दिल्ली और सूरत — द फ्रीलान्स की ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में इस समय एसयूवी सेगमेंट को लेकर बड़ा उत्साह देखने को मिल रहा है। गुजरात के सूरत शहर में एमजी हेक्टर टोमाहॉक ईवी की डिलीवरी का बहुप्रतीक्षित चरण आधिकारिक रूप से शुरू हो चुका है। कंपनी ने पहले ही दिन स्थानीय ग्राहकों को एक साथ पचास यूनिट्स की चाबी सौंपी है। इस मौके पर शोरूम पर बड़ी संख्या में ग्राहक और ऑटोमोबाइल प्रेमी मौजूद रहे। वाहन चालकों के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर यह क्रेज इस बात का सबूत है कि लोग अब पारंपरिक पेट्रोल और डीजल गाड़ियों से हटकर नए और आधुनिक विकल्पों को तेजी से अपना रहे हैं।
बाजार से मिल रही शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, देश के अलग-अलग हिस्सों में इस एसयूवी की बंपर डिमांड दर्ज की जा रही है। कई डीलर्स का कहना है कि कुल बुकिंग का आंकड़ा अब दस हजार के अहम पड़ाव को पार कर चुका है। कंपनी ने इस गाड़ी की कीमत और इसकी ड्राइविंग रेंज को इस तरह से तय किया है कि यह मध्यम वर्गीय और आधुनिक परिवारों दोनों की उम्मीदों पर खरी उतरती है। लंबी दूरी की यात्रा के लिए इसकी बैटरी क्षमता और चार्जिंग नेटवर्क को लेकर भी ग्राहकों में सकारात्मक चर्चा हो रही है, जिससे इसकी बिक्री में लगातार तेजी आ रही है।
सूरत में एक साथ पचास यूनिट्स की रिकॉर्ड डिलीवरी
सूरत के मुख्य एमजी मोटर शोरूम में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान पहले दिन पचास ग्राहकों को उनकी नई टोमाहॉक ईवी सौंपी गई। स्थानीय खरीदारों का कहना है कि वे पिछले कई हफ्तों से इस गाड़ी का इंतजार कर रहे थे। एक ग्राहक ने बताया कि इस कार का लुक और इसका केबिन बहुत ही आरामदायक है। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक होने के कारण इसका खर्च भी पेट्रोल गाड़ियों के मुकाबले काफी कम आएगा। शोरूम प्रबंधन का दावा है कि आने वाले दिनों में डिलीवरी की संख्या और बढ़ाई जाएगी ताकि वेटिंग पीरियड को कम किया जा सके और ग्राहकों को ज्यादा इंतजार न करना पड़े।
इस नई एसयूवी की कीमत और इसकी बैटरी रेंज ने बाजार में एक नई प्रतिस्पर्धा को जन्म दे दिया है। दूसरी कंपनियों की इलेक्ट्रिक गाड़ियां भी बाजार में मौजूद हैं, लेकिन एमजी हेक्टर टोमाहॉक ईवी के फीचर्स और स्पेस ने ग्राहकों को ज्यादा आकर्षित किया है। इसमें मिलने वाले आधुनिक टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, सुरक्षा के कड़े इंतजाम और कनेक्टेड कार फीचर्स इसे अपने सेगमेंट में सबसे अलग बनाते हैं। कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि वे देश के टियर-वन और टियर-टू शहरों में अपने चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को भी लगातार मजबूत कर रहे हैं ताकि वाहन चालकों को सफर के दौरान किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
सेकंड हैंड बाजार में भी एमजी हेक्टर की मांग बरकरार
एक तरफ जहां नई इलेक्ट्रिक और पेट्रोल वेरिएंट्स की मांग आसमान छू रही है, वहीं दूसरी तरफ यूज्ड कार मार्केट में भी एमजी हेक्टर का दबदबा कायम है। आगरा और आसपास के इलाकों में हाल ही में लगभग नई जैसी दो हजार छब्बीस मॉडल की एमजी हेक्टर कार करीब तेरह लाख इकसठ हजार रुपये में बिक्री के लिए लिस्ट की गई है। जानकारों का मानना है कि जो लोग नई गाड़ी खरीदने का बजट नहीं बना पा रहे हैं, वे इस तरह के लगभग नए सेकंड हैंड विकल्पों को चुन रहे हैं। इससे यह साफ होता है कि इस ब्रांड की रीसेल वैल्यू भी बाजार में काफी मजबूत स्थिति में बनी हुई है।
द फ्रीलान्स की इस जमीनी पड़ताल से यह स्पष्ट है कि भारतीय कार बाजार में इलेक्ट्रिक एसयूवी का भविष्य उज्ज्वल दिखाई दे रहा है। ऑटोमोबाइल सेक्टर के जानकारों का अनुमान है कि आने वाले त्योहारी सीजन में इन गाड़ियों की मांग में और भी ज्यादा उछाल आ सकता है। जैसे-जैसे देश भर में चार्जिंग स्टेशन बढ़ेंगे और बैटरियों की तकनीक में सुधार होगा, आम जनता का भरोसा इलेक्ट्रिक वाहनों पर और अधिक मजबूत होता जाएगा। कंपनी की यह रणनीति आने वाले महीनों में भारतीय ऑटो बाजार की तस्वीर बदलने का दम रखती है।
भविष्य की रणनीति और ग्राहकों की प्रतिक्रिया
एमजी मोटर इंडिया की आने वाले महीनों में अपनी उत्पादन क्षमता को और बढ़ाने की योजना है ताकि बढ़ती हुई डिमांड को समय पर पूरा किया जा सके। कंपनी का जोर न केवल बड़े महानगरों बल्कि छोटे शहरों और कस्बों तक अपनी पहुंच बनाने पर है। स्थानीय स्तर पर मिल रही प्रतिक्रिया से यह साबित होता है कि भारतीय ग्राहक अब आधुनिक तकनीक, शानदार डिजाइन और पर्यावरण के अनुकूल सफर को पहली प्राथमिकता दे रहे हैं। द फ्रीलान्स की टीम इस पूरी प्रक्रिया पर आगे भी अपनी पैनी नजर बनाए रखेगी और बाजार से जुड़े हर नए अपडेट को पाठकों तक पहुंचाती रहेगी।












